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दो हत्यारों को आजीवन कारावास
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Tue, 08 Mar 2016 11:56 PM IST
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अदालत
- फोटो : अमर उजाला
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रामविहार कॉलोनी में साढ़े तीन साल पहले हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने दो हत्यारोपियोें को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
कोर्ट ने तीसरे आरोपी की पत्रावली को अलग कर दिया है। जबकि चौथा आरोपी अभी भी फरार है।जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद शारिक ने बताया कि रामबिहार कॉलोनी निवासी राजवीर उर्फ राजन का कुछ लोगों से विवाद चल रहा था।
18 अक्टूबर 2012 की रात 8 बजे राजवीर उर्फ राजन भतीजे अमित व पड़ोसी धर्मवीर के साथ घर के सामने बैठे हुए थे। तभी दो बाइकों पर महेंद्र व उसका लड़का पुष्पेंद्र उर्फ पोरवी निवासी खेतलपुर भांसौली थाना कोतवाली देहात और किशन व शिवकुमार आए।
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चारों ने आते ही पिस्टलों से ताबड़तोड़ फायरिंग की। इसमें राजवीर उर्फ राजन की मौत हो गई और धर्मवीर घायल हो गया था। राजवीर की पत्नी सर्वेश देवी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। घटना के समय से पुष्पेंद्र के फरार रहने पर उसकी चार्जशीट बाद में आई और उसकी पत्रावली अलग कर दी गई है।
अभियुक्त शिवकुमार बहस के दौरान फरार हो गया था। जिसकी कुर्की की गई थी। न्यायाधीश एडीजे द्वितीय रमेश चंद गुप्ता ने दोनों पक्षों की बहस को सुनकर महेंद्र व किशन को हत्या व हत्या के प्रयास में दोषी मानकर सजा सुनाई।
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कोर्ट ने तीसरे आरोपी की पत्रावली को अलग कर दिया है। जबकि चौथा आरोपी अभी भी फरार है।जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद शारिक ने बताया कि रामबिहार कॉलोनी निवासी राजवीर उर्फ राजन का कुछ लोगों से विवाद चल रहा था।
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18 अक्टूबर 2012 की रात 8 बजे राजवीर उर्फ राजन भतीजे अमित व पड़ोसी धर्मवीर के साथ घर के सामने बैठे हुए थे। तभी दो बाइकों पर महेंद्र व उसका लड़का पुष्पेंद्र उर्फ पोरवी निवासी खेतलपुर भांसौली थाना कोतवाली देहात और किशन व शिवकुमार आए।
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चारों ने आते ही पिस्टलों से ताबड़तोड़ फायरिंग की। इसमें राजवीर उर्फ राजन की मौत हो गई और धर्मवीर घायल हो गया था। राजवीर की पत्नी सर्वेश देवी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। घटना के समय से पुष्पेंद्र के फरार रहने पर उसकी चार्जशीट बाद में आई और उसकी पत्रावली अलग कर दी गई है।
अभियुक्त शिवकुमार बहस के दौरान फरार हो गया था। जिसकी कुर्की की गई थी। न्यायाधीश एडीजे द्वितीय रमेश चंद गुप्ता ने दोनों पक्षों की बहस को सुनकर महेंद्र व किशन को हत्या व हत्या के प्रयास में दोषी मानकर सजा सुनाई।