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CWG 2022: तूलिका ने दो साल की उम्र में पिता को खोया, क्लब में दिन रात मेहनत की, अब जीता रजत पदक

Thu, 04 Aug 2022 04:28 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम Published by: शक्तिराज सिंह Updated Thu, 04 Aug 2022 04:28 PM IST
सार

तुलिका ने महज दो साल की उम्र में अपने पिता को खो दिया था। उनकी मां दिल्ली पुलिस में कॉन्सटेबल हैं और वो अपने काम में व्यस्त रहती थीं। ऐसे में उन्होंने पास के ही एक क्लब में तूलिका को भर्ती करा दिया। 

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Tulika maan lost his father at the age of two years now won silver medal in CWG 2022
तुलिका मान - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

तूलिका मान ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में रजत पदक अपने नाम किया है। यह जूडो में भारत का तीसरा पदक है। 23 साल की तूलिका को फाइनल में स्कॉटलैंड की सारा एडलिंग्टन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इस तरह तूलिका स्वर्ण से चूक गईं और रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। कॉमनवेल्थ गेम्स में यह उनका पहला पदक है। हालांकि, तूलिका के लिए यहां तक का सफर आसान नहीं रहा है। 
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तुलिका ने महज दो साल की उम्र में अपने पिता को खो दिया था। उनकी मां दिल्ली पुलिस में कॉन्सटेबल हैं और वो अपने काम में व्यस्त रहती थीं। ऐसे में उन्होंने पास के ही एक क्लब में तूलिका को भर्ती करा दिया। यहां तूलिका ने जमकर मेहनत की और जूडो में महारत हासिल कर ली। हालांकि, 2017 तक तूलिका जूडो को शौकिया तौर पर खेलती थीं, लेकिन 2017 में उन्हें अच्छे कोच मिले और उन्होंने इसी खेल में अपना करियर बनाने का मन बना लिया। 
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10वीं की परीक्षा पास करने के बाद तूलिका ने अपनी मां को कह दिया था कि वो पढ़ाई नहीं करना चाहती हैं और जूडो में ही अपना करियर बनाना चाहती हैं। हालांकि, तूलिका आगे पढ़ती रहीं और अपनी यूनिवर्सिटी की तरफ से भी जूडो में कमाल किया। अब उन्होंने देश के लिए पदक जीता है। 
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में कैसा रहा सफर

पहले मैच में मॉरिशस की खिलाड़ी को हराया
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में तूलिका का पहला मुकाबला मॉरिशस की ट्रैसी डुरहोन के खिलाफ था। 78 किलोग्राम या उससे ज्यादा भारवर्ग में तूलिका ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने इपॉन के जरिए एक अंक हासिल किया और यही निर्णायक साबित हुआ। हालांकि, मारिशस की खिलाड़ी ने पेनाल्टी के दो अंक भी गंवाए थे और अगर तूलिका कोई स्कोर नहीं भी करतीं तो उनकी जीत तय थी, लेकिन उन्होंने इसकी नौबत नहीं आने दी। 

दूसरे मैच में न्यूजीलैंड की सिडनी को मात दी
तूलिका का दूसरा मैच न्यूजीलैंड के सिडनी एंड्यूस के साथ था। इस मैच में कीवी खिलाड़ी ने उन्हें कड़ी टक्कर दी और वजा-आरी के जरिए एक अंक हासिल किया, लेकिन तूलिका इपॉन के जरिए एक अंक हासिल किया और मैच जीत लिया। उन्होंने पेनाल्टी का एक अंक भी गंवाया था, लेकिन दोनों खिलाड़ियों ने स्कोर किया था। ऐसे में पेनाल्टी की अंक कोई महत्व नहीं था। तूलिका ने इस मैच में शिडो के जरिए भी अंक हासिल किया। 

तीसरे मैच में स्कॉटलैंड के खिलाड़ी ने हराया
महिलाओं के 78 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में तूलिका का सामना स्कॉटलैंड की सारा एडलिंग्टन के साथ था। इस मैच में उन्होंने शुरुआत में वजा-आरी से बढ़त हासिल कर ली थी, लेकिन आखिर मिनट में सारा ने इपपोन लगाकर मैच जीत लिया।

जूनियर लेवल पर कई पदक जीत चुकी हैं तूलिका 
23 साल की तूलिका ने एशियन ओपन में कांस्य पदक अपने नाम किया था। इससे पहले 2018 में उन्होंने जयपुर में कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप जीती थी। 2019 में कॉमनवेल्थ चैंपियन बनी थीं। जीवन कुमार शर्मा की देखरेख में आगे बढ़ने वाली तूलिका विश्व कप में एक कांस्य जीत चुकी हैं। जूनियर स्तर पर उन्होंने दो कांस्य अपने नाम किए हैं। जूनियर लेवल पर ही उन्होंने यूरोपियन कप में एक स्वर्ण पदक और नेशनल चैंपियनशिप में एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने सीनियर स्तर पर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक भी जीते हैं।
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