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बंद रहीं सराफा की दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Mar 2016 12:22 AM IST
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सुनार
- फोटो : amarujala
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बस्ती। सराफा व्यापार पर विदाउट इनपुट क्रेडिट एक प्रतिशत, इनपुट क्रेडिट पर साढ़े 12 प्रतिशत तक एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने और दो लाख रुपये से अधिक के खरीद पर पैन कार्ड की अनिवार्यता के विरोध में सोमवार को भी सराफा कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। इसके चलते लाखों रुपये का कारोबार प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है।
राष्ट्रीय सराफा एसोसिएशन और प्रांतीय एसोसिएशन के आह्वान पर सराफा कारोबारियों ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के विरोध में दो मार्च से लेकर अब तक दुकानें बंद रखकर विरोध जता रहे हैं। मांग पूरी न होने के चलते हर दिन की बंदी से जहां लाखों रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है वहीं मांगलिक कार्य के लिए आभूषणों की खरीदारी करने वाले भी परेशान हैं।
शहर से लगायत देहात के क्षेत्रों में जिले में करीब एक हजार से अधिक सराफा की दुकानें हैं। इनकी बंदी से लोग परेशान हो रहे हैं। सराफा कारोबारी जयप्रकाश गुप्ता ने बताया कि बंदी अभी भी जारी है। जब तक सरकार मांगों के प्रति कोई सकारात्मक रवैया नहीं अपनाती या फिर संगठन के पदाधिकारियों से कोई दिशा निर्देश नहीं मिलता, हम दुकानें बंद रखे हैं।
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मुंडेरवा प्रतिनिधि के अनुसार, कस्बे में सराफा की दुकानों को बंद रखकर कारोबारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। मुंडेरवा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम प्रसाद सोनी, अनूप सोनी, दीपक सोनी, गुड्डू जायसवाल, तपेनाथ, आदर्श सोनी, जमुना साहू, मनोज सोनी, पप्पू सोनी आदि ने बताया कि सरकार की गलत नीति के चलते सराफा कारोबारी दुकानें बंद करने को विवश हुए हैं। सरकार को जल्द इसके बारे में निर्णय लेना चाहिए। जिससे संकट की स्थिति न आए।
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राष्ट्रीय सराफा एसोसिएशन और प्रांतीय एसोसिएशन के आह्वान पर सराफा कारोबारियों ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के विरोध में दो मार्च से लेकर अब तक दुकानें बंद रखकर विरोध जता रहे हैं। मांग पूरी न होने के चलते हर दिन की बंदी से जहां लाखों रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है वहीं मांगलिक कार्य के लिए आभूषणों की खरीदारी करने वाले भी परेशान हैं।
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शहर से लगायत देहात के क्षेत्रों में जिले में करीब एक हजार से अधिक सराफा की दुकानें हैं। इनकी बंदी से लोग परेशान हो रहे हैं। सराफा कारोबारी जयप्रकाश गुप्ता ने बताया कि बंदी अभी भी जारी है। जब तक सरकार मांगों के प्रति कोई सकारात्मक रवैया नहीं अपनाती या फिर संगठन के पदाधिकारियों से कोई दिशा निर्देश नहीं मिलता, हम दुकानें बंद रखे हैं।
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मुंडेरवा प्रतिनिधि के अनुसार, कस्बे में सराफा की दुकानों को बंद रखकर कारोबारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। मुंडेरवा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम प्रसाद सोनी, अनूप सोनी, दीपक सोनी, गुड्डू जायसवाल, तपेनाथ, आदर्श सोनी, जमुना साहू, मनोज सोनी, पप्पू सोनी आदि ने बताया कि सरकार की गलत नीति के चलते सराफा कारोबारी दुकानें बंद करने को विवश हुए हैं। सरकार को जल्द इसके बारे में निर्णय लेना चाहिए। जिससे संकट की स्थिति न आए।