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सूचना समय से उपलब्ध न कराने पर 25 हजार जुर्माना
बदायूं, ब्यूरो
Updated Wed, 09 Mar 2016 11:56 PM IST
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पीडी से मांगी गई थीं सांसद निधि के कार्य से संबंधी सूचना
राज्य सूचना आयुक्त ने डीआरडीए के परियोजना निदेशक द्वारा सूचनाएं समय से न दिए जाने के एक मामले में 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उनका पक्ष जानने को भी समय दिया है।
शहर की पटियाली सराय निवासी सुरेंद्र कुमार गुप्ता पुत्र शमशेर बहादुर गुप्ता ने 31 मार्च 2014 में परिशेजना निदेशक से सूचनाएं मांगी थी। विधान सभा दातागंज और शेखूपर में हुए सांसद निधि के विकास कार्य के लिए सभी मूल प्रपत्र की छाया प्रति मांगी गई। इसके अलावा विधायक और सांसद निधि के कार्यों का स्टीमेट के अनुसार डीआरडीए, आरईएस, पीडब्ल्यूडी को धन दे दिए जाने के बाद कितने समय में काम पूरा किया गया। इसके नियम और शासनादेश की प्रमाणित छाया प्रति भी मांगी गई। इन दो बिंदुओं पर पीडी ने समय रहते जन सूचना नहीं दी बाद में वादी ने अपीलीय अधिकारियों से भी सूचना के संबंध में पत्र दिए। जब सूचना नहीं मिली तो उसने राज्य सूचना आयुक्त के कोर्ट की शरण ली। इसमें पीडी पर 25 हजार रुपये की धनराशि का जुर्माना लगाया गया। अब राज्य सूचना आयुक्त ने प्रतिवादी का पक्ष भी मांगा है। प्रतिवादी की और ग्राम पंचायत अधिकारी दुर्गपाल सिंह उपस्थित हुए। अब सूचना का अधिकार मांगने वाले सुरेंद्र कुमार गुप्ता पर निर्भर है कि उनकी सूचना से संतुष्ट हैं कि नहीं। इस प्रकरण को लेकर डीआरडीए लंबे समय से चर्चा में है।
राज्य सूचना आयुक्त ने डीआरडीए के परियोजना निदेशक द्वारा सूचनाएं समय से न दिए जाने के एक मामले में 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उनका पक्ष जानने को भी समय दिया है।
शहर की पटियाली सराय निवासी सुरेंद्र कुमार गुप्ता पुत्र शमशेर बहादुर गुप्ता ने 31 मार्च 2014 में परिशेजना निदेशक से सूचनाएं मांगी थी। विधान सभा दातागंज और शेखूपर में हुए सांसद निधि के विकास कार्य के लिए सभी मूल प्रपत्र की छाया प्रति मांगी गई। इसके अलावा विधायक और सांसद निधि के कार्यों का स्टीमेट के अनुसार डीआरडीए, आरईएस, पीडब्ल्यूडी को धन दे दिए जाने के बाद कितने समय में काम पूरा किया गया। इसके नियम और शासनादेश की प्रमाणित छाया प्रति भी मांगी गई। इन दो बिंदुओं पर पीडी ने समय रहते जन सूचना नहीं दी बाद में वादी ने अपीलीय अधिकारियों से भी सूचना के संबंध में पत्र दिए। जब सूचना नहीं मिली तो उसने राज्य सूचना आयुक्त के कोर्ट की शरण ली। इसमें पीडी पर 25 हजार रुपये की धनराशि का जुर्माना लगाया गया। अब राज्य सूचना आयुक्त ने प्रतिवादी का पक्ष भी मांगा है। प्रतिवादी की और ग्राम पंचायत अधिकारी दुर्गपाल सिंह उपस्थित हुए। अब सूचना का अधिकार मांगने वाले सुरेंद्र कुमार गुप्ता पर निर्भर है कि उनकी सूचना से संतुष्ट हैं कि नहीं। इस प्रकरण को लेकर डीआरडीए लंबे समय से चर्चा में है।
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