विराट कोहली बोले, पहले अंधविश्वासी था अब ऊब चुका हूं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विराट कोहली की मानें तो दिल्ली के लोगों में जूझने और प्रतिस्पर्धा की जबरदस्त क्षमता होती है। यही लड़ाकूपन उनके अंदर भी भरा हुआ है।
विराट खुलासा करते हैं कि श्रीलंका में 0-1 से टेस्ट श्रृंखला में पिछड़ने के बाद इसी प्रतिस्पर्धीपन ने उनकी टीम की न सिर्फ वापसी कराई बल्कि श्रृंखला जीतने में भी मदद की।
गुड़गांव में एक समारोह में भाग लेने आए विराट कोहली ने बातों ही बातों में इशारा कर दिया कि वह अपने आक्रामक तेवरों को विराम नहीं देने जा रहे हैं। उन्होंने श्रीलंका पर मिली 2-1 से जीत को बेहद खास बताया।
'पहले अंधविश्वासी था अब नहीं'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विराट कोहली ने कहा कि खिलाड़ियों ने एकजुट होकर श्रीलंकाई टीम की चुनौती को स्वीकार किया और करारा जवाब दिया। विराट ने कहा कि वह खिलाड़ियों से जिस तरह के खेल की उम्मीद लगाए बैठे थे उन्हें वही उनसे मिला।
विराट खुलासा करते हैं कि जब उन्होंने क्रिकेटिंग कैरियर की शुरूआत की थी उस दौरान वह अंधविश्वासी थे। खेलने के दौरान कई अंधविश्वास को मानते थे, लेकिन अब वह इससे उबर चुके हैं। विराट के मुताबिक अंधविश्वास खत्म होने का एकमात्र कारण उनमें आत्मविश्वास का जागना है।
वह आगे कहते हैं कि उन्हें अब अपने में काफी विश्वास है। यही कारण है कि वह कुछ कर गुजरने में विश्वास रखते हैं। हालांकि इशांत शर्मा को लेकर बिशन सिंह बेदी और संजय मांजरेकर की ओर से की गई उनकी आलोचना पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।