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काम की बात: जब कोई लौटा देता है अपना पुरस्कार, तो उसका क्या होता है? यहां जानें नियम

Thu, 28 Dec 2023 12:29 PM IST
प्रकाश चंद जोशी यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रकाश चंद जोशी Updated Thu, 28 Dec 2023 12:29 PM IST
सार

क्या भारत देश में मिलने वाले किसी भी बड़े सम्मान को बड़ी आसानी से लौटाया जा सकता है? क्या इसको लेकर भारत सरकार की तरफ से कोई नियम बना है या नहीं?

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What happens to Award after someone returned it check here Rules
Award Return Rule in India: भारत में अवॉर्ड वापस करने का क्या नियम है? - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

Award Return Rules: इन दिनों आपने एक बात सुनी होगी कि कुछ खिलाड़ी अपना अवॉर्ड लौटाने की बात कह रहे हैं। दरअसल, कुश्ती संघ को लेकर चल रहे विवाद के कारण ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया ने भारत सरकार द्वारा दिया गया नागरिक सम्मान पद्मश्री लौटने की घोषणा की।

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यही नहीं, खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित विनेश फोगाट भी अपने अवॉर्ड लौटाने की पेशकश कर रही हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी ये ट्रेंड में रहा, लेकिन यहां सवाल ये है कि क्या किसी भी सम्मान को इतनी आसानी से लौटाया जा सकता है? क्या इसको लेकर कोई नियम बना है या नहीं? तो चलिए जानते हैं इस बारे में। आप आगे इस बारे में विस्तार से जान सकते हैं...
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दरअसल, भारत में पदक या पुरस्कारों को लौटाने को लेकर नियम है। जैसे- अगर आप कोई भी आम सम्मान वापस करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप कोई भी साधारण सा जवाब देकर अपने सम्मान को वापस कर सकते हैं।
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पद्म पुरस्कारों और भारत रत्न को लेकर क्या नियम है?

दूसरी तरफ, भारत के नागरिक सम्मान यानी पद्म पुरस्कारों और सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न को आप यूं ही नहीं लौटा सकते। आप सोचें कि आप भारत सरकार कोई अर्जी दें या आप एलान कर दें कि आप अपना सम्मान लौटा रहे हैं और सरकार उसे वापस ले लेगी, तो ये इतना आसान नजर नहीं आता।

अगर किसी कारण आप अपना पुरस्कार वापस कर रहे हैं, तो आपको इसकी एक ठोस वजह बतानी होगी और वो वाजिब होनी चाहिए। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अवॉर्ड देते समय अनौपचारिक तौर पर एक अनुमति ली जाती है, जैसे- क्या आप अवॉर्ड लेना चाहते हैं या नहीं। इसके बाद ही उस शख्स का नाम पद्म पुरस्कारों या भारत रत्न जैसे बड़े सम्मान के लिए भेजा जाता है।

जब आप अपने किसी बड़े सम्मान को वापस करना चाहते हैं, तो आपको कारण बताना होता है और इसके बाद देश के राष्ट्रपति इस पर फैसला लेते हैं। फिर जब राष्ट्रपति अनुमति देते हैं, तब वो शख्स ऐसा कर सकता है।

ये बात भी जान लें

हालांकि, उसके बाद भी पुरस्कार वापस करने वाले शख्स का नाम भारत के गजट से नहीं हटाया जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि पद्म पुरस्कार विजेताओं के नाम भारत के गजट में प्रकाशित होते हैं। साथ ही इसके लिए एक अलग से रजिस्टर भी बना होता है। इसलिए दोनों जगह से नाम नहीं हटाया जाता है।


वहीं, अगर आप ये सोच रहे हैं कि वापस किए गए पुरस्कार का क्या होता है? तो यहां जान लें कि ये सभी अवॉर्ड वापस आने के बाद गृह मंत्रालय में रखे जाते हैं और वही इनकी देखरेख भी करता है।

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