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French Open: सबालेंका फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंचीं, स्वियातेक को हराया
Thu, 05 Jun 2025 11:26 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Thu, 05 Jun 2025 11:26 PM IST
सार
सबालेंका का सामना शनिवार को होने वाले फाइनल में दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी कोको गॉफ और 361वीं रैंकिंग वाली वाइल्ड कार्ड धारक लोइस बोइसन के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा।
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- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी एरिना सबालेंका ने इगा स्वियातेक के फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट में 26 मैच में जीत के अभियान को विराम लगाते हुए गुरुवार को महिला एकल फाइनल में जगह बनाई। सबालेंका ने स्वियातेक को रोलां गैरो पर हुए सेमीफाइनल मुकाबले में तीन सेट में 7-6, 4-6, 6-0 से हराकर पेरिस में पहली बार फाइनल में प्रवेश किया।
सबालेंका की जीत ने स्वियातेक को 1968 में प्रतियोगिता में पेशेवर खिलाड़ियों को प्रवेश की स्वीकृति दिए जाने के बाद से इस क्ले-कोर्ट ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में लगातार चार खिताब जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनने से रोक दिया। इससे सबालेंका को अपना चौथा ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने का मौका भी मिलेगा। सबालेंका ने अब तक अपने तीनों ग्रैंडस्लैम खिताब हार्ड कोर्ट पर जीते हैं जिसमें दो ऑस्ट्रेलियाई ओपन और एक अमेरिकी ओपन खिताब शामिल है।
बेलारूस की 27 वर्षीय सबालेंका ने कहा, 'यह अविश्वसनीय लगता है लेकिन मैं यह भी समझती हूं कि काम अभी खत्म नहीं हुआ है। वह सबसे कठिन प्रतिद्वंद्वी है, विशेषकर क्ले कोर्ट पर, खासकर रोलां गैरो पर। मुझे गर्व है कि मैं यह जीत हासिल करने में सक्षम थी। यह एक कठिन मुकाबला था लेकिन मैं किसी तरह इसे जीतने में कामयाब रही।' सबालेंका का सामना शनिवार को होने वाले फाइनल में दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी कोको गॉफ और 361वीं रैंकिंग वाली वाइल्ड कार्ड धारक लोइस बोइसन के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा।
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सबालेंका की जीत ने स्वियातेक को 1968 में प्रतियोगिता में पेशेवर खिलाड़ियों को प्रवेश की स्वीकृति दिए जाने के बाद से इस क्ले-कोर्ट ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में लगातार चार खिताब जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनने से रोक दिया। इससे सबालेंका को अपना चौथा ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने का मौका भी मिलेगा। सबालेंका ने अब तक अपने तीनों ग्रैंडस्लैम खिताब हार्ड कोर्ट पर जीते हैं जिसमें दो ऑस्ट्रेलियाई ओपन और एक अमेरिकी ओपन खिताब शामिल है।
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बेलारूस की 27 वर्षीय सबालेंका ने कहा, 'यह अविश्वसनीय लगता है लेकिन मैं यह भी समझती हूं कि काम अभी खत्म नहीं हुआ है। वह सबसे कठिन प्रतिद्वंद्वी है, विशेषकर क्ले कोर्ट पर, खासकर रोलां गैरो पर। मुझे गर्व है कि मैं यह जीत हासिल करने में सक्षम थी। यह एक कठिन मुकाबला था लेकिन मैं किसी तरह इसे जीतने में कामयाब रही।' सबालेंका का सामना शनिवार को होने वाले फाइनल में दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी कोको गॉफ और 361वीं रैंकिंग वाली वाइल्ड कार्ड धारक लोइस बोइसन के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा।
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