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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए आंदोलन करने पर एक छात्र नेता निलंबित और दूसरे का प्रवेश प्रतिबंधित
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प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए आंदोलन कर रहे छात्र नेता अभिषेक द्विवेदी का विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है और छात्र नेता अमन शुक्ला को निलंबित किया गया है। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हर्ष कुमार ने मंगलवार को दोनों छात्र नेताओं को नोटिस भी जारी कर दिया। वहीं, ऑनलाइन परीक्षा कराए जाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र कुलपति कार्यालय के सामने अनशन पर बैठ गए हैं। हंगामे की आशंका के मद्देनजर परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है और तनाव की स्थिति बनी हुई है।
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एनएसयूआई के छात्र नेता अभिषेक द्विवेदी को जारी नोटिस में कहा गया है कि उन्होंने ऑनलाइन परीक्षा के लिए चल रहे आंदोलन के दौरान 17 फरवरी को विश्वविद्यालय परिसर का मेन गेट बंद कर दिया, जिससे पूरे परिसर में आवागमन ठप रहा। इसके बाद 19 फरवरी को इसी मुद्दे पर विज्ञान संकाय में 40-50 छात्रों के साथ हंगामा करते हुए कक्षाओं को बाधित किया और डीन कार्यालय में भी कामकाज को प्रभावित किया। नोटिस में वर्ष 2019 की उस घटना का भी जिक्र किया गया है, जिसमें छात्र नेता अभिषेक द्विवेदी पर अपने सहपाठी छात्र से मारपीट करने के आरोप लगे थे। चीफ प्रॉक्टर की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि अभिषेक द्विवेदी का विद्यालय परिसर में प्रवेश तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाता है।
वहीं, छात्र नेता अमन शुक्ला को जारी निलंबन नोटिस में कहा गया है कि अमन ने 14 फरवरी को विश्वविद्यालय परिसर में चल रही कक्षाओं को बाधित करते हुए परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव किया और 17 फरवरी को विश्वविद्यालय का मेन गेट बंद कर परिसर में आवागमन को प्रभावित किया। इससे पूर्व 12 जनवरी को कुलपति कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया और कुलपति के वाहन को रोकने का प्रयास किया। चीफ प्रॉक्टर ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए अमन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और निर्देश दिए हैं कि 25 फरवरी को चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में अपने अभिभावक के साथ उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण दें।
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हालांकि, इस कार्रवाई के बाद भी कुलपति कार्यालय के सामने बड़ी संख्या में छात्र इकट्ठा हैं और ऑनलाइन परीक्षाएं कराए जाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हुए हैं। छात्र चाहते हैं कि सोमवार को उच्च स्तरीय कमेटी और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता के बाद तत्काल यह स्पष्ट किया जाए कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन परीक्षाओं के आयोजन को लेकर क्या निर्णय लिया है।
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