{"_id":"56df18e54f1c1b5f788b45bd","slug":"demand-right","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंगनबाड़ियों ने मांगा राज्य कर्मचारी का दर्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंगनबाड़ियों ने मांगा राज्य कर्मचारी का दर्जा
अमर उजाला ब्यूरो/बांदा
Updated Tue, 08 Mar 2016 11:54 PM IST
विज्ञापन
प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मंगलवार को अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासंघ ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर आक्रोश दिवस मनाया। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग पर आंदोलन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने एक बार फिर प्रधानमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए प्रदर्शन के बाद 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी सईद अहमद को दिया।
महासंघ की मंडल अध्यक्ष नीलम वर्मा ने कहा कि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन के अगले चरण में देश भर की आंगनबाड़ियां आमरण अनशन करेंगी। उन्होंने मोदी सरकार के अच्छे दिनों के नारे पर कहा कि आंगनबाड़ियों के बुरे दिन लाने का षड़यंत्र रचा जा रहा है। वर्ष 2016-17 के बजट में आंगनबाड़ियों को सिर्फ निराशा हाथ लगी है।
प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि अन्य राज्यों की तरह मानदेय में वृद्धि, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी बराबर का मानदेय, मुख्य सेविका और लिपिक के पदों पर आंगनबाड़ी को पदोन्नति देकर नियुक्ति, मानदेय में हर वर्ष वृद्धि, मृत्यु पर आश्रित को योग्यतानुसार नियुक्ति और पांच लाख रुपये मुआवजा, केंद्रों के लिए गैस सिलेंडर और बर्तन आदि दिया जाए। प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष किरन सेठ, महामंत्री रजनी मरजीना, ब्लॉक अध्यक्ष विमला देवी (बड़ोखर), सुधा सिंह (तिंदवारी), माया (जसपुरा), शोभा (महुआ), शैल सिंह (कमासिन), सुषमा (नरैनी), कौशिल्या (बबेरू) और देवी कुमारी (बिसंडा) आदि शामिल रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
महासंघ की मंडल अध्यक्ष नीलम वर्मा ने कहा कि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन के अगले चरण में देश भर की आंगनबाड़ियां आमरण अनशन करेंगी। उन्होंने मोदी सरकार के अच्छे दिनों के नारे पर कहा कि आंगनबाड़ियों के बुरे दिन लाने का षड़यंत्र रचा जा रहा है। वर्ष 2016-17 के बजट में आंगनबाड़ियों को सिर्फ निराशा हाथ लगी है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि अन्य राज्यों की तरह मानदेय में वृद्धि, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी बराबर का मानदेय, मुख्य सेविका और लिपिक के पदों पर आंगनबाड़ी को पदोन्नति देकर नियुक्ति, मानदेय में हर वर्ष वृद्धि, मृत्यु पर आश्रित को योग्यतानुसार नियुक्ति और पांच लाख रुपये मुआवजा, केंद्रों के लिए गैस सिलेंडर और बर्तन आदि दिया जाए। प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष किरन सेठ, महामंत्री रजनी मरजीना, ब्लॉक अध्यक्ष विमला देवी (बड़ोखर), सुधा सिंह (तिंदवारी), माया (जसपुरा), शोभा (महुआ), शैल सिंह (कमासिन), सुषमा (नरैनी), कौशिल्या (बबेरू) और देवी कुमारी (बिसंडा) आदि शामिल रहीं।
विज्ञापन