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Shooting: विश्व कप में दिव्यांश सिंह ने स्वर्ण पदक जीता, 10 मीटर एयरराइफल के फाइनल में बनाया रिकॉर्ड
Sun, 28 Jan 2024 10:42 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Sun, 28 Jan 2024 10:42 PM IST
सार
दिव्यांश ने जीत के बाद कहा कि वह लंबे समय बाद स्वर्ण जीतकर खुश हैं। हाल के समय में वह अच्छी शूटिंग कर रहे हैं, लेकिन परिणाम उन्हें नहीं मिल पा रहा था। यह परिणाम इस महत्वपूर्ण वर्ष में उनका मनोबल बढ़ाएगा।
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दिव्यांश सिंह पंवार
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
टोक्यो ओलंपिक में खेल चुके भारतीय शूटर दिव्यांश सिंह पंवार ने फाइनल का विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए 10 मीटर एयरराइफल का स्वर्ण जीत लिया। उन्होंने फाइनल में 253.7 का स्कोर कर नया विश्व कीर्तिमान बनाया। दिव्यांश ने चीन के शेंग लीहाओ की ओर से एशियाई खेलों में बनाए गए 253.3 के विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। 21 वर्षीय दिव्यांश ने पांच साल बाद विश्वकप का व्यक्तिगत स्वर्ण जीता। इससे पहले उन्होंने 2019 के पुटिएन विश्वकप में स्वर्ण जीता था।
क्वालिफाइंग दौर में भी शीर्ष पर रहे
दिव्यांश ने शुरू से ही शानदार फॉर्म का परिचय दिया। उन्होंने क्वालिफाइंग दौर में 632.4 का स्कोर किया और शीर्ष पर रहकर फाइनल में पहुंचे। 24 निशानों के फाइनल में उन्होंने एक बार भी 10 से कम का स्कोर नहीं किया। चौथा और छठा निशाना उनका परफेक्ट 10.9 पर लगा। दिव्यांश का फाइनल में पूरी तरह दबदबा रहा। रजत जीतने वाले इटली दानी सोलाजो उनसे 1.9 अंक पीछे रहे।
दिव्यांश ने जीत के बाद कहा कि वह लंबे समय बाद स्वर्ण जीतकर खुश हैं। हाल के समय में वह अच्छी शूटिंग कर रहे हैं, लेकिन परिणाम उन्हें नहीं मिल पा रहा था। यह परिणाम इस महत्वपूर्ण वर्ष में उनका मनोबल बढ़ाएगा। सर्बिया के लाजार कोवासेविच ने कांस्य पदक जीता, जबकि दूसरे भारतीय शूटर अर्जुन बबूता छठे स्थान पर रहे। यह दिव्यांश का विश्वकप में कुल पांचवां स्वर्ण पदक है। भारत इस विश्वकप में दो स्वर्ण और दो रजत के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर है।
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क्वालिफाइंग दौर में भी शीर्ष पर रहे
दिव्यांश ने शुरू से ही शानदार फॉर्म का परिचय दिया। उन्होंने क्वालिफाइंग दौर में 632.4 का स्कोर किया और शीर्ष पर रहकर फाइनल में पहुंचे। 24 निशानों के फाइनल में उन्होंने एक बार भी 10 से कम का स्कोर नहीं किया। चौथा और छठा निशाना उनका परफेक्ट 10.9 पर लगा। दिव्यांश का फाइनल में पूरी तरह दबदबा रहा। रजत जीतने वाले इटली दानी सोलाजो उनसे 1.9 अंक पीछे रहे।
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दिव्यांश ने जीत के बाद कहा कि वह लंबे समय बाद स्वर्ण जीतकर खुश हैं। हाल के समय में वह अच्छी शूटिंग कर रहे हैं, लेकिन परिणाम उन्हें नहीं मिल पा रहा था। यह परिणाम इस महत्वपूर्ण वर्ष में उनका मनोबल बढ़ाएगा। सर्बिया के लाजार कोवासेविच ने कांस्य पदक जीता, जबकि दूसरे भारतीय शूटर अर्जुन बबूता छठे स्थान पर रहे। यह दिव्यांश का विश्वकप में कुल पांचवां स्वर्ण पदक है। भारत इस विश्वकप में दो स्वर्ण और दो रजत के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर है।
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