प्रयागराज में मिले पहले कोरोना पॉजिटिव मरीज को लेकर हड़कंप मच गया है। इंडोनेशिया का कोरोना संक्रमित मरीज 22 मार्च की सुबह पुरुषोत्तम एक्सप्रेस के S5 कोच से ही प्रयागराज जंक्शन पहुंचा था। इस कोच में 50 नंबर बर्थ उस यात्री को आवंटित थी । संबंधित कोच में प्रयागराज के भी 7 यात्री यहां उतरे थे।
इन सभी को जिला प्रशासन द्वारा क्वॉरेंटाइन किए जाने की तैयारी चल रही है ।इसके अलावा संबंधित तिथि में रेलवे का जो चेकिंग स्टाफ पुरुषोत्तम एक्सप्रेस से यहां आया था उन सभी का को भी जिला प्रशासन क्वॉरेंटाइन कर सकता है ।हालांकि पिछले सप्ताह सभी का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ था, और किसी भी स्टाफ में संक्रमित होने के कोई भी लक्षण नहीं पाए गए । दरअसल 22 मार्च की सुबह पुरुषोत्तम एक्सप्रेस से इंडोनेशिया से आए एक नागरिक की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई है।
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कोरोना वायरस
- फोटो : ANI
रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से ही जिला प्रशासन ने रेलवे से संबंधित तिथि में यात्रा करने वाले यात्रियों की सूची रविवार को ही तलब की। ट्रेन में कोरोना संक्रमण के संदिग्ध मामले एस 5 कोच के माने जा रहे हैं। क्योंकि उसी कोच की बर्थ नंबर 50 पर इंडोनेशिया का कोरोना पॉजिटिव नागरिक नई दिल्ली से प्रयागराज अपने कुछ साथियों के साथ आया था। रेलवे द्वारा रविवार को ही सभी यात्रियों की सूची जिला प्रशासन को सौंप दी गई है। अब जिला प्रशासन को ही तय करना है कि वह पुरुषोत्तम एक्सप्रेस के संबंधित यात्रियों तक कैसे पहुंचता है।
इस बीच संबंधित तिथि पर रेलवे का चेकिंग स्टाफ भी संदेह के घेरे में आ गया है। वाकये के दिन प्रयागराज के पांच चेकिंग स्टाफ ट्रेन में तैनात थे। यह सभी दिल्ली से प्रयागराज तक आए। हालांकि रेलवे द्वारा पिछले सप्ताह इन सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया था और किसी भी रेलकर्मी में अब तक कोरोना का कोई लक्षण नहीं मिला है। फिर भी रेलवे अफसरों कहना है कि इन सभी को अब जिला प्रशासन की ओर से क्वॉरेंटाइन किया जाएगा।
रेलवे अफसरों का कहना है प्रशासन हमसे जो भी मदद मांगेगा हम उस में उनका पूरा सहयोग करेंगे। ड्यूटी ऑफ करने के बाद टीटी कार्यालय के कर्मचारी भी संदेह के घेरे में: - 22 मार्च की सुबह पुरुषोत्तम एक्सप्रेस से आया रेलवे का चेकिंग स्टाफ अपनी ड्यूटी ऑफ करने के बाद जंक्शन स्थित टीसी कार्यालय भी आया था। क्योंकि टीसी कार्यालय में ही उन्हें अपनी ड्यूटी ऑफ करनी होती है। ऐसे में 22 मार्च की सुबह रेलवे का जॉब स्टाफ टीसी कार्यालय में तैनात था उन्हें भी अब कोरोना संदिग्ध माना जा सकता है । हालांकि रेलवे की ओर से अपने सभी चेकिंग स्टाफ को सैनिटाइजर मास्क और ग्लब्स आदि पूर्व में ही मुहैया कराया जा चुका है। ऐसे में इस बात की संभावना कम है कि चेकिंग स्टाफ कोरोना संदिग्ध हो ।