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PT Usha: राज्यसभा के लिए मनोनीत होने पर पीटी उषा ने जताई खुशी, पीएम मोदी को लेकर कही यह बात
Thu, 07 Jul 2022 01:09 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Thu, 07 Jul 2022 01:09 PM IST
सार
पीटी उषा ने कहा है कि राज्यसभा के लिए नामित होना उनके लिए गर्व का विषय है। वो बहुत खुश हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है।
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पीटी उषा
- फोटो : ANI
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विस्तार
पूर्व भारतीय एथलीट पीटी उषा राज्यसभा के लिए नामित होने के बाद बहुत खुश हैं। बुधवार की शाम को राज्यसभा के लिए उन्हें मनोनीत किया गया। पीटी उषा ने 1984 ओलंपिक खेलों में चौथा स्थान हासिल किया था। इसके बाद से वो पूरे देश में लोकप्रिय हो गईं और देश की हजारों लड़कियों को खेल में अपना करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। अब उनके योगदान को सम्मान देते हुए उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है।
पीटी उषा को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी। उन्होंने लिखा- पीटी उषा हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं। खेलों में उनके योगदान को जाना जाता है। राज्यसभा में मनोनित किए जाने पर बधाई। अब पीटी उषा ने भी प्रधानमंत्री को धन्यवाद कहा है। उन्होंने कहा "मैं बहुत खुश हूं। भारतीय खेल और खास तौर पर एथलीट के लिए यह गर्व और सम्मान का विषय है। प्रधानमंत्री खिलाड़ियों के काफी करीब हैं। वो हर इवेंट के पहले और बाद में खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हैं। यह हम सभी के लिए प्रेरणा है।"
16 साल की उम्र में बनी थीं ओलंपिक का हिस्सा
1980 में केवल 16 साल की उम्र में पीटी उषा ने मॉस्को में हुए ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में हिस्सा लिया था। चार साल बाद 1984 में वो किसी ओलंपिक खेल के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बन गई थीं। 1986 के सिओल एशियाई खेलों में उन्होंने चार गोल्ड मेडल जीते थे। 400 मीटर की बाधा दौड़, 400 मीटर की रेस, 200 मीटर और 4 गुणा 400 की रेस में उषा ने स्वर्ण पदक जीते। 100 मीटर की रेस में वो दूसरे नंबर पर रहीं।
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1983 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड दिया गया था। 1985 में उन्हें देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया। पीटी उषा ने 1997 में अपने खेलों के करियर को अलविदा कहा। उन्होंने भारत के लिए 103 अंतरराष्ट्रीय मेडल जीते हैं।
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पीटी उषा को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी। उन्होंने लिखा- पीटी उषा हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं। खेलों में उनके योगदान को जाना जाता है। राज्यसभा में मनोनित किए जाने पर बधाई। अब पीटी उषा ने भी प्रधानमंत्री को धन्यवाद कहा है। उन्होंने कहा "मैं बहुत खुश हूं। भारतीय खेल और खास तौर पर एथलीट के लिए यह गर्व और सम्मान का विषय है। प्रधानमंत्री खिलाड़ियों के काफी करीब हैं। वो हर इवेंट के पहले और बाद में खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हैं। यह हम सभी के लिए प्रेरणा है।"
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16 साल की उम्र में बनी थीं ओलंपिक का हिस्सा
1980 में केवल 16 साल की उम्र में पीटी उषा ने मॉस्को में हुए ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में हिस्सा लिया था। चार साल बाद 1984 में वो किसी ओलंपिक खेल के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बन गई थीं। 1986 के सिओल एशियाई खेलों में उन्होंने चार गोल्ड मेडल जीते थे। 400 मीटर की बाधा दौड़, 400 मीटर की रेस, 200 मीटर और 4 गुणा 400 की रेस में उषा ने स्वर्ण पदक जीते। 100 मीटर की रेस में वो दूसरे नंबर पर रहीं।
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1983 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड दिया गया था। 1985 में उन्हें देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया। पीटी उषा ने 1997 में अपने खेलों के करियर को अलविदा कहा। उन्होंने भारत के लिए 103 अंतरराष्ट्रीय मेडल जीते हैं।