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‘नमामि गंगे’ के तहत कछला में बनेंगे घाट

Tue, 15 Mar 2016 12:13 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Tue, 15 Mar 2016 12:13 AM IST
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" Gange Namami under Ferries will be in Kcla
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‘नमामि’ गंगे योजना के तहत शासन के निर्देश पर जिले में कछला गंगा तट पर घाट निर्माण और सुंदरीकरण को बड़ी कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। डीएम शंभूनाथ के साथ जल्दी ही बाढ़ खंड के एक्सईएन मौका मुआयना करेंगे। बाद में कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। 
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प्रदेश शासन की मंशा है कि कछला गंगा घाट को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए जिले से कछला गंगा तट पर घाट निर्माण को कार्ययोजना बनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस काम के लिए बाढ़ खंड को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक्सईएन बाढ़ खंड अरविंद वर्मा अपने अधीनस्थों के साथ कार्ययोजना निर्माण में सक्रिय हो गए हैं। कार्ययोजना को अंतिम रूप देने से पहले पूर्व डीएम के साथ बाढ़ खंड के इंजीनियरों की टीम मौका मुआयना भी करेगी। इस संबंध में एक्सईएन और डीएम की बैठक भी हो चुकी है। माना जा रहा है कि कार्ययोजना तैयार करने में करीब एक माह का समय लग सकता है।     
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गंगा के स्थान बदलते रहने से दुष्कर होगा यहां घाट का निर्माण 
बदायूं। कछला में गंगा किनारे घाटों के निर्माण को लेकर गंगा की स्थिति सबसे ज्यादा परेशान करने वाली है। करीब आधा किमी के गंगा के फाट में गंगा दक्षिणी तट पर बह रही है। दक्षिणी तट कासगंज जिला में है। ऐसे में दूसरे जिले में कार्ययोजना का मतलब नहीं रह जाता है। इसलिए बाढ़ खंड और जिला प्रशासन अपने जिले में ही घाटों का निर्माण कराना चाहेगा। शासन ने भी कार्ययोजना बदायूं से मांगी है, न कि कासगंज जिले से। इसलिए यहां काम उलझन भरा है। 
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गंगा की धार कछला तट पर लाने पर भी चल रही कार्ययोजना 
बदायूं। कछला में गंगा का उत्तरी किनारा कासगंज तो दक्षिणी किनारा बदायूं जिला की सीमा में है। इस समय गंगा दक्षिणी किनारे से लगकर बह रही है। ऐसे हालातों में घाटों के निर्माण की समस्या के समाधान का एक ही रास्ता है कि गंगा को पश्चिम से मोड़कर उत्तरी तटों की ओर लाया जाए। इसमें एक धार इस तट को हमेशा सटकर बहेगी। तब कछला में गंगा घाट उपयोगी हो जाएंगे। 
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बदायूं के गंगा तट पर लगते हैं अधिकतर मेले 
बदायूं। कछला गंगा घाट की अपनी अलग अहमियत है। तमाम मेला और स्नान पर्व पर बदायूं जिले के कछला गंगा घाट ही रौनकजदा होते हैं। इसलिए गंगा के इसी ओर घाटों का निर्माण उपयोगी होगा न कि दूसरी ओर का तट। बाढ़ खंड इस बात को भी ध्यान में रखकर कार्ययोजना तैयार करेगा। यही वजह है कि डीएम भी कार्ययोजना का अंतिम रूप देने से पूर्व बाढ़ खंड अधिकारियों के साथ मौका मुआयना करेंगे।  
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डिजानिंग डिपार्टमेंट से आए एक्सईएन से मिलेगी बड़ी सहायता
बदायूं। हाल ही में लखनऊ बाढ़ खंड के डिजाइनिंग डिपार्टमेंट से तबादले पर आए बाढ़ खंड के एक्एईएन अरविंद वर्मा इसलिए घाटों की कार्ययोजना में विशेष सिद्ध सहायक होंगे कि वह डिजाइनिंग डिपार्टमेंट से ही आए हैं। उनके द्वारा बड़े-बड़े प्रोजेक्टों की डिजाइन तैयार की जाती रही हैं। बदायूं में कार्ययोजना के वह खुद कर्णधार बने हैं। 

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बदायूं में चार्ज लेने के साथ ही पहली कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। नमामि गंगे योजना के तहत इस कार्ययोजना को चुनौती मानकर सभी बातों का ख्याल रखते हुए सुंदर डिजाइन में तैयार किया जाएगा। 
- अरविंद वर्मा, एक्सईएन, बाढ़ खंड
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