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अपने को कमतर न आंकें महिलाएं

Tue, 08 Mar 2016 11:45 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़ Updated Tue, 08 Mar 2016 11:45 PM IST
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Women evaluate themselves not less
महिलाओं का सम्मान
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मंगलवार को नगर सहित ग्रामीण इलाकों में भी विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों ने महिलाओं की दशा में सुधार को लेकर चर्चा की। सगड़ी तहसील क्षेत्र के जोकहरा स्थित श्री रामानंद सरस्वती पुस्तकालय में गोष्ठी और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मंडलायुक्त आरपी गोस्वामी ने कहा कि महिलाएं अपने को कमतर न आंकें।
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लाटघाट संवाददाता के अनुसार सगड़ी तहसील क्षेत्र के जोकहरा स्थित श्री रामानंद सरस्वती पुस्तकालय में गोष्ठी और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि महिलाएं खुद को कमतर समझने की प्रवृत्ति छोड़ें।
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जिन महिलाओं ने घर से बाहर निकलकर समाज में अपना स्थान बनाया, उन्हें देखकर अपना लक्ष्य निर्धारित कर सफलता हासिल कर सकें। लड़कियों को शिक्षित करने में लोग भेदभाव करते हैं। उनकी अपेक्षा पढ़ाई में लड़कों को वरीयता देते हैं। आज लड़कियां पढ़ाई में लड़कों से आगे निकल रही हैं। इसलिए लड़कियों की पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। 
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विशिष्ट अतिथि डीआईजी उमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि काम करने वाली लड़कियों के लिए 1090 हेेल्पलाइन नंबर की व्यवस्था की गई है।

जहां किसी भी समय सहायता मिल सकती है। थाने में महिलाओं को इज्जत और सम्मान मिले। इसकी व्यवस्था की गई है। इसलिए महिलाएं डर और झिझक को छोड़कर आगे बढ़ें।  पुस्तकालय की डायरेक्टर हिना देशाई ने कहा कि आज महिलाएं प्रधान से लेकर प्रधान मंत्री तक की कुर्सी पर बैठ रही हैं। हर क्षेत्र में महिलाएं आगे हैं। राजनीति से समाजसेवा और नौकरियों में काफी संख्या में है। फिर भी ग्रामीण महिलाओं की पहुंच कम है।

इनकी क्षमतावृद्धि करनी है और पितृ प्रधान समाज में बराबर का हिस्सा दिलाना है। फिरदौस जहां ने कहा कि हमें जेहनी तौर पर मजबूत होना चाहिए ताकि हम जो करें इसका प्रभाव महिलाओं पर दिखे। हुमा परवेज ने कहा कि लड़कियों के नए-नए आयाम पर विमर्श होना जरूरी है। कार्यक्रम में उत्कृष्ठ कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। 

इसी क्रम में हुनर संस्थान और न्यू कला केंद्र के तत्वावधान में ‘महिला शिक्षा और सुरक्षा’ विषय पर संगोष्ठी और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करतेे हुए संस्थान की टीम मैनेजर अनीता साइलेस ने कहा कि महिला किसी भी परिवार की रीढ़ होती हैं। इसलिए महिलाओं को शिक्षित कर उनको समाज की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करने की आवश्यकता है।


महिलाएं शिक्षित होंगी तो जागरूक होंगी और सरकार की सभी योजनाओं केे समझ सकेंगी। कार्यक्रम में नृत्य के क्षेत्र के उत्कृष्ट कार्य करने के लिए काजल सिंह, जूही गुप्ता, प्रियंका प्रजापति, शिवांगी शर्मा, आशिका श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया। वहीं हीरापट्टी की सीमा यादव को महिला दिवस पर विशेष सम्मान दिया गया। इस मौके पर मंजू गुप्ता, किरण चौधरी, संजना यादव, संध्या सिंह, अजरा, शीबा, शशि गोयल, वंदना गोयल, सुनील दत्त विश्वकर्मा, नीलांबुज गुप्ता, मनोज यादव आदि उपस्थित थे। संगोष्ठी का संचालन विभा गोयल ने किया। 
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