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WFI Suspension: कुश्ती संघ के निलंबित होने के बाद साक्षी मलिक का बयान, जानें संन्यास से वापसी पर क्या कहा
Sun, 24 Dec 2023 04:56 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 24 Dec 2023 04:56 PM IST
सार
खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती संघ को निलंबित कर दिया है। ऐसे में पहलवान साक्षी मलिक ने कहा है कि उनकी लड़ाई कभी भी सरकार के खिलाफ नहीं थी। वह बेटियों के लिए लड़ रही थीं।
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साक्षी मलिक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय कुश्ती संघ के विवाद में अब सरकार ने हस्तक्षेप किया है। खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती संघ को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया है। संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष संजय सिंह ने जो फैसले लिए थे, उन्हें भी रद्द कर दिया है। संजय कुमार सिंह को जिस दिन अध्यक्ष चुना गया था उसी दिन उन्होंने घोषणा की थी कि कुश्ती के लिए अंडर-15 और अंडर-20 राष्ट्रीय मुकाबले नंदिनी नगर, गोंडा (यूपी) में होंगे। खेल मंत्रालय के निलंबन पर पहलवान साक्षी मलिक की प्रतिक्रिया भी आ गई है।
साक्षी ने कहा कि यह फैसला पहलवानों के हित में है। हम पहले ही कहते रहे हैं कि यह बेटियों और बहनों की लड़ाई है। यह पहला कदम है। अपने संन्यास से वापसी पर उन्होंने कहा कि नए कुश्ती संघ के आने के बाद वह इस बारे में फैसला करेंगी। उन्होंने आगे कहा कि अब तक लिखित रूप में यह साफ नहीं हुआ है कि कुश्ती संघ को निलंबित किया गया है या सिर्फ संजय सिंह को हटाया गया है। यह साफ होने के बाद ही वह कुछ कहेंगी। उन्होंने आगे कहा कि वह संन्यास का एलान कर चुकी हैं और युवा पहलवानों के लिए न्याय चाहती हैं। भविष्य में स्थिति साफ होने पर वह अपने संन्यास से वापसी के फैसले पर विचार करेंगी।
पद्म श्री पुरस्कार लौटाने वाले बजरंग पूनिया ने सरकार के फैसले को सही ठहराया है और कहा है कि वह अपना सम्मान वापस ग्रहण करेंगे। वहीं, विनेश ने भी कहा है कि उनकी लड़ाई सरकार के खिलाफ नहीं थी। यह फैसला खिलाड़ियों के हित में है।
बृजभूषण सिंह ने इस मामले पर कहा है कि वह कुश्ती से दूरी बना चुके हैं और उनका पूरा ध्यान लोकसभा चुनावों पर है। बृजभूषण ने कहा, ''संजय सिंह मेरे रिश्तेदार नहीं हैं। 15 और 20 साल के बच्चों का साल खराब नहीं हो, इस कारण नंदिनी नगर में टूर्नामेंट रखा गया। यह फैसला आम सहमति से लिया गया था। सभी 25 फेडरेशन ने अपनी लिखित और मौखिक सहमति दी थी।''
बृजभूषण ने आगे कहा, ''मैंने 12 साल तक कुश्ती के लिए काम किया। अच्छा किया या गलत किया, इसका मूल्यांकन समय करेगा। एक तरह से कुश्ती खेल से मैं संन्यास ले चुका हूं। अब जो भी फैसला लेना है, इस पर चुने गए फेडरेशन के लोग फैसला करेंगे। मेरा लोकसभा का चुनाव आ रहा है और भी मेरे पास बहुत काम है।''
संजय सिंह ने कहा, ''खेल मंत्रालय द्वारा अगले आदेश तक डब्ल्यूएफआई को निलंबित करने के बाद उन्हें अभी तक कोई पत्र नहीं मिला है। मैं फ्लाइट में था। अभी तक मुझे कोई पत्र नहीं मिला है। पहले मुझे पत्र देखने दीजिए, उसके बाद ही कोई टिप्पणी करूंगा। मैंने सुना है कि कुछ गतिविधि रोक दी गई है।''
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साक्षी ने कहा कि यह फैसला पहलवानों के हित में है। हम पहले ही कहते रहे हैं कि यह बेटियों और बहनों की लड़ाई है। यह पहला कदम है। अपने संन्यास से वापसी पर उन्होंने कहा कि नए कुश्ती संघ के आने के बाद वह इस बारे में फैसला करेंगी। उन्होंने आगे कहा कि अब तक लिखित रूप में यह साफ नहीं हुआ है कि कुश्ती संघ को निलंबित किया गया है या सिर्फ संजय सिंह को हटाया गया है। यह साफ होने के बाद ही वह कुछ कहेंगी। उन्होंने आगे कहा कि वह संन्यास का एलान कर चुकी हैं और युवा पहलवानों के लिए न्याय चाहती हैं। भविष्य में स्थिति साफ होने पर वह अपने संन्यास से वापसी के फैसले पर विचार करेंगी।
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#WATCH | Delhi: On suspension of the newly elected body of Wrestling Federation of India (WFI) by Union Sports Ministry, Wrestler Sakshee Malikkh says, "This has happened for the betterment of the wrestlers. We had been saying that this was the fight of the daughters and sisters.… pic.twitter.com/MU3LLh0x21
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 24, 2023
पद्म श्री पुरस्कार लौटाने वाले बजरंग पूनिया ने सरकार के फैसले को सही ठहराया है और कहा है कि वह अपना सम्मान वापस ग्रहण करेंगे। वहीं, विनेश ने भी कहा है कि उनकी लड़ाई सरकार के खिलाफ नहीं थी। यह फैसला खिलाड़ियों के हित में है।
बृजभूषण सिंह ने इस मामले पर कहा है कि वह कुश्ती से दूरी बना चुके हैं और उनका पूरा ध्यान लोकसभा चुनावों पर है। बृजभूषण ने कहा, ''संजय सिंह मेरे रिश्तेदार नहीं हैं। 15 और 20 साल के बच्चों का साल खराब नहीं हो, इस कारण नंदिनी नगर में टूर्नामेंट रखा गया। यह फैसला आम सहमति से लिया गया था। सभी 25 फेडरेशन ने अपनी लिखित और मौखिक सहमति दी थी।''
#WATCH | After the Union Sports Ministry suspends the newly elected body of the Wrestling Federation of India, former WFI chief Brij Bhushan Sharan Singh says, "I have worked 12 years for the wrestlers. Time will tell if I have done justice...Now decisions and talks with the govt… pic.twitter.com/DkWSBopxwm
— ANI (@ANI) December 24, 2023
बृजभूषण ने आगे कहा, ''मैंने 12 साल तक कुश्ती के लिए काम किया। अच्छा किया या गलत किया, इसका मूल्यांकन समय करेगा। एक तरह से कुश्ती खेल से मैं संन्यास ले चुका हूं। अब जो भी फैसला लेना है, इस पर चुने गए फेडरेशन के लोग फैसला करेंगे। मेरा लोकसभा का चुनाव आ रहा है और भी मेरे पास बहुत काम है।''
संजय सिंह ने कहा, ''खेल मंत्रालय द्वारा अगले आदेश तक डब्ल्यूएफआई को निलंबित करने के बाद उन्हें अभी तक कोई पत्र नहीं मिला है। मैं फ्लाइट में था। अभी तक मुझे कोई पत्र नहीं मिला है। पहले मुझे पत्र देखने दीजिए, उसके बाद ही कोई टिप्पणी करूंगा। मैंने सुना है कि कुछ गतिविधि रोक दी गई है।''