सराफा बाजार ठप, करोड़ों का नुकसान
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साथ ही दो लाख की खरीद पर पैनकार्ड की अनिवार्यता को समाप्त नहीं किया जाता है तबतक पूरे जनपद की सराफा दूकानें बंद रहेंगी। बुधवार को बंदी के कारण करोड़ों का कारोबार प्रभावित रहा। संगठन से जुड़े कारोबारियों ने अपनी-अपनी दूकानें बंद कर जोरदार प्रदर्शन किया। नगर से लेकर ग्रामीण इलाके तक सर्राफा बाजार पूरी तरह से बंद रहा।
जिला स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष धनश्याम दास जौहरी के नेतृत्व में स्वर्ण कारोबारियों ने आभूषण मार्केट में बंदी रखकर सरकार के द्वारा बजट में सत्र के दौरान किए गए घोषणा को तानाशाही रवैया करार दिया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार द्वारा आदेश का वापस नहीं लिया जाता है तब तक हम दूकानें बंद रखेंगे। कहा कि सराफा कारोबार से जुड़े कारीगरों की रोटी भी मोदी सरकार छिनने में लगी हुई है।
एक गरीब परिवार को दो वक्त की रोटी मुहैया कराना कितना कठिन है। प्रधानमंत्री एवं वित्तमंत्री को सोचना होगा। देश की जनता ने बड़े अरमानों से मोदी की सरकार केंद्र में बनाई थी। लेकिन अब गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं है। सुनील सर्राफ ने कहा कि केंद्र सरकार के तानाशाही रवैए से सर्राफा कारोबारियों के साथ-साथ लोगों का भी नुकसान हो रहा है। शादी विवाह का समय होने के चलते शादियां टूटने की नौबत आ गई है।
वहीं लोग दूकानदारों को दिए हुए आर्डर भी वापस ले रहे है। चेताया कि जब तक केंद्र सरकार इसे वापस नहीं लेती है, तब तक हम लोग चैन से बैठने वाले नहीं है। सरकार स्वर्णकारों को मीठा जहर देने में लगी हुई है।
सर्राफा कारोबार से जुडे़ कारीगर के परिवार के लोग तो भुखमरी के शिकार हो चुके है। केंद्र सरकार में बैठे मंत्री एवं सांसद केवल अपने बारे में सोच रहे है। इस मौके पर रामजी प्रसाद सर्राफ, अशोक कुमार, अशोक कुमार, जितेंद्र सर्राफ, सत्यनारायण, जयशंकर, टुनटुन, सुनील सोनी, संतोष सोनी, रामजी वर्मा आदि ने भी संबोधित किया। संचालन स्वर्णकार संघ कोषाध्यक्ष भृगु जी वर्मा ने किया।