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अलीगढ़: लड़की की फेक आईडी से एएमयू प्रोफेसर के साथ 3.13 लाख की ठगी, तीनों बीटेक के हैं छात्र
Tue, 15 Jun 2021 09:59 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jun 2021 09:59 PM IST
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साइबर क्राइम (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
लड़की की फेक आईडी बनाकर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन शातिर बदमाश अलीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। तीनों झांसी के रहने वाले हैं। इन लोगों ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एक शिक्षक के साथ भी साइबर ठगी की घटना को अंजाम दिया था।
फाइबर थाने के प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 19 मई 2021 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने अलीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस को सूचना दी कि कुछ साइबर ठगी करने वाले फर्जी तरीके से वीडियो कॉल से बनी वीडियो के माध्यम से उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं अब तक यह ठगी करने वाले तीन लाख 13 हजार रुपये ठग चुके हैं।
अब और पैसों की मांग कर रहे हैं। इस पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 384, 419, 420, 66 डी, 66 ई आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के दौरान पाया कि यह सब कारनामा झांसी से अंजाम दिया गया है। जल्द ही पुलिस मामले की तह तक जाते हुए आरोपियों तक पहुंच गई ।
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सभी साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने अशफाक खान पुत्र जुल्फिकार अहमद निवासी नानक गंज थाना सिपरी बाजार, मोहम्मद जावेद खान पुत्र मोहम्मद अकरम खान चमनगंज कोयले वाली गली थाना सिपरी बाजार और मोहम्मद शोएब पुत्र मोहम्मद असलम चमनगंज कोयले वाली गली सिपरी बाजार झांसी को गिरफ्तार कर लिया।
इनके पास से मोबाइल बैंक खातों का विवरण, चेक बुक, इंटरनेट आदि का अन्य सामान बरामद हुआ है। पुलिस ने सभी सामान जप्त कर लिया है। हार्ड डिस्क सीज कर दी हैं। तीनों आरोपी युवक बीटेक कर रहे हैं और अपने निजी शौक को पूरा करने के लिए साइबर ठगी जैसी घटनाओं को अंजाम देने की बात कह रहे हैं।
आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वह उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड आदि अन्य प्रदेशों में बैठे लोगों से लाखों रुपए की ठगी को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस इन सब का विवरण जूटा रही है।
इस तरह करते थे ब्लैकमेल
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह लड़की के नाम से एक फर्जी सोशल मीडिया की आईडी बनाते थे। उस पर एक अश्लील फोटो लगाते थे। उसी सोशल मीडिया की आईडी से वह व्हाट्सएप चैटिंग करते थे और वीडियो कॉल करते थे। वीडियो कॉल के दौरान वह अश्लील वीडियो को प्ले कर दिया करते थे। दूसरी ओर कॉलर से भी कपड़े उतरवा लेते थे।
इस तरह वह इस पूरे वीडियो को बना लिया करते थे। बाद में स्वयं को सोशल मीडिया का मैनेजर, अधिकारी, भारतीय टेरिटरी का हेड आदि बता कर इस वीडियो के वायरल हो जाने के संबंध में डराते थे। इसके एवज में खाते में पैसा डालने के लिए कहते थे। इस तरह घटना को अंजाम देते थे। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिक्षक के साथ भी इन लोगों ने यही किया।
कुछ दिन पहले अलीगढ़ में नेता ने भी की थी शिकायत
कुछ दिन पहले एक राजनीतिक पार्टी के नेता के साथ भी इस तरह की घटना हुई थी। नेता ने इस मामले की शिकायत एसएसपी से पत्र लिखकर की थी। माना जा रहा है कि यह भी हो सकता है कि अश्लील वीडियो के माध्यम से ब्लैकमेल करने वाले यही आरोपी हों, जिन्होंने नेता के साथ भी ठगी करने का प्रयास किया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
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फाइबर थाने के प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 19 मई 2021 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने अलीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस को सूचना दी कि कुछ साइबर ठगी करने वाले फर्जी तरीके से वीडियो कॉल से बनी वीडियो के माध्यम से उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं अब तक यह ठगी करने वाले तीन लाख 13 हजार रुपये ठग चुके हैं।
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अब और पैसों की मांग कर रहे हैं। इस पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 384, 419, 420, 66 डी, 66 ई आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के दौरान पाया कि यह सब कारनामा झांसी से अंजाम दिया गया है। जल्द ही पुलिस मामले की तह तक जाते हुए आरोपियों तक पहुंच गई ।
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सभी साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने अशफाक खान पुत्र जुल्फिकार अहमद निवासी नानक गंज थाना सिपरी बाजार, मोहम्मद जावेद खान पुत्र मोहम्मद अकरम खान चमनगंज कोयले वाली गली थाना सिपरी बाजार और मोहम्मद शोएब पुत्र मोहम्मद असलम चमनगंज कोयले वाली गली सिपरी बाजार झांसी को गिरफ्तार कर लिया।
इनके पास से मोबाइल बैंक खातों का विवरण, चेक बुक, इंटरनेट आदि का अन्य सामान बरामद हुआ है। पुलिस ने सभी सामान जप्त कर लिया है। हार्ड डिस्क सीज कर दी हैं। तीनों आरोपी युवक बीटेक कर रहे हैं और अपने निजी शौक को पूरा करने के लिए साइबर ठगी जैसी घटनाओं को अंजाम देने की बात कह रहे हैं।
आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वह उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड आदि अन्य प्रदेशों में बैठे लोगों से लाखों रुपए की ठगी को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस इन सब का विवरण जूटा रही है।
इस तरह करते थे ब्लैकमेल
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह लड़की के नाम से एक फर्जी सोशल मीडिया की आईडी बनाते थे। उस पर एक अश्लील फोटो लगाते थे। उसी सोशल मीडिया की आईडी से वह व्हाट्सएप चैटिंग करते थे और वीडियो कॉल करते थे। वीडियो कॉल के दौरान वह अश्लील वीडियो को प्ले कर दिया करते थे। दूसरी ओर कॉलर से भी कपड़े उतरवा लेते थे।
इस तरह वह इस पूरे वीडियो को बना लिया करते थे। बाद में स्वयं को सोशल मीडिया का मैनेजर, अधिकारी, भारतीय टेरिटरी का हेड आदि बता कर इस वीडियो के वायरल हो जाने के संबंध में डराते थे। इसके एवज में खाते में पैसा डालने के लिए कहते थे। इस तरह घटना को अंजाम देते थे। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिक्षक के साथ भी इन लोगों ने यही किया।
कुछ दिन पहले अलीगढ़ में नेता ने भी की थी शिकायत
कुछ दिन पहले एक राजनीतिक पार्टी के नेता के साथ भी इस तरह की घटना हुई थी। नेता ने इस मामले की शिकायत एसएसपी से पत्र लिखकर की थी। माना जा रहा है कि यह भी हो सकता है कि अश्लील वीडियो के माध्यम से ब्लैकमेल करने वाले यही आरोपी हों, जिन्होंने नेता के साथ भी ठगी करने का प्रयास किया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।