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Wimbledon 2023: विंबलडन में एआई करेगा कमेंटरी, विशेषज्ञ बोले- कैसे आएगा इंसानी लहजा
Mon, 26 Jun 2023 11:43 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 26 Jun 2023 11:43 AM IST
सार
ऑल इंग्लैंड क्लब एआई कमेंटेटर को आईबीएम की मदद से लॉन्च करने जा रहा है। इसके लिए एआई कमेंटेटर को टेनिस की अनूठी भाषा में तैयार किया गया है।
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विंबलडन ओपन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विंबलडन के आयोजक ऑल इंग्लैंड क्लब ने घोषणा की है कि इस वर्ष विंबलडन के एप और वेबसाइट पर महिला और पुरुष की आवाज में इन्सान की जगह एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) निर्मित कमेंटेटर कमेंटरी करेंगे। विंबलडन के मैचों का लाइव प्रसारण और कमेंटरी की शुरुआत 1937 में बीबीसी पर हुई थी, लेकिन यह पहली बार होगा कि एआई कमेंटेटर लिखने और बोलने दोनों ही काम करेंगे। बताया जा रहा है कि एआई कमेंटेटर को इन्सान की ओर से कोई इनपुट भी नहीं दिया जाएगा। वह खुद ही अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई कमेंटेटर मनुष्य की तरह भाषा, लहजा और सेंस ऑफ ह्यूमर कहां से लाएगा।
क्रिकेट के दिग्गज कमेंटेटर सुशील दोषी ने अमर उजाला से कहा- नई तकनीक का स्वागत किया जाना चाहिए। लोग खासकर युवा पीढ़ी नई चीजों की ओर आकर्षित होती हैं। उन्होंने कहा, लेकिन एक संदेह यह है कि एआई आधारित कमेंटेटर भाषा, बोलने का लहजा और सेंस ऑफ ह्यूमर मनुष्य की तरह कैसे ला सकेगा। उन्होंने कहा-लोग सुनील गावस्कर, रवि शास्त्री और हर्षा भोगले सहित अन्य कमेंटेटरों को सुनना पसंद करते हैं। मैच के दौरान कोई विषम स्थिति आती है तो उस समय एआई कमेंटेटर क्या इन्सानों की तरह संवाद कर सकेगा। ऐसे कई सवालों पर बड़े स्तर पर बहस की जरूरत है।
अनूठी भाषा में तैयार किए गए हैं एआई कमेंटेटर
ऑल इंग्लैंड क्लब एआई कमेंटेटर को आईबीएम की मदद से लॉन्च करने जा रहा है। इसके लिए एआई कमेंटेटर को टेनिस की अनूठी भाषा में तैयार किया गया है। इसके डाटा में शामिल होगा कि गेंद कहां पर है। खिलाड़ी किस तरह के शॉट खेल रहे हैं। कमेंटरी के दौरान महिला और पुरुष टिप्पणीकारों का इस्तेमाल किया जाएगा, लेकिन आवाज में मनुष्य का कोई इनपुट नहीं रहेगा।
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लाइन जजों का काम भी संभाल सकती है एआई
विश्व के महत्वपूर्ण खेल क्रिकेट, फुटबाल, टेनिस आदि में समय-समय पर तकनीक का इस्तेमाल किया जाता रहा है। हॉक आई के साथ ही वार (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) का प्रयोग खूब हो रहा है। माना जा रहा है कि टेनिस में जल्द ही लाइन जजों की जगह एआई निर्मित कृत्रिम जजों को लगाया जाएगा। आईबीएम स्पोर्ट्स पार्टनरशिप के केविन फेरार ने कहा, एआई एंकर या कमेंटेटर मानव की जगह लेने के बजाय उसके विकल्प की भूमिका में होगा। अभी एआई कमेंटेटर का इस्तेमाल एप और वेबसाइट पर दैनिक हाइलट आदि के लिए किया जाएगा। बाद में विंबलडन के प्रसारक बीबीसी पर सामान्य मैचों जैसे जूनियर, सीनियर और व्हीलचेयर टेनिस में इसको आजमाया जा सकता है।
जॉन मैकनरो और बिल थ्रेलफॉल की आवाज भी निकाल सकते हैं एआई कमेंटेटर
