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मरीजों की तकलीफ देखकर अपना दर्द भूल गए डॉ. वर्मा

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jun 2021 05:04 PM IST
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मरीजों की तकलीफ देखकर अपना दर्द भूल गए डॉ. वर्मा
डॉ एसके वर्मा - फोटो : Amar Ujala
डॉक्टर्स डे...
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फोटो... हेडिंग... मरीजों की तकलीफ देखकर अपना दर्द भूल गए डॉ. वर्मा सबहेड... नाजुक समय में बनाए गए कोविड अस्पताल के प्रभारी, स्वयं थे संक्रमित अमर उजाला ब्यूरो अलीगढ़। मलखान सिंह जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एसके वर्मा मरीजों की तकलीफ देखकर अपना दर्द भूल गए। जब हर तरफ मौत का तांडव था और स्वयं कोरोना से संक्रमित थे, उस समय उन्हें कोविड वार्ड का प्रभारी बनाया गया।
इस साल का अप्रैल एवं मई के महीने को शायद ही कोई डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी भूल पाएगा। ऑक्सीजन के अभाव में मरीजों की जान जा रही थी। जब पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय, जेएन मेडिक कॉलेज सहित अन्य अस्पतालों में मरीजों को जगह नहीं मिल रही थी। ऑक्सीजन लेवल कम होने के बाद बेचैनी में पेसेंट और तीमारदार अस्पताल में पहुंच रहे थे। मौत का तांडव जारी था। कुछ ऐसे ही माहौल में २३ अप्रैल को मलखान सिंह जिला अस्पताल में कोविड वार्ड शुरू किया गया। डॉ. एसके वर्मा को प्रभारी बनाया गया, जो स्वयं कोरोना से संक्रमित थे। डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि जीवन में एक साथ इतनी मौत कभी नहीं देखी। स्वयं कोरोना से संक्रमित था लेकिन वैक्सीन का दोनो डोज लगने से आश्वस्त था कि कुछ नहीं होगा। कोरोना वार्ड में धूमकर मरीजों को देखना एवं उनको बेहतर उपचार उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती थी। फिर भी हमलोग मरीजों की सेवा में जुट गए। उसके साकारात्मक परिणाम भी धीरे-धीरे आने लगे। ३६-३८ ऑक्सीजन स्तर वाले मरीजों की भी जान बच गई। आज भी लोग फोन कर कहते हैं कि आपलोगों ने जान बचा लिया। डॉ. वर्मा कहते हैं कि संक्रमण मुक्त होने के बाद भी कुछ समस्याएं रही। अब जाकर समस्याएं दूर हुई है।
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