फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   seven-year-old innocent child died due to high dose injection by quack doctor

झोलाछाप डॉक्टर ने ली जान: बलरामपुर में हाई डोज से सात साल के मासूम की मौत, मृतक की मां ने की ये मांग

Thu, 25 Sep 2025 04:57 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर (छत्तीसगढ़)
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर (छत्तीसगढ़) Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 25 Sep 2025 04:57 PM IST
सार

बलरामपुर में एक झोलाछाप डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जहां एक सात साल के मासूम की हाई डोज इंजेक्शन से मौत हो गई है। मेडिकल स्टोर संचालक ने खुद को डॉक्टर बताया। 

विज्ञापन
seven-year-old innocent child died due to high dose injection by quack doctor
सात साल के मासूम की मौत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर के मेन रोड स्थित एक कथित मेडिकल स्टोर में इलाज के नाम पर झोलाछाप डॉक्टर द्वारा लापरवाही बरतने का गंभीर मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक 8 निवासी सुशीला एक्का ने सिटी कोतवाली बलरामपुर में लिखित शिकायत देते हुए आरोप लगाया है कि शम्भू मेडिकल स्टोर संचालक शम्भू विश्वकर्मा ने अपने आपको डॉक्टर बताकर उनके सात वर्षीय पुत्र को हाई डोज इंजेक्शन दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

विज्ञापन


मिली जानकारी के मुताबिक, 24 सितम्बर की रात लगभग 8:30 बजे, सुशीला एक्का अपने पुत्र अनमोल एक्का (उम्र 7 वर्ष) को घुटने में घाव होने के कारण शम्भू मेडिकल स्टोर लेकर गई थीं। वहां मौजूद शम्भू विश्वकर्मा ने स्वयं को डॉक्टर बताते हुए टेक्सिम 500 एमजी का इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही बच्चा बेहोश हो गया।
विज्ञापन


इसके बाद शम्भू विश्वकर्मा स्वयं अपनी बाइक से बच्चे को जिला अस्पताल लेकर गया, जहां से स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने अम्बिकापुर रेफर कर दिया। परंतु इलाज के दौरान बच्चे को होश नहीं आया और उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीड़िता सुशीला एक्का ने बताया कि शम्भू विश्वकर्मा किसी प्रकार की मेडिकल डिग्री नहीं रखता और लंबे समय से मेडिकल स्टोर की आड़ में झोलाछाप तरीके से इलाज कर रहा है। उन्होंने थाना प्रभारी को आवेदन सौंपकर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की मांग की है।

सुशीला एक्का अनुसूचित जनजाति वर्ग से आती हैं और अत्यंत गरीब आदिवासी महिला हैं। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही से किसी और गरीब का बच्चा न मरे, इसलिए आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। इस पूरे मामले में अब तक कोई आधिकारिक एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि पुलिस विभाग द्वारा नहीं की गई है। 


हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है और प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग उठ रही है। सीएमएचओ डॉ बसंत सिंह ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed