टीम इंडिया ने फाइनल में पाकिस्तान को रौंदा, बनी चैंपियन
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भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट सीरीज को लेकर भले ही अब तक कोई सहमति न बन सकी हो लेकिन एक अन्य मुकाबले में टीम इंडिया ने अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी पाक को रौंद ही दिया।
कुआंटन (मलयेशिया) में ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह के चार गोल की बदौलत भारतीय हॉकी टीम ने रविवार को फाइनल में पाकिस्तान को 6-2 से हराकर आठवां जूनियर पुरुष एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट खिताब जीत लिया।
इसके साथ ही भारतीय टीम ने लगातार छठवीं जीत दर्ज की। हरमनप्रीत ने 10वें मिनट में पेनाल्टी कार्नर को गोल में तब्दील कर भारत का खाता खोला जबकि 15वें मिनट में एक और पेनाल्टी कार्नर को गोल में तब्दील कर भारत को 2-0 की बढ़त दिला दी।
लेकिन 28वें मिनट में मोहम्मद याकूब ने मैदानी गोल कर पाकिस्तान को मुकाबले में वापसी कराने की कोशिश की। इसके बाद हरमनप्रीत ने 30वें मिनट में हैट्रिक जमाते हुए भारत की बढ़त 3-1 कर दी। भारत की यह बढ़त पहले हाफ तक कायम रही। भारतीय टीम ने दूसरे हाफ में भी आक्रामक हॉकी खेली। अरमान कुरैशी और मनप्रीत ने क्रमशः 44वें और 50वें मिनट में गोल दाग भारत की बढ़त को 5-1 कर दिया।
हरमनप्रीत ने 53वें मिनट में अपना चौथा गोल कर भारत की बढ़त को 6-1 कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान के मोहम्मद दिलबेर ने 68वें मिनट में गोल दाग स्कोर 6-2 कर दिया। लेकिन यह स्कोर अंत तक कायम रहा और भारत जूनियर एशिया कप हॉकी का विजेता बन गया।
भारतीय टीम ने शनिवार को सेमीफाइनल में जापान को 6-1 से हराया था जबकि पाकिस्तान ने दक्षिण कोरिया को पेनाल्टी शूटआउट में 8-7 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
लेकिन अपने ही घर में बढ़त के बावजूद भारतीय टीम को मिली हार
हालांकि जूनियर के उलट भारत की सीनियर हॉकी टीम कोई कमाल नहीं कर सकी और उसे हार का सामना करना पड़ा। रायपुर में विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट मुकाबले में भारतीय सीनियर हॉकी टीम को 2-1 से हरा दिया।
रायपुर के नवनिर्मित सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में रविवार को खेले गए मुकाबले में शुरुआती बढ़त बनाने के बावजूद भारतीय टीम को हार झेलने पर मजबूर होना पड़ा है। देविंदर वाल्मिकी के गोल की बदौलत भारत ने शुरुआती बढ़त बनाई। लेकिन जैकब व्हेटन और एरन जालेवस्की ने गोल कर ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से जीत दिला दी।
तीन मैचों की सीरीज में अब मेहमान टीम 1-0 से आगे हो गई है। सीरीज का पहला मुकाबला 2-2 की बराबरी पर छूटा था। भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने विपक्षी टीम के कई हमलों को नाकाम किया। हालांकि रमनदीप गोल करने के कई मौके चूक गए। शुरुआती बढ़त बनाने के बावजूद भारतीय टीम के आखिर समय में बढ़त गंवाने की कमजोरी एक बार फिर सामने आई।
गौरतलब है कि इसी स्टेडियम में टेस्ट सीरीज के बाद हॉकी वर्ल्ड लीग (एचडब्ल्यूएल) फाइनल खेला जाना है, जिसे देखते हुए इस टेस्ट सीरीज को बेहद अहम माना जा रहा है।