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Vijender Singh: कौन हैं कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने वाले बॉक्सर विजेंदर सिंह? ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुके
Wed, 03 Apr 2024 03:57 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Wed, 03 Apr 2024 03:57 PM IST
सार
मुक्केबाजी में भारत के पहले ओलंपिक पदक विजेता और कांग्रेस नेता विजेंदर सिंह बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में दक्षिणी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से लड़ा था लेकिन असफल रहे। उनका नाम पिछले कुछ दिनों से मथुरा से पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चर्चा में था, जहां से अभिनेत्री और मौजूदा सांसद हेमा मालिनी फिर से चुनाव लड़ रही हैं।
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विजेंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुक्केबाजी में भारत के पहले ओलंपिक पदक विजेता और कांग्रेस नेता विजेंदर सिंह बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में दक्षिणी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से लड़ा था लेकिन असफल रहे। उनका नाम पिछले कुछ दिनों से मथुरा से पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चर्चा में था, जहां से अभिनेत्री और मौजूदा सांसद हेमा मालिनी फिर से चुनाव लड़ रही हैं। विजेंदर जाट समुदाय से आते हैं, जिसका हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बड़ी संख्या में सीटों पर राजनीतिक प्रभाव है। बता दें कि, 19 अप्रैल से सात चरणों में लोकसभा चुनाव होंगे। वोटों की गिनती 4 जून को होगी। लोकसभा चुनावों के साथ 26 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव भी होंगे।
2008 बीजिंग ओलंपिक में जीता था कांस्य
विजेंद्र को साल 2009 में राजीव गांधी खेल रत्न से नवाजा गया था। उन्होंने 2008 के बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। वे इन खेलों में पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज थे। विजेंद्र बीजिंग ओलिंपिक्स में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय एथलीट थे।
हरियाणा सरकार ने दी थी डीएसपी की पोस्ट
पूर्व भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार ने बॉक्सिंग में विजेंद्र की उपलब्धियों के चलते उन्हें सम्मान स्वरूप हरियाणा पुलिस में डीएसपी की पोस्ट दी थी। 2008 में विजेंद्र ने बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद हुड्डा सरकार ने उन्हें एचपीएस बनाया था। 2015 में पेशेवर मुक्केबाज बनने के दौरान भी उनके डीएसपी पद को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, लेकिन सरकार ने उन्हें डीएसपी स्पोर्ट्स के पद पर बरकरार रखा। भारत के सबसे कामयाब बॉक्सरों में शुमार किए विजेंद्र ने अपने एमेच्योर कैरियर को तौबा करते हुए प्रोफेशनल बॉक्सर बनने का फैसला किया था।
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कॉलेज के दिनों से था मुक्केबाजी का शौक
29 अक्टूबर, 1985 में हरियाणा के भिवानी में जन्में विजेंद्र के पिता महिपाल सिंह बेनीवाल हरियाणा रोडवेज़ में बस ड्राइवर हैं। उनकी मां गृहणी हैं। विजेंद्र बेहद निम्न मध्यम वर्गीय परिवार से जुड़े हैं। विजेंद्र सिंह को कॉलेज के दिनों से ही मुक्केबाजी और कुश्ती का शौक था, वह इसकी प्रैक्टिस भिवानी बॉक्सिंग क्लब में करते थे। उन्होंने कोचिंग का प्रशिक्षण भारतीय बॉक्सिंग कोच गुरबक्श सिंह संधू से लिया हैं। 17 मई, 2011 को विजेंदर ने अर्चना सिंह को हमसफर बनाया। अर्चना दिल्ली की रहने वाली हैं और सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल हैं।
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2008 बीजिंग ओलंपिक में जीता था कांस्य
विजेंद्र को साल 2009 में राजीव गांधी खेल रत्न से नवाजा गया था। उन्होंने 2008 के बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। वे इन खेलों में पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज थे। विजेंद्र बीजिंग ओलिंपिक्स में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय एथलीट थे।
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हरियाणा सरकार ने दी थी डीएसपी की पोस्ट
पूर्व भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार ने बॉक्सिंग में विजेंद्र की उपलब्धियों के चलते उन्हें सम्मान स्वरूप हरियाणा पुलिस में डीएसपी की पोस्ट दी थी। 2008 में विजेंद्र ने बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद हुड्डा सरकार ने उन्हें एचपीएस बनाया था। 2015 में पेशेवर मुक्केबाज बनने के दौरान भी उनके डीएसपी पद को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, लेकिन सरकार ने उन्हें डीएसपी स्पोर्ट्स के पद पर बरकरार रखा। भारत के सबसे कामयाब बॉक्सरों में शुमार किए विजेंद्र ने अपने एमेच्योर कैरियर को तौबा करते हुए प्रोफेशनल बॉक्सर बनने का फैसला किया था।
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कॉलेज के दिनों से था मुक्केबाजी का शौक
29 अक्टूबर, 1985 में हरियाणा के भिवानी में जन्में विजेंद्र के पिता महिपाल सिंह बेनीवाल हरियाणा रोडवेज़ में बस ड्राइवर हैं। उनकी मां गृहणी हैं। विजेंद्र बेहद निम्न मध्यम वर्गीय परिवार से जुड़े हैं। विजेंद्र सिंह को कॉलेज के दिनों से ही मुक्केबाजी और कुश्ती का शौक था, वह इसकी प्रैक्टिस भिवानी बॉक्सिंग क्लब में करते थे। उन्होंने कोचिंग का प्रशिक्षण भारतीय बॉक्सिंग कोच गुरबक्श सिंह संधू से लिया हैं। 17 मई, 2011 को विजेंदर ने अर्चना सिंह को हमसफर बनाया। अर्चना दिल्ली की रहने वाली हैं और सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल हैं।