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प्रमाण पत्र के लिए जाति, पिता का नाम बदला
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 07 Mar 2016 01:00 AM IST
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धोखाधड़ी
- फोटो : amarujala
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बागपत के छपरौली ब्लाक प्रमुख निशा के जाति प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि निशा ने अपने लाभ के लिए अफसरों से साजिश करके फर्जी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किए हैं। उन पर न केवल अपनी जाति बदलने का आरोप लगा है बल्कि पिता का नाम भी बदलने का आरोप है। ग्राम विकास अधिकारी की रिपोर्ट में भी इसका खुलासा हुआ है। इस मामले की लोगों ने डीएम और प्रदेश के मुख्यमंत्री से शिकायत की है।
रमाला गांव के सुरेश पाल सिंह पुत्र रतनपाल सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और डीएम बागपत को भेजे पत्र में बताया कि 10 नवंबर 2015 को बड़ौत तहसील से जारी किया गया निशा पत्नी संजीव निवासी लूंब का जाट जाति का प्रमाण पत्र पूरी तरह से फर्जी है। निशा ने 12 अक्टूबर 2015 को बागपत तहसीलदार के नाम संबोधित पत्र में अपना मायका रोशनगढ़ दर्शाया है।
उसने अपने पिता का नाम सत्यवीर सिंह बताया था, जो पूरी तरह से फर्जी है। निशा वर्तमान में कई वर्षों से देहरादून में रहती है। दस्तावेज रिकार्ड के मुताबिक निशा के पिता का नाम अवतार बेदी एवं माता का नाम बलदेव कौर है। वहां की मतदाता सूची और जनसंख्या गणना में उसका नाम पंजीकृत है। वह सामान्य जाति से है।
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जो पिछड़ी जाति में नहीं आती है। आरोप है कि निशा ने फर्जी तरीके से बनवाए गए जाति प्रमाण पत्र का गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने इस प्रमाण पत्र को निरस्त कराने की मांग की है। उधर, इस मामले डीएम अजयदीप सिंह का कहना है कि अभी तक उनके पास शिकायत नहीं पहुंची है। यदि शिकायत मिलती है तो जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी।
किसने क्या कहा और क्या लिखकर दिया
आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के आधार पर ग्राम विकास अधिकारी विकास खंड पिलाना ने लिखकर दिया कि सत्यवीर सिंह पुत्र काले सिंह निवासी रोशनगढ़ के परिवार में निशा नाम की कोई लड़की नहीं है। रोशनगढ़ ग्राम प्रधान हाजी नाजिम ने लिखकर दिया कि समस्त गांव वालों से जानकारी करने के बाद पता चला कि सत्यवीर पुत्र काले सिंह के परिवार में निशा नाम की कोई लड़की नहीं है।
उधर, छपरौली ब्लाक प्रमुख निशा के पति संजीव का कहना है कि उनकी पत्नी पिछड़ी जाति (जाट) से है। उनके पिता सत्यवीर सिंह निवासी रोशनगढ़ ही हैं। विपक्षी पार्टी के लोग गलत अफवाह फैला रहे हैं।
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रमाला गांव के सुरेश पाल सिंह पुत्र रतनपाल सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और डीएम बागपत को भेजे पत्र में बताया कि 10 नवंबर 2015 को बड़ौत तहसील से जारी किया गया निशा पत्नी संजीव निवासी लूंब का जाट जाति का प्रमाण पत्र पूरी तरह से फर्जी है। निशा ने 12 अक्टूबर 2015 को बागपत तहसीलदार के नाम संबोधित पत्र में अपना मायका रोशनगढ़ दर्शाया है।
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उसने अपने पिता का नाम सत्यवीर सिंह बताया था, जो पूरी तरह से फर्जी है। निशा वर्तमान में कई वर्षों से देहरादून में रहती है। दस्तावेज रिकार्ड के मुताबिक निशा के पिता का नाम अवतार बेदी एवं माता का नाम बलदेव कौर है। वहां की मतदाता सूची और जनसंख्या गणना में उसका नाम पंजीकृत है। वह सामान्य जाति से है।
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जो पिछड़ी जाति में नहीं आती है। आरोप है कि निशा ने फर्जी तरीके से बनवाए गए जाति प्रमाण पत्र का गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने इस प्रमाण पत्र को निरस्त कराने की मांग की है। उधर, इस मामले डीएम अजयदीप सिंह का कहना है कि अभी तक उनके पास शिकायत नहीं पहुंची है। यदि शिकायत मिलती है तो जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी।
किसने क्या कहा और क्या लिखकर दिया
आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के आधार पर ग्राम विकास अधिकारी विकास खंड पिलाना ने लिखकर दिया कि सत्यवीर सिंह पुत्र काले सिंह निवासी रोशनगढ़ के परिवार में निशा नाम की कोई लड़की नहीं है। रोशनगढ़ ग्राम प्रधान हाजी नाजिम ने लिखकर दिया कि समस्त गांव वालों से जानकारी करने के बाद पता चला कि सत्यवीर पुत्र काले सिंह के परिवार में निशा नाम की कोई लड़की नहीं है।
उधर, छपरौली ब्लाक प्रमुख निशा के पति संजीव का कहना है कि उनकी पत्नी पिछड़ी जाति (जाट) से है। उनके पिता सत्यवीर सिंह निवासी रोशनगढ़ ही हैं। विपक्षी पार्टी के लोग गलत अफवाह फैला रहे हैं।