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15 दिसंबर से शुरू होगा खरमास, रुक जाएंगे मांगलिक कार्य

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 09 Dec 2021 07:02 PM IST
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15 दिसंबर से शुरू होगा खरमास, रुक जाएंगे मांगलिक कार्य
पं. हृदय रंजन शर्मा। - फोटो : Amar Ujala
15 दिसंबर से 14 जनवरी तक रहेगा इस बार खरमास रहेगा
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खरमास, रुक जाएंगे मांगलिक कार्य प्वाइंटर इस महीने में भगवान विष्णु की आराधना, सात्विक जीवन जीने और व्रत रखने की है परंपरा अमर उजाला ब्यूरो अलीगढ़। 15 दिसंबर से लेकर 14 जनवरी मकर संक्रांति तक इस बार खरमास रहेगा। ऐसे में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार जैसे मांगलिक कार्य रुक जाएंगे। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस महीने में भगवान विष्णु की आराधना, पूजा, सात्विक सजीवन जीने की प्रवृत्ति और व्रत रखने की परंपरा है। श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पंडित ह्रदय रंजन शर्मा ने बताया कि इस साल 15 दिसंबर की रात 3:42 से लेकर 14 जनवरी मकर संक्रांति की दोपहर 2:28 तक खरमास रहेगा। इस महीने में सूर्य धनु राशि का होता है। धनु राशि के चलते सूर्य का बल वर को नहीं मिलता है। इसीलिए मांगलिक कार्य रुक जाते हो मान्यताओं के अनुसार वर को सूर्य का बल और वधु को ब्रहस्पति का बल होने के साथ दोनों को चंद्रमा का बल होने से विवाह के योग बनते हैं। इस पर ही विवाह की तिथि निर्धारित होती है। इसके साथ ही पंचांग के अनुसार जनेऊ संस्कार, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य रुक जाते हैं।
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-- खरमास व्रत की यह है मान्यताएं -हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि जो व्यक्ति खरमास में पूरे माह व्रत का पालन करते हैं। उन्हें पूरे माह भूमि पर ही सोना चाहिए। एक समय केवल सादा तथा सात्विक भोजन करना चाहिए। इस मास में व्रत रखते हुए भगवान पुरुषोत्तम अर्थात विष्णु का श्रद्धापूर्वक पूजन करना चाहिए तथा मंत्र जाप करना चाहिए। श्रीपुरुषोत्तम महात्म्य की कथा का पठन अथवा श्रवण करना चाहिए। श्री रामायण का पाठ या रुद्राभिषेक का पाठ करना चाहिए। साथ ही श्रीविष्णु स्तोत्र का पाठ करना शुभ होता है। मास के आरम्भ के दिन श्रद्धा भक्ति से उपवास रखना चाहिए। खरमास की समाप्ति पर स्नान, दान तथा जप आदि का अत्यधिक महत्व होता है। वस्त्रदान, अन्नदान, गुड़ और घी से बनी वस्तुओं का दान करना अत्यधिक शुभ माना गया है।
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