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रसोइया और अध्यापक पहले चखें मिड-डे मील
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 06 Mar 2016 11:54 PM IST
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अतर्रा में महुआ ब्लाक की मिड-डे मील टास्क फोर्स की बैठक।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। मिड-डे मील बच्चों को परोसने से पहले रसोइया और अध्यापक खुद चखकर देखेंगे। खाने का सैंपल उस दिन स्कूल बंद होने तक प्रधानाध्यापक के पास सुरक्षित रखा जाएगा। इसी तरह राशन का सैंपल भी हर महीने भी स्कूल में रखना होगा। यह निर्देश शासन ने जारी किए हैं। शनिवार को अतर्रा तहसील में आयोजित महुआ ब्लाक की मिड-डे मील टास्क फोर्स की बैठक में यह जानकारियां दी गईं।
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महुआ ब्लाक के लगभग 70 प्रधान और संकुल प्रभारी उपस्थित थे। एसडीएम पुष्पराज सिंह ने मिड-डे मील के बारे में शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश बताए। कहा कि किचन और बर्तन से लेकर राशन तक में सफाई और मानक का खास ध्यान रखा जाए।
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किचन में लकड़ी, कंडे का भंडार न हो और न ही आसपास जलभराव और घास पूस हो। बच्चों को खिलाने से पहले रसोइया और अध्यापक मिड-डे मील चखकर जायका आदि परखें। खाने से पूर्व बच्चों को हाथ धोने की आदत डलवाएं।
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हर बुधवार को प्राइमरी स्कूल के बच्चों को 100 मिलीलीटर और जूनियर हाईस्कूल के बच्चों को 150 मिलीलीटर दूध दिया जाए। निरीक्षण पंजिका भी रखी जाए। प्रधानों से कहा गया कि वह मिड-डे मील में व्यक्तिगत रुचि लें। एबीएसए शिव औतार सहित पीएचसी प्रभारी भी उपस्थित थे। ब्लाक समन्वयक (मिड-डे मील) प्रदीप श्रीवास्तव ने सभी का आभार जताया।