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मुस्लिम शूटिंग कोच को अमेरिका ने नहीं दिया वीजा
नई दिल्ली/हेमंत रस्तोगी
Updated Mon, 06 May 2013 12:28 AM IST
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मुस्लिमों के प्रति अमेरिका का भेदभाव जारी है।
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उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री आजम खां हों या फिर बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख खान, इनके साथ अमेरिका ने सिर्फ इसलिए दुर्व्यवहार किया क्योंकि वह मुस्लिम हैं।
इन हस्तियों को तो अमेरिका ने वीजा दे दिया, लेकिन बात मुस्लिम खिलाड़ियों की करें तो उन्हें वीजा ही नहीं दिया जा रहा है।
बरेली के शूटर इमरान हसन खान के बाद अमेरिका ने भारतीय टीम के एक और मुस्लिम कोच सैयद वाजिद अली को अपने देश का वीजा नहीं दिया है।
वीजा नहीं मिलने के चलते भारतीय टीम को वर्ल्ड कप जैसे बड़े आयोजन के लिए बिना वाजिद अली के ही फोर्ट बेनिंग (अमेरिका) रवाना होना पड़ा है।
भारतीय शूटर सोमवार से यहां अपने अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने इस वर्ल्ड कप के लिए पिस्टल के 25 मीटर मुकाबलों के लिए बतौर कोच वाजिद अली को टीम में शामिल किया।
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इस वर्ग में लंदन ओलंपिक मेडलिस्ट विजय कुमार व पिछले वर्ल्ड कप में स्वर्ण जीतने वाली राही सरनोबत जैसी शूटर हैं। इससे पहले लंदन ओलंपिक के लिए क्वालीफाइंग वर्ल्ड कप के लिए इमरान हसन के साथ अमेरिका ने इसी तरह का व्यवहार करते हुए उन्हें वीजा नहीं दिया था।
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एनआएआई को था अंदेशा
एनआरएआई को इस बात का पहले से ही अंदेशा था, इसलिए उसने पहले ही वाजिद अली को वीजा के लिए आवेदन करने के लिए कह दिया था।
वाजिद अली ने समय से काफी पहले वीजा के लिए आवेदन किया था ताकि जांच प्रक्रिया में ज्यादा दिक्कत नहीं हो। टीम के सभी सदस्यों को बाद में आवेदन किए जाने के बावजूद वीजा दे दिया गया।
लेकिन दो व तीन मई को टीम के अमेरिका रवाना होने तक वाजिद अली को वीजा नहीं दिया गया।
‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वाजिद टीम के पुराने कोच हैं। फेडरेशन ने विदेश मंत्रालय से अमेरिकी दूतावास के लिए विशेष पत्र भी लिखवाया। बावजूद इसके उन्हें वीजा नहीं दिया गया। उनका रिकार्ड पाक-साफ है और वह टीम के साथ अनगिनत देशों का दौरा कर चुके हैं।’
--बलजीत सिंह सेठी, एनआरएआई के एडवाइजर