Wrestlers Protest: देश को ओलंपिक मेडल दिलाने वाले हॉकी के पूर्व कप्तान ने पहलवानों पर कही ये बात
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विस्तार
प्रश्न- देश को ओलंपिक मेडल जिताने वाली बेटियां आज सड़क पर हैं। वे यौन शोषण की शिकायत कर रही हैं और कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष पर कार्रवाई किए जाने की बात कर रही हैं। लेकिन बृजभूषण शरण सिंह इसे राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं। क्या कहेंगे?
उत्तर- खिलाड़ियों के पास करियर के रूप में बहुत कम वर्ष होते हैं। केवल विपक्ष की राजनीति के लिए कोई खिलाड़ी अपने इस महत्त्वपूर्ण समय को दांव पर क्यों लगाएगा? यदि इतनी ज्यादा संख्या में महिला पहलवान प्रदर्शन कर रही हैं, तो मामले की गंभीरता को समझा जाना चाहिए। मामले की विस्तृत जांच होनी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके। इन खिलाड़ियों ने एक बेहद संवेदनशील मुद्दे को उठाया है। यह केवल उनके ही नहीं, आने वाली पीढ़ी से जुड़ा मुद्दा भी है। इसकी गंभीरता को समझते हुए इसका सच सामने आना चाहिए।
प्रश्न- लेकिन इन्हीं खिलाड़ियों के कहने पर सरकार ने जांच कमेटी का गठन कर दिया था और एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है। ऐसे में अब प्रदर्शन क्यों?
उत्तर- हमारे देश में सर्वोच्च न्यायालय से बड़ी कोई संस्था नहीं है। जनता की दृष्टि में इसकी विश्वसनीयता सबसे ज्यादा है। खिलाड़ियों को सर्वोच्च न्यायालय पर भरोसा रखना चाहिए। साथ ही, इस मामले की जांच जल्द से जल्द पूरी होनी चाहिए, जिससे खिलाड़ियों को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जा सके।
प्रश्न- बड़ा प्रश्न यह भी है कि देश की ज्यादातर खेल संस्थाओं में यौन शोषण की शिकायत करने के लिए उपयुक्त सिस्टम नहीं बनाया गया है। ऐसे में इस तरह की शिकायतों को सामने लाने और उनका जल्द निपटारा करने में समस्या आती है। क्या कहेंगे?
उत्तर- बहुत सारी खेल फेडरेशन में पहले ही महिला खिलाड़ियों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखा जाता है। उन्हें यौन शोषण जैसी गंभीर समस्या से बचाने के लिए उपयुक्त मंच भी बनाए गए हैं। यदि कहीं इस तरह के मंच नहीं हैं तो इसका जल्द से जल्द गठन किया जाना चाहिए। कम से कम हॉकी के संदर्भ में मैं यह बात कह सकता हूं कि यहां खिलाड़ियों के साथ कोई समस्या नहीं है। दूसरे खेल फेडरेशन के संदर्भ में उन संस्थाओं से जुड़े लोग ज्यादा बेहतर बता सकते हैं।
प्रश्न- बृजभूषण शरण सिंह पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। क्या यह बेहतर नहीं होगा कि नैतिकता के आधार पर उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और मामले की जांच होने देनी चाहिए। आप क्या कहेंगे, ऐसे समय में उन्हें क्या करना चाहिए?
उत्तर- मेरे पास यह कहने का अधिकार नहीं है कि किसे क्या करना चाहिए। वे अपनी स्थिति ज्यादा बेहतर ढंग से समझते होंगे और उसी के अनुसार काम करेंगे। मेरा केवल इतना ही कहना है कि कुश्ती और खेल को ध्यान में रखते हुए व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए कदम उठाना चाहिए।
प्रश्न- आप देश की हॉकी टीम के लंबे समय तक कप्तान रहे हैं और इसके कोच भी रह चुके हैं। आप खिलाड़ियों को क्या संदेश देना चाहेंगे?
उत्तर- मैं केवल इतना ही कहूंगा कि इस मामले का जल्द से जल्द समाधान हो। खिलाड़ी संतुष्ट होकर अपने घर जाएं और कुश्ती की प्रैक्टिस करें। देश के लिए मेडल जीतें और देश का मान बढ़ाएं। सबके हित में यही है।