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Independence Day 2023: आजादी के बाद पांच ऐसे बड़े फैसले, जिन्होंने दी भारत को नई रफ्तार

Tue, 15 Aug 2023 12:05 AM IST
संकल्प सिंह कन्वर्जेंस डेस्क, अमर उजाला
कन्वर्जेंस डेस्क, अमर उजाला Published by: संकल्प सिंह Updated Tue, 15 Aug 2023 12:05 AM IST
सार

आजादी के बाद से भारत का यहां तक का सफर कोई आसान काम नहीं था। ऐसे कई क्रांतिकारी फैसलों और महत्वपूर्ण बदलावों ने भारत को नई रफ्तार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आजादी के 76 साल पूरे करने के इस शुभ अवसर पर आज हम आपको भारत के उन पांच क्रांतिकारी फैसलों के बारे में जा रहे हैं, जिन्होंने देश की तकदीर लिखने में एक बड़ी भूमिका निभाई। 

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Independence Day 2023: Five Major Decision After Independence Which Given A Dynamic Boost To Indian Economy
Independence Day 2023 - फोटो : Istock

विस्तार

Independence Day 2023: देश 15 अगस्त, 2023 को आजादी के 76 साल पूरे करने जा रहा है। इन 76 सालों के सफर में भारत कई उतार-चढ़ाव से गुजरा। एक समय था जब आजादी के समय भारत की गिनती दुनिया के पिछड़े देशों में की जाती थी। वहीं भारत अब 21वीं सदी की नियति को लिखने में एक बड़ी भूमिका निभा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग से लेकर स्पेस रेस में भारत की धमक मजबूत हो रही है। इस क्षेत्र में भारत को आगे लाने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। आज भारत की गिनती दुनिया के शीर्ष पांच बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों में की जाती है। हालांकि, आजादी के बाद से भारत का यहां तक का सफर कोई आसान काम नहीं था। ऐसे कई क्रांतिकारी फैसलों और महत्वपूर्ण बदलावों ने भारत को नई रफ्तार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आजादी के 76 साल पूरे करने के इस शुभ अवसर पर आज हम आपको भारत के उन पांच क्रांतिकारी फैसलों के बारे में जा रहे हैं, जिन्होंने देश की तकदीर लिखने में एक बड़ी भूमिका निभाई। 

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उदारीकरण

1991 में भारत की अर्थव्यवस्था का उदारीकरण करना एक गेम चेंजिंग डिसीजन था। इस एक फैसले के चलते देश की अर्थव्यवस्था को बाहरी दुनिया का एक्सपोजर मिला। उदारीकरण के चलते ही देश में करोड़ों लोग गरीबी रेखा के ऊपर उठ पाए। इस फैसले ने देश के भीतर नए रोजगार की संभावनाओं को जन्म दिया। 

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बैंकों का राष्ट्रीयकरण 

बैंकों का राष्ट्रीयकरण एक बड़ा फैसला था। साल 1969 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश के 14 बड़े बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया। इस फैसले का उद्देश्य बैंकिंग सेक्टर को तेजी से बढ़ावा देना था। 

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हरित क्रांति 

साल 1967-68 और 77-78 में हरित क्रांति के कारण देश में होने वाली कृषि पैदावार में एक रिकॉर्ड इजाफा देखने को मिला। हरित क्रांति का नेतृत्व एम.एस स्वामीनाथन ने किया था। इससे देश की कृषि अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार मिली।

जीएसटी

साल 2017 में 1 जुलाई को जीएसटी पूरे भारत में लागू हो गई। देश की टैक्स प्रणाली में पारदर्शिता और उसमें सुधार लाने के लिए यह एक बड़ा फैसला था। जीएसटी एक अप्रत्यक्ष कर होता है। 

नीति आयोग का गठन 

नीति आयोग का गठन साल 2014 में योजना आयोग को खत्म करके किया गया था। नीती आयोग के गठन का उद्देश्य देश के आर्थिक उद्देश्यों को पूरा करना था। नीति आयोग भारत सरकार को आर्थिक और विकासात्मक सुधारों से जुड़े सुझावों की पेशकश करता है।

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