प्रयागराज : वेणी माधव मंदिर की अरबों की संपदा के लिए जूना-महानिवार्णी के संतों में टकराव
जूना अखाड़े की महामंडलेश्वर वैभव गिरि ने महानिर्वाणी के संतों के खिलाफ दी तहरीर, मठ पर जबरन कब्जे का लगाया आरोप।शहर में ढाई बीघा से अधिक क्षेत्रफल में बने वेणी माधव मंदिर में अतिथि गृह भी, गोंडा में 13 बीघा से अधिक भूमि।
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विस्तार
द्वादश माधव में प्रथम वेणी माधव मंदिर की अरबों रुपये की संपदा के लिए पंचदश नाम जूना अखाड़ा और महानिर्वाणी अखाड़े के बीच टकराव शुरू हो गया है। वेणी माधव मठ और मंदिर की पीठाधीश्वर साध्वी वैभव गिरि ने रविवार को महानिर्वाणी अखाड़े के दो संतों समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी।
इसमें उन्होंने मठ में जबरन घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और अभद्रता करने का आरोप लगाया है। ढाई बीघा से अधिक रकबा में बने वेणी माधव मंदिर के परिसर में अतिथि गृह के अलावा कई भवन भी हैं। इसके अलावा इससे जुड़े गोंडा जिले में 13 बीघे से अधिक क्षेत्रफल में आश्रम भी है। उधर, चार मढ़ी बोदला आश्रम के रघुराज गिरि वेणी माधव मंदिर को महानिर्वाणी अखाड़े की परंपरा की संपत्ति बता रहे हैं।
तोड़फोड़ के बाद मंदिर पर फोर्स तैनात
फिलहाल मंदिर के गर्भगृह में घुसकर पुजारियों को घसीटकर बाहर करने और तोड़फोड़ की घटना के बाद वहां फोर्स तैनात कर दी गई है, ताकि किसी तरह के विवाद को रोका जा सके। रविवार को पीठाधीश्वर साध्वी वैभव गिरि ने महानिर्वाणी अखाड़े के रघुराज गिरि, उमाशंकर गिरि उर्फ करपात्री महाराज, जितेंद्र गौड़ उर्फ बच्चा पंडा, अभिषेक दुबे, विजय तिवारी समेत कई अज्ञात लोगों के विरुद्ध जबरन मठ में घुसने और मारपीट, तोड़फोड़ करने की तहरीर दी।
एसएसपी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
उन्होंने एसएसपी अजय कुमार से मुलाकात के लिए समय भी मांगा, लेकिन व्यस्तता के कारण वह नहीं मिलेष। अलबत्ता फोन पर एसएसपी ने साध्वी वैभव गिरि को भरोसा दिलाया कि इस वह पौष पूर्णिमा स्नान के बाद इस मसले पर कदम उठाएंगे।
फिलहाल स्नान पर्व के साथ ही सोमवार को होने वाली वेणी माधव की नगर दर्शन परिक्रमा यात्रा को लेकर किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए चेताया है। वैभव गिरि मौजूदा समय एमएनएनआईटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं। वह इस मठ के महंत रहे ओंकार देवगिरी की पुत्री हैं। वर्ष 2007 वह ओंकार गिरि से दीक्षा लेकर साध्वी बन गईं।
2013 में महानिर्वाणी से जूना में शामिल हुए थे वेणी माधव के महंत ओंकार देव गिरि
वेणी माधव मंदिर के महंत रहे ओंकार देव गिरि पहले महानिर्वाणी अखाड़े से जुड़े रहे, लेकिन वर्ष 2013 में जूना अखाड़े में वह शामिल हो गए। इसके बाद जूना अखाड़े में ही कुंभ मेले के दौरान ओंकार देव गिरि और उनकी पुत्री साध्वी वैभव गिरि दोनों को महामंडलेश्वर की उपाधि दी गई।
इसके बाद पांच मई 2020 को ओंकार गिरि के ब्रह्मलीन होने के बाद जूना अखाड़े की ओर से वेणी माधव मंदिर, मठ के उत्तराधिकारी के रूप में वैभव गिरि की चादरविधि कर पट्टाभिषेक किया गया। तब से वह मठ की उत्तराधिकारी के रूप में इस गद्दी पर दायित्व संभाल रही हैं।
वेणी माधव मंदिर की वसीयत वैभव गिरि के नाम
साध्वी वैभव गिरि ने रविवार को बताया कि वेणी माधव मंदिर और मठ का उत्तराधिकारी उन्हें उनके गुरु की ओर से घोषित किया जा चुका है। इसके लिए उनके नाम से मठ की रजिस्टर्ड वसीयत 2007 में ही की गई थी। इस वसीयत के कागज उनके पास सुरक्षित हैं। जरूरत पड़ने पर वह उसे प्रस्तुत करेंगी।
नगर दर्शन परिक्रमा आज, तैयारियों पर फिरा पानी
नगर देवता के रूप में पूजे जाने वाले वेणी माधव की पौष पूर्णिमा पर सोमवार को नगर दर्शन परिक्रमा यात्रा निकाली जाएगी। इसके लिए तैयारियां की गई हैं। नगर दर्शन यात्रा पर दोनों अखाड़ों के संतों में किसी तरह का विवाद न होने पाए, इसके लिए पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है।
हालांकि अचानक मंदिर पर कब्जे को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद नगर दर्शन परिक्रमा की तैयारियों पर पानी फिर गया है। पुलिस ने मठ पर अधिकार जताने का दावा करने वाले महानिर्वाणी अखाड़े के संतों और जूना अखाड़े के संतों को किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए आगाह किया है।