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बेमौसम बारिश और ओलों से 40 फीसदी फसल बर्बाद
ब्यूरो/अमर उजाला, बहराइच
Updated Mon, 14 Mar 2016 09:45 PM IST
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रुपईडीहा में सोमवार को झमाझम हुई बारिश व तेज हवा से गिरी गेहूं की फसल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बहराइच
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बहराइच। तराई में मौसम का मिजाज सोमवार सुबह अचानक बिगड़ गया। जिला मुख्यालय पर तो चटक धूप खिली लेकिन पश्चिमी हिस्से यानी की जंगल और नेपाल सीमा से सटे इलाकों में ढाई घंटे झमाझम बरसात हुई।
तेज हवा के साथ ओले भी गिरे, जिसके चलते खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है। 40 फीसदी फसल चौपट होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इससे किसानों की नींद उड़ गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते तीन दिन तक ऐसा ही मौसम बन रहेगा।
जिले के पश्चिमी हिस्से में सुबह अचानक घने बादल घिर आए। तेज हवा के बीच आठ बजे के आसपास झमाझम बरसात शुरू हो गई, जिसके चलते नानपारा और महसी तहसील क्षेत्र प्रभावित हुए।
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बरसात के साथ ही 10 से 12 ग्राम के ओले भी गिरे। ये क्रम रुक-रुककर 11 बजे तक जारी रहा। तेज हवा से खेत में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है।
वहीं, जिला मुख्यालय पर चटक धूप रही। पूर्वी हिस्सों में बादल तो आते-जाते रहे लेकिन बारिश नहीं हुई। दोपहर तीन बजे के करीब बारिश के आसार बने लेकिन तेज हवा बादलों को उड़ा ले गई।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि वर्षा और ओलावृष्टि के चलते नानपारा तथा महसी आंशिक परिक्षेत्र के किसान प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि और वर्षा के चलते जो स्थिति बनी, उससे लगभग 40 फीसदी फसल चौपट हो गई है।
डॉ. सिंह ने कहा कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते तराई के मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर आगामी तीन दिन तक जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में किसानों को सजग रहना होगा।
किसान बोले, जमा पूंजी भी निकलना मुश्किल
बारिश के चलते नानपारा और महसी क्षेत्र अंतर्गत रुपईडीहा, मिहींपुरवा, नवाबगंज, बिछिया, सुजौली, शिवपुर क्षेत्र के किसान प्रभावित हुए हैं।
रुपईडीहा के शंकरपुर निवासी किसान एसके मिश्रा ने बताया कि ओलावृष्टि के चलते खेत में खड़ी गेहूं की फसल आधे से अधिक बर्बाद हो गई है।
गेहूं की बोवाई की जमा पूंजी निकलना भी दुश्वार है। घर का खर्च कैसे चलेगा, समझ नहीं पा रहे हैं। गांव निवासी ओम पाठक भी अचानक आई दैवीय आपदा से आहत हैं।
बोले कि पिछले साल भी ओलावृष्टि और वर्षा से उत्पादन प्रभावित हुआ था। इस बार अनाज घर पहुंचेगा या नहीं, समझ नहीं आ रहा।
श्रावस्ती में बूंदाबांदी
श्रावस्ती में सोमवार को मामूली बूंदाबांदी ही हुई। इससे यहां के किसानों को राहत है। श्रावस्ती के जिला कृषि अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने किसानों से अपील की है कि जितनी जल्दी हो सके, फसलों की मड़ाई कर उसे सुरक्षित कर लें।
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तेज हवा के साथ ओले भी गिरे, जिसके चलते खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है। 40 फीसदी फसल चौपट होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इससे किसानों की नींद उड़ गई है।
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मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते तीन दिन तक ऐसा ही मौसम बन रहेगा।
जिले के पश्चिमी हिस्से में सुबह अचानक घने बादल घिर आए। तेज हवा के बीच आठ बजे के आसपास झमाझम बरसात शुरू हो गई, जिसके चलते नानपारा और महसी तहसील क्षेत्र प्रभावित हुए।
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बरसात के साथ ही 10 से 12 ग्राम के ओले भी गिरे। ये क्रम रुक-रुककर 11 बजे तक जारी रहा। तेज हवा से खेत में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है।
वहीं, जिला मुख्यालय पर चटक धूप रही। पूर्वी हिस्सों में बादल तो आते-जाते रहे लेकिन बारिश नहीं हुई। दोपहर तीन बजे के करीब बारिश के आसार बने लेकिन तेज हवा बादलों को उड़ा ले गई।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि वर्षा और ओलावृष्टि के चलते नानपारा तथा महसी आंशिक परिक्षेत्र के किसान प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि और वर्षा के चलते जो स्थिति बनी, उससे लगभग 40 फीसदी फसल चौपट हो गई है।
डॉ. सिंह ने कहा कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते तराई के मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर आगामी तीन दिन तक जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में किसानों को सजग रहना होगा।
किसान बोले, जमा पूंजी भी निकलना मुश्किल
बारिश के चलते नानपारा और महसी क्षेत्र अंतर्गत रुपईडीहा, मिहींपुरवा, नवाबगंज, बिछिया, सुजौली, शिवपुर क्षेत्र के किसान प्रभावित हुए हैं।
रुपईडीहा के शंकरपुर निवासी किसान एसके मिश्रा ने बताया कि ओलावृष्टि के चलते खेत में खड़ी गेहूं की फसल आधे से अधिक बर्बाद हो गई है।
गेहूं की बोवाई की जमा पूंजी निकलना भी दुश्वार है। घर का खर्च कैसे चलेगा, समझ नहीं पा रहे हैं। गांव निवासी ओम पाठक भी अचानक आई दैवीय आपदा से आहत हैं।
बोले कि पिछले साल भी ओलावृष्टि और वर्षा से उत्पादन प्रभावित हुआ था। इस बार अनाज घर पहुंचेगा या नहीं, समझ नहीं आ रहा।
श्रावस्ती में बूंदाबांदी
श्रावस्ती में सोमवार को मामूली बूंदाबांदी ही हुई। इससे यहां के किसानों को राहत है। श्रावस्ती के जिला कृषि अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने किसानों से अपील की है कि जितनी जल्दी हो सके, फसलों की मड़ाई कर उसे सुरक्षित कर लें।