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Sports Ministry: एनएसएफ को वित्तीय सहायता देने का मामला, खेल मंत्रालय ने इस संबंध में समिति गठित की
Wed, 26 Feb 2025 03:41 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 26 Feb 2025 03:41 PM IST
सार
खेल मंत्रालय के अवर सचिव तरुण पारीक ने समिति के सदस्यों को भेजे गए सर्कुलर ने कहा, 'नया ओलंपिक चक्र शुरू हो गया है।'
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केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया।
- फोटो : एक्स/मनसुख मंडाविया
विस्तार
खेल मंत्रालय ने भारत के सामने आने वाली चुनौतियों और 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी की देश की दावेदारी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) को वित्तीय सहायता प्रदान करने के मानदंडों में संशोधन करने के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया है।
समिति की अध्यक्षता संयुक्त सचिव (खेल) कुणाल करेंगे। इसमें कार्यकारी निदेशक (टीम) रितु पथिक, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के सीईओ एनएस जोहल, पूर्व टॉप्स सीईओ कमोडोर (सेवानिवृत्त) पीके गर्ग और भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएफ) के अध्यक्ष सहदेव यादव शामिल हैं। यादव भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के कोषाध्यक्ष भी हैं।
खेल मंत्रालय के अवर सचिव तरुण पारीक ने समिति के सदस्यों को भेजे गए सर्कुलर ने कहा, 'नया ओलंपिक चक्र शुरू हो गया है। नई परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मानदंडों की समीक्षा करने की जरूरत महसूस की गई ताकि सामने आने वाली चुनौतियों और 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की भारत की इच्छा से जुड़े पहलुओं की व्यापक समीक्षा की जा सके।'
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इस सर्कुलर की एक प्रति पीटीआई के पास भी मौजूद है। इसमें कहा गया है, 'इसलिए एनएसएफ को सहायता प्रदान करने के लिए मानदंडों में संशोधन करने के सुझाव देने के लिए समिति का गठन करने का फैसला किया गया है।' भारत ने 2036 में होने वाले ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आइओसी) के साथ कई दौर की अनौपचारिक बातचीत के बाद पिछले साल नवंबर में इस विश्व संस्था के भविष्य के मेजबान आयोग को अपना आशय पत्र सौंपा था।
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समिति की अध्यक्षता संयुक्त सचिव (खेल) कुणाल करेंगे। इसमें कार्यकारी निदेशक (टीम) रितु पथिक, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के सीईओ एनएस जोहल, पूर्व टॉप्स सीईओ कमोडोर (सेवानिवृत्त) पीके गर्ग और भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएफ) के अध्यक्ष सहदेव यादव शामिल हैं। यादव भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के कोषाध्यक्ष भी हैं।
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खेल मंत्रालय के अवर सचिव तरुण पारीक ने समिति के सदस्यों को भेजे गए सर्कुलर ने कहा, 'नया ओलंपिक चक्र शुरू हो गया है। नई परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मानदंडों की समीक्षा करने की जरूरत महसूस की गई ताकि सामने आने वाली चुनौतियों और 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की भारत की इच्छा से जुड़े पहलुओं की व्यापक समीक्षा की जा सके।'
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इस सर्कुलर की एक प्रति पीटीआई के पास भी मौजूद है। इसमें कहा गया है, 'इसलिए एनएसएफ को सहायता प्रदान करने के लिए मानदंडों में संशोधन करने के सुझाव देने के लिए समिति का गठन करने का फैसला किया गया है।' भारत ने 2036 में होने वाले ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आइओसी) के साथ कई दौर की अनौपचारिक बातचीत के बाद पिछले साल नवंबर में इस विश्व संस्था के भविष्य के मेजबान आयोग को अपना आशय पत्र सौंपा था।