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विजय, जयदीप के निशाने पर रियो ओलंपिक
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 10 Oct 2012 11:55 PM IST
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लंदन ओलंपिक की सफलता की खुमारी अभी शूटर विजय कुमार के सिर से पूरी तरह उतर भी नहीं पाई होगी कि उन्होंने चार साल बाद होने वाले रियो डि जेनेरियो ओलंपिक को अपना लक्ष्य बना लिया है। सिर्फ विजय ही नहीं बल्कि दुर्भाग्य से कांस्य पदक से चूक गए जयदीप कर्माकर ने तो एक कदम आगे बढ़ाते हुए 2016 ओलंपिक की तैयारियों का प्लान खेल मंत्रालय को सौंप भी दिया है। यही नहीं दोनों ही शूटर 12 दिसंबर से दिल्ली में होने जा रही नेशनल चैंपियनशिप में भी शिरकत करने जा रहे हैं।
विजय कुमार ने बाकायदा नेशनल चैंपियनशिप के लिए तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। वह कहते हैं कि ओलंपिक में पदक भले जीत लिया हो लेकिन नेशनल खेलना जरूरी है। वह अपनी प्रिय 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल के अलावा दूसरी इवेंट में भी इस चैंपियनशिप में खेलेंगे। फिलहाल नेशनल से पहले वह वर्ल्ड कप फाइनल्स में खेलने जा रहे हैं। रही बात रियो ओलंपिक की तो वह जल्द ही मंत्रालय को नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फंड के जरिए अपनी तैयारियों का प्रस्ताव सौंपेंगे।
जयदीप कर्माकर ने एनएसडीएफ के जरिए रियो ओलंपिक की तैयारियों का प्लान मंत्रालय को सौंपते हुए आर्थिक मदद भी मांग ली है। वह नवंबर में अपने और अभिनव बिंद्रा के कोच हींज रिकेनमायर के संरक्षण में डॉर्टमुंड में तैयारियां करने के लिए जाएंगे।
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जयदीप का कहना है कि वह लंदन में चौथा स्थान पाकर निराश हैं। यही कारण है कि वह रियो के लिए अभी से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने मंत्रालय से तैयारियों के लिए एक करोड़ रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से मदद मांगी है। वह इस साल 30 दिनों तक डॉर्टमुंड में ट्रेनिंग करेंगे। हालांकि उनके प्रस्ताव को मंत्रालय से अभी मंजूरी मिलना बाकी है लेकिन वह उम्मीद जताते हैं कि पिछली बार की तरह इसमें दिक्कतें नहीं आएंगी और इसे मंजूर कर लिया जाएगा।
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विजय कुमार ने बाकायदा नेशनल चैंपियनशिप के लिए तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। वह कहते हैं कि ओलंपिक में पदक भले जीत लिया हो लेकिन नेशनल खेलना जरूरी है। वह अपनी प्रिय 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल के अलावा दूसरी इवेंट में भी इस चैंपियनशिप में खेलेंगे। फिलहाल नेशनल से पहले वह वर्ल्ड कप फाइनल्स में खेलने जा रहे हैं। रही बात रियो ओलंपिक की तो वह जल्द ही मंत्रालय को नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फंड के जरिए अपनी तैयारियों का प्रस्ताव सौंपेंगे।
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जयदीप कर्माकर ने एनएसडीएफ के जरिए रियो ओलंपिक की तैयारियों का प्लान मंत्रालय को सौंपते हुए आर्थिक मदद भी मांग ली है। वह नवंबर में अपने और अभिनव बिंद्रा के कोच हींज रिकेनमायर के संरक्षण में डॉर्टमुंड में तैयारियां करने के लिए जाएंगे।
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जयदीप का कहना है कि वह लंदन में चौथा स्थान पाकर निराश हैं। यही कारण है कि वह रियो के लिए अभी से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने मंत्रालय से तैयारियों के लिए एक करोड़ रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से मदद मांगी है। वह इस साल 30 दिनों तक डॉर्टमुंड में ट्रेनिंग करेंगे। हालांकि उनके प्रस्ताव को मंत्रालय से अभी मंजूरी मिलना बाकी है लेकिन वह उम्मीद जताते हैं कि पिछली बार की तरह इसमें दिक्कतें नहीं आएंगी और इसे मंजूर कर लिया जाएगा।