माना जा रहा है कि एआई कमेंटेटर दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रहे जॉन मैकनरो और दिवंगत बिल थ्रेलफॉल जैसे कई दिग्गज कमेंटेटरों की हूबहू आवाज में कमेंटरी कर सकेंगे। हालांकि थ्रेलफाल के निधन होने की वजह से उनकी आवाज की नकल करने में कुछ समस्या आ सकती है।
गोल्फ में हो चुका एआई कमेंटेटर का सफल इस्तेमाल
एआई कमेंटेटर का खेल में सबसे पहले इस्तेमाल इस वर्ष अप्रैल में यूएस मास्टर्स गोल्फ टूर्नामेंट में हुआ था। अमेरिकी गोल्फिंग दिग्गज जैक निकलॉस के पास एक एआई-संचालित एनीमेशन था जो प्रशंसकों से बात करने और गोल्फिंग सवालों के जवाब देने में सक्षम था।
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क्रिकेट के दिग्गज कमेंटेटर सुशील दोषी ने अमर उजाला से कहा- नई तकनीक का स्वागत किया जाना चाहिए। लोग खासकर युवा पीढ़ी नई चीजों की ओर आकर्षित होती हैं। उन्होंने कहा, लेकिन एक संदेह यह है कि एआई आधारित कमेंटेटर भाषा, बोलने का लहजा और सेंस ऑफ ह्यूमर मनुष्य की तरह कैसे ला सकेगा। उन्होंने कहा-लोग सुनील गावस्कर, रवि शास्त्री और हर्षा भोगले सहित अन्य कमेंटेटरों को सुनना पसंद करते हैं। मैच के दौरान कोई विषम स्थिति आती है तो उस समय एआई कमेंटेटर क्या इन्सानों की तरह संवाद कर सकेगा। ऐसे कई सवालों पर बड़े स्तर पर बहस की जरूरत है।
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अनूठी भाषा में तैयार किए गए हैं एआई कमेंटेटर
ऑल इंग्लैंड क्लब एआई कमेंटेटर को आईबीएम की मदद से लॉन्च करने जा रहा है। इसके लिए एआई कमेंटेटर को टेनिस की अनूठी भाषा में तैयार किया गया है। इसके डाटा में शामिल होगा कि गेंद कहां पर है। खिलाड़ी किस तरह के शॉट खेल रहे हैं। कमेंटरी के दौरान महिला और पुरुष टिप्पणीकारों का इस्तेमाल किया जाएगा, लेकिन आवाज में मनुष्य का कोई इनपुट नहीं रहेगा।
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लाइन जजों का काम भी संभाल सकती है एआई
विश्व के महत्वपूर्ण खेल क्रिकेट, फुटबाल, टेनिस आदि में समय-समय पर तकनीक का इस्तेमाल किया जाता रहा है। हॉक आई के साथ ही वार (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) का प्रयोग खूब हो रहा है। माना जा रहा है कि टेनिस में जल्द ही लाइन जजों की जगह एआई निर्मित कृत्रिम जजों को लगाया जाएगा। आईबीएम स्पोर्ट्स पार्टनरशिप के केविन फेरार ने कहा, एआई एंकर या कमेंटेटर मानव की जगह लेने के बजाय उसके विकल्प की भूमिका में होगा। अभी एआई कमेंटेटर का इस्तेमाल एप और वेबसाइट पर दैनिक हाइलट आदि के लिए किया जाएगा। बाद में विंबलडन के प्रसारक बीबीसी पर सामान्य मैचों जैसे जूनियर, सीनियर और व्हीलचेयर टेनिस में इसको आजमाया जा सकता है।
जॉन मैकनरो और बिल थ्रेलफॉल की आवाज भी निकाल सकते हैं एआई कमेंटेटर
माना जा रहा है कि एआई कमेंटेटर दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रहे जॉन मैकनरो और दिवंगत बिल थ्रेलफॉल जैसे कई दिग्गज कमेंटेटरों की हूबहू आवाज में कमेंटरी कर सकेंगे। हालांकि थ्रेलफाल के निधन होने की वजह से उनकी आवाज की नकल करने में कुछ समस्या आ सकती है।
गोल्फ में हो चुका एआई कमेंटेटर का सफल इस्तेमाल
एआई कमेंटेटर का खेल में सबसे पहले इस्तेमाल इस वर्ष अप्रैल में यूएस मास्टर्स गोल्फ टूर्नामेंट में हुआ था। अमेरिकी गोल्फिंग दिग्गज जैक निकलॉस के पास एक एआई-संचालित एनीमेशन था जो प्रशंसकों से बात करने और गोल्फिंग सवालों के जवाब देने में सक्षम था।