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World Championship: विश्व चैंपियन गुकेश ने पैडी अपटन को जमकर सराहा, बोले - मानसिक दबाव से निपटना जरूरी
Mon, 16 Dec 2024 06:09 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 16 Dec 2024 06:09 PM IST
सार
अपटन एक जाने माने मानसिक अनुकूलन कोच है। उन्होंने सिंगापुर में 14 बाजियों के विश्व चैंपियनशिप मुकाबले के दौरान गुकेश के साथ काम किया था। गुकेश ने हाल ही में चीन के डिंग लिरेन को हराकर विश्व शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीता था।
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डी गुकेश
- फोटो : PTI
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विस्तार
विश्व शतरंज चैंपियनशिप के विजेता भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने मानसिक अनुकूलन कोच पैडी अपटन की जमकर प्रशंसा की। गुकेश ने कहा कि इस टूर्नामेंट में मानसिक दबाव से निपटना जरूरी है। उन्होंने अपटन को अपनी जीत का श्रेय दिया और कहा कि उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन के दौरान भावनात्मक दबाव पर काबू पाने में अपटन ने काफी मदद की।
अपटन एक जाने माने मानसिक अनुकूलन कोच है। उन्होंने सिंगापुर में 14 बाजियों के विश्व चैंपियनशिप मुकाबले के दौरान गुकेश के साथ काम किया था। गुकेश ने हाल ही में चीन के डिंग लिरेन को हराकर विश्व शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीता था। 18 वर्षीय गुकेश यह चैंपियनशिप जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। गुकेश सोमवार को स्वदेश पहुंचे जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया।
गुकेश ने कहा, विश्व चैंपियनशिप सिर्फ शतरंज के चालों के बारे में नहीं है। इससे निपटने के लिए बहुत सारे मानसिक और भावनात्मक दबाव होते हैं। पैडी ने इस मामले में मेरी काफी मदद की है। मैंने उनसे जो बातचीत की और उन्होंने मुझे जो सुझाव दिए वह एक खिलाड़ी के रूप में मेरे विकास के लिए काफी अहम रहे हैं। पैडी मेरी टीम का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। कैंडिडेट्स जीतने के बाद, मैंने संदीप सर से एक मानसिक अनुकूलन कोच की मांग की थी। उन्होंने तुरंत मुझे पैडी अपटन से संपर्क कराया। जिनके पास शानदार प्रदर्शन करने वाले एथलीटों के साथ काम करने का काफी अनुभव है।
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गुकेश के चैंपियन बनने के बाद अपटन ने इस खिलाड़ी की जागरूकता की सराहना की थी। उन्होंने कहा था, मुझे लगता है कि गुकेश के साथ काम करने में सबसे शानदार बात उनकी जागरूकता का स्तर था। मेरी कोशिश यह परखने की थी कि वह अपने विचारों पर कैसी प्रतिक्रिया दे रहा है। शतरंज की बिसात पर जरूरत से ज्यादा सोचते समय भी उन्होंने परिपक्व जागरूकता दिखाई। अगर उनका दिमाग भटका भी तो उन्होंने तुरंत काबू पा लिया।
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अपटन एक जाने माने मानसिक अनुकूलन कोच है। उन्होंने सिंगापुर में 14 बाजियों के विश्व चैंपियनशिप मुकाबले के दौरान गुकेश के साथ काम किया था। गुकेश ने हाल ही में चीन के डिंग लिरेन को हराकर विश्व शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीता था। 18 वर्षीय गुकेश यह चैंपियनशिप जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। गुकेश सोमवार को स्वदेश पहुंचे जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया।
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गुकेश ने कहा, विश्व चैंपियनशिप सिर्फ शतरंज के चालों के बारे में नहीं है। इससे निपटने के लिए बहुत सारे मानसिक और भावनात्मक दबाव होते हैं। पैडी ने इस मामले में मेरी काफी मदद की है। मैंने उनसे जो बातचीत की और उन्होंने मुझे जो सुझाव दिए वह एक खिलाड़ी के रूप में मेरे विकास के लिए काफी अहम रहे हैं। पैडी मेरी टीम का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। कैंडिडेट्स जीतने के बाद, मैंने संदीप सर से एक मानसिक अनुकूलन कोच की मांग की थी। उन्होंने तुरंत मुझे पैडी अपटन से संपर्क कराया। जिनके पास शानदार प्रदर्शन करने वाले एथलीटों के साथ काम करने का काफी अनुभव है।
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गुकेश के चैंपियन बनने के बाद अपटन ने इस खिलाड़ी की जागरूकता की सराहना की थी। उन्होंने कहा था, मुझे लगता है कि गुकेश के साथ काम करने में सबसे शानदार बात उनकी जागरूकता का स्तर था। मेरी कोशिश यह परखने की थी कि वह अपने विचारों पर कैसी प्रतिक्रिया दे रहा है। शतरंज की बिसात पर जरूरत से ज्यादा सोचते समय भी उन्होंने परिपक्व जागरूकता दिखाई। अगर उनका दिमाग भटका भी तो उन्होंने तुरंत काबू पा लिया।