राजस्थान के पूर्व राज्यपाल न्यायमूर्ति अंशुमान सिंह ने कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण के बीच सावधानी की मिसाल पेश की है। अमेरिका से घर आ रहे अपने बड़े पुत्र अरुण सिंह को उन्होंने चेन्नई एयरपोर्ट से ही वापस कर दिया। ताकि इस वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जारी किए गए निर्देशों का पालन हो सके।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
मुख्य न्यायाधीश के अलावा राजस्थान व गुजरात के राज्यपाल रहे अंशुमान सिंह प्रयागराज में स्टैनली रोड स्थित अपनी सुमित्रानंदन पंत कोठी में पत्नी चंद्रावती सिंह और अपने छोटे पुत्र एडवोकेट वरुण सिंह के साथ रहते हैं। इधर वर्ष भर से उनकी पत्नी चंद्रावती की तबीयत खराब चल रही है। अमेरिका में बिजनेसमैन उनके पड़े पुत्र अरुण सिंह को जब मां की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली तो उनको देखने के लिए वह घर आने की सोचने लगे।
इसके लिए उन्होंने कुछ महीने पहले ही फ्लाइट का टिकट तभी बुक करा लिया था। विगत 20 मार्च को वह चेन्नई एयरपोर्ट पर जहाज से उतरे। इसके बाद अपने पिता पूर्व राज्यपाल अंशुमान सिंह को फोन कर इस बात की सूचना दी।
पूर्व राज्यपाल ने रविवार को अमर उजाला को बताया कि अरुण का जहाज जब चेन्नई एयरपोर्ट पर पहुंचा, तब उन्होंने उन्होंने संपर्क किया और घर आने की इच्छा जताई। इसके बाद जस्टिस अंशुमान सिंह ने बेटे को समझाया और उन्हें अमेरिका लौट जाने की सलाह दी। अंशुमान सिंह ने बताया कि पत्नी के अलावा उनकी भी उम्र अब अधिक हो गई है। ऐसे में वायरस के संक्रमण के प्रति सरकार और समाज की चिंता को देखते हुए उन्होंने यह कदम उठाया।