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डीयू, जेएनयू और एएमयू में प्रवेश के लिए संयुक्त परीक्षा आयोजित करने पर विचार शिक्षा मंत्रालय के प्रस्ताव पर एएमयू ने कहा हमारे स्वरूप का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन, इसलिए यह लागू नहीं हो सकता
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अलीगढ़। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के साथ-साथ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए एक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट कराए जाने की सुगबुगाहट मिलते ही एएमयू परिसर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
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दिल्ली में एक अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता के माध्यम से इस तरह का फैसला लिए जाने की बात कही है। जिसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में जबरदस्त चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करके ही इस विषय पर कुछ कहा जा सकता है।
कहा जा रहा है कि शिक्षा मंत्रालय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय सहित दिल्ली विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के लिए एक सामान्य प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रहा है। यह परीक्षा मई में प्रस्तावित थी। लेकिन महामारी के चलते सरकार ने स्थगित किया अब इस परीक्षा के जुलाई और अगस्त में संचालित किए जाने की बात कही जा रही है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि अगर ऐसा होता है तो विश्वविद्यालय परिसर में उसका पुरजोर विरोध हो सकता है।
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बयान.....
इस संबंध में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को शिक्षा मंत्रालय की ओर से कोई औपचारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। दिल्ली विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में 2 वर्ष से इस प्रकार की परीक्षा आयोजित हो रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इस तरह का प्रावधान है, लेकिन वह अनिवार्य नहीं है। रही बात अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की तो उसके अल्पसंख्यक स्वरूप का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए कोई भी प्रावधान लागू नहीं हो सकता है। अगर शिक्षा मंत्रालय में इस संबंध में कोई प्रस्ताव दिया, पत्र भेजा तो उसको विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल में रखा जाएगा और जो भी उचित प्रति उत्तर होगा उससे शिक्षा मंत्रालय को अवगत करा दिया जाएगा।
-डॉ. मुजीब उल्ला जुबेरी, परीक्षा नियंत्रक, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय
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