नोवाक जोकोविच ने फिर लगाई दहाड़, एंडरसन को हराते हुए चौथी बार जीता विंबलडन का खिताब
ग्रास कोर्ट पर रविवार को नोवाक जोकोविच ने केविन एंडरसन को हराते हुए विंबलडन 2018 का खिताब अपने नाम किया। यह उनका चौथा विंबलडन टाइटल है। 2 घंटे 18 मिनट चले इस मुकाबले 12वीं वरीयता प्राप्त जोकोविच ने 32 वर्षीय एंडरसन को सीधे सेटों में 6-2, 6-2, 7-6 (7-3) में मात दी।
चौथा विंबलडन होने के साथ-साथ यह 31 साल के जोकोविच का 13वां ग्रैंडस्लैम खिताब था। 2015 के बाद ग्रास कोर्ट पर जोकोविच का यह पहला गैंडस्लैम है।
उन्होंने आखिरी बार 2016 में फ्रेंच ओपन जीता था। अब 2 साल बाद सर्बियाई स्टार ने 2 साल के अपने ग्रैंड स्लैम की भूख को शांत की। वर्ल्ड नंबर-8 केविन एंडरसन को टाईब्रेक में हराते हुए सेट-मैच और खिताब अपने नाम किया।
पहला सेट जोकोविच ने मात्र 29 मिनट में ही 6- 2 से अपने नाम कर किया। दूसरा सेट में भी उन्हें 6- 2 से जीत मिली। तीसरे सेट में सर्बिया के इस खिलाड़ी को ज्यादा पसीना बहाना पड़ा। टाईब्रेकर तक गए इस मुकाबले में जोकोविच ने अपना संयम नहीं खोया और 7-6 से तीसरे सेट को अपने नाम करते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
एंडरसन विंबलडन के फाइनल में पहुंचने वाले 97 वर्षों में पहले साउथ अफ्रीकन खिलाड़ी थे। उनका हौंसला बढ़ाने खुद साउथ अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज मोर्ने मॉर्केल पहुंचे थे।
सेमीफाइनल में राफेल नडाल को एक ड्रीम सेमीफाइनल में हराते हुए जोकोविच ने दो साल बाद और कुल पांचवीं बार विंबलडन फाइनल में जगह बनाई थी। दोनों के बीच मैराथन मुकाबला पांच घंटे, 14 मिनट तक चला था।
यह विंबलडन का दूसरा सबसे लंबा सेमीफाइनल मुकाबला था। इससे पहले एंडरसन और जान इस्नर के बीच पहला सेमीफाइनल छह घंटे, 36 मिनट तक चला था। वह टूर्नामेंट का सबसे लंबा चलने वाला सेमीफाइनल और ग्रैंडस्लैम में दूसरा सबसे लंबा सिंगल्स मैच था।
मजेदार फैक्ट्स
इस पूरे मुकाबले में एंडरसन ने 10 और जोकोविच ने 6 ऐस लगाए, वहीं साउथ अफ्रीकन खिलाड़ी ने 5 तो जोकोविच ने 4 डबल फॉल्ट किए। हालांकि एंडरसन ने जोकोविच के 20 के मुकाबले 26 विनर्स लगाए, लेकिन खिताब गंवाने का उनका सबसे बड़ा कारण गलतियों पर गलतियां करना है।
महिला युगल में बारबरा-कैटरीना की जोड़ी बनीं चैंपियन
बारबरा क्रेसिकोवा और चेक गणराज्य की उनकी हमवतन कैटरीना सिनियाकोवा ने शनिवार को क्वेता पेच्के और निकोल मेलिचर को 6-4, 4-6, 6-0 से हराकर लगातार दूसरा ग्रैंडस्लैम खिताब जीत लिया। वर्ष 2003 के बाद क्रेसिकोवा और सिनियाकोवा पहली जोड़ी बनी, जिन्होंने फ्रेंच ओपन और विंबलडन के लगातार खिताब जीते।
साथ ही यह पहली जोड़ी है, जिसने आल इंग्लैंड क्लब में लड़कियों और महिला दोनों वर्ग के युगल खिताब जीते। इस जोड़ी ने 2013 में जूनियर खिताब जीते थे। क्रेसिकोवा के लिए हालांकि यह जीत अधिक यादगार है क्योंकि उन्हें अपनी मेंटर और हमवतन याना नोवोत्ना के विंबलडन एकल खिताब जीतने के ठीक 20 साल बाद यह खिताब मिला है।
पिछले साल नवंबर में कैंसर के कारण नोवोत्ना का निधन हो गया था। क्रेसिकोवा ने मैच के बाद आसमान की ओर 'किस उछाला' जैसा कि उन्होंने जून में फ्रेंच ओपन के दौरान भी किया था। क्रेसिकोवा ने कहा कि मुझे बेहद, बेहद गर्व है। मुझे लगता है कि उन्हें भी बहुत गर्व होगा।'
माइक ने भाई के बिना जीती पहली ट्रॉफी
जुड़वां भाई बॉब ब्रायन की चोट के कारण माइक ब्रायन इस बार विंबलडन में नए जोड़ीदार के साथ उतरे और उन्होंने पुरुष युगल में रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए 17वां ग्रैंडस्लैम खिताब जीत लिया। भाई बॉब के बिना यह माइक का पहला खिताब है।
माइक और जैक सोक की अमेरिकी जोड़ी ने एक-साथ सिर्फ दूसरा टूर्नामेंट खेलते हुए दक्षिण अफ्रीका के रावेन क्लासेन और न्यूजीलैंड के माइकल वीनस की जोड़ी को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 6-3, 6-7 (7), 6-3, 5-7, 7-5 से हराया।
40 वर्षीय माइक आल इंग्लैंड क्लब में ओपन युग में खिताब जीतने वाले उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। माइक ने विंबडलन के तीन अन्य खिताब सहित कुल 16 ग्रैंडस्लैम अपने भाई बाब के साथ जीते हैं जो कूल्हे की चोट के कारण बाहर हैं।