{"_id":"56e1bf114f1c1bbd458b45ce","slug":"14-years-imprisonment-for-rape-accused","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म के आरोपी को 14 वर्ष कठोर कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दुष्कर्म के आरोपी को 14 वर्ष कठोर कैद
basti
Updated Fri, 11 Mar 2016 12:08 AM IST
विज्ञापन
मुकदमा
- फोटो : demo pic
बस्ती में विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) अशोक कुमार सिंह ने किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने के आरोपी को 14 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख तीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अर्थदंड अदा न करने पर चार वर्ष दस माह अतिरिक्त कारावास पीड़ित को भुगतना होगा। वहीं अर्थदंड की राशि में से 50 प्रतिशत नियमानुसार पीड़िता को दी जाएगी।
विशेष लोक अभियोजक राजेंद्र शंकर द्विवेदी ने बताया कि पीड़िता कोतवाली थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उसके चाचा ने 14 मार्च 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि उनके भाई दिल्ली में रहकर नौकरी करते हैं।
विज्ञापन
उनकी 15 वर्षीय बड़ी बेटी उनके घर रहकर इंटर कॉलेज में पढ़ती है। बीती रात से वह घर से गायब हो गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। बाद में वादी को घर के बच्चों ने बताया, कि मानसबल निवासी पुरनियां थाना वासुदेवपुर जिला मुदका उड़ीसा दो-चार दिन पहले घर पर आया था। जिसका आना-जाना दिल्ली वाले मकान पर भी था।
28 अप्रैल 2013 को मानसबल के साथ किशोरी बरामद हुई। किशोरी ने बताया कि उसकी इच्छा के विरुद्ध आरोपी उससे दुष्कर्म किया। उसको भगाने में सत्य प्रकाश निवासी छपिया पाठक, थाना बखिरा, जिला संतकबीरनगर, गीता पांडेय व रीता पाठक निवासी पिकौरा बख्स हाईडिल कालोनी थाना कोतवाली बस्ती का भी हाथ रहा।
पीड़िता के बयान मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर चारों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल हुआ। सत्य प्रकाश, गीता व रीता के मामले की कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेश पर स्थगित कर दी गई। केवल मानसबल के मुकदमे का विचारण किया गया।
अभियोजन की तरफ से वादी पीड़िता सहित ग्यारह गवाहों के बयान हुये। बचाव पक्ष ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इंकार किया। गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर जज ने मानसबल को किशोरी को बहला फुसलाकर और दुष्कर्म के आरोप में दोषी मानते हुये सजा सुनाई।
विज्ञापन
अर्थदंड अदा न करने पर चार वर्ष दस माह अतिरिक्त कारावास पीड़ित को भुगतना होगा। वहीं अर्थदंड की राशि में से 50 प्रतिशत नियमानुसार पीड़िता को दी जाएगी।
विज्ञापन
विशेष लोक अभियोजक राजेंद्र शंकर द्विवेदी ने बताया कि पीड़िता कोतवाली थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उसके चाचा ने 14 मार्च 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि उनके भाई दिल्ली में रहकर नौकरी करते हैं।
विज्ञापन
उनकी 15 वर्षीय बड़ी बेटी उनके घर रहकर इंटर कॉलेज में पढ़ती है। बीती रात से वह घर से गायब हो गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। बाद में वादी को घर के बच्चों ने बताया, कि मानसबल निवासी पुरनियां थाना वासुदेवपुर जिला मुदका उड़ीसा दो-चार दिन पहले घर पर आया था। जिसका आना-जाना दिल्ली वाले मकान पर भी था।
28 अप्रैल 2013 को मानसबल के साथ किशोरी बरामद हुई। किशोरी ने बताया कि उसकी इच्छा के विरुद्ध आरोपी उससे दुष्कर्म किया। उसको भगाने में सत्य प्रकाश निवासी छपिया पाठक, थाना बखिरा, जिला संतकबीरनगर, गीता पांडेय व रीता पाठक निवासी पिकौरा बख्स हाईडिल कालोनी थाना कोतवाली बस्ती का भी हाथ रहा।
पीड़िता के बयान मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर चारों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल हुआ। सत्य प्रकाश, गीता व रीता के मामले की कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेश पर स्थगित कर दी गई। केवल मानसबल के मुकदमे का विचारण किया गया।
अभियोजन की तरफ से वादी पीड़िता सहित ग्यारह गवाहों के बयान हुये। बचाव पक्ष ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इंकार किया। गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर जज ने मानसबल को किशोरी को बहला फुसलाकर और दुष्कर्म के आरोप में दोषी मानते हुये सजा सुनाई।