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Vandana Katariya: प्रधानमंत्री मोदी ने की वंदना कटारिया के करियर की सराहना, बोले- नई पारी के लिए शुभकामनाएं
Fri, 18 Apr 2025 09:05 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 18 Apr 2025 09:05 AM IST
सार
भारत की 32 वर्षीय पूर्व स्ट्राइकर वंदना ने भारत के लिए 320 मैच में 158 गोल किए और वह उस राष्ट्रीय टीम का हिस्सा थीं जिसने 2021 में टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक चौथा स्थान हासिल किया।
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वंदना कटारिया
- फोटो : ANI
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हॉकी स्टार वंदना कटारिया के खेल में योगदान की सराहना करते हुए कहा कि अपने शानदार करियर में 320 अंतरराष्ट्रीय मैच में खेलना उनके कौशल और नेतृत्व का प्रमाण है जिसने भारतीय हॉकी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी कटारिया ने इस महीने की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय खेल से संन्यास की घोषणा की जिससे उनके 15 साल के करियर का अंत हो गया।
इस 32 वर्षीय स्ट्राइकर ने भारत के लिए 320 मैच में 158 गोल किए और वह उस राष्ट्रीय टीम का हिस्सा थीं जिसने 2021 में टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक चौथा स्थान हासिल किया। पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर साझा किए गए पत्र में लिखा, 'भारतीय महिला हॉकी टीम की एक बेहतरीन खिलाड़ी के तौर पर उपलब्धियों से भरे शानदार करियर की बधाई और जीवन की एक नई पारी शुरू करने के लिए आपको हार्दिक शुभकामनाएं। अपने खेल से देशवासियों को गर्व के अनेक अवसर देते हुए आपने विभिन्न प्रतियोगिताओं में देश के तिरंगे को ऊंचा रखने में बड़ा योगदान दिया।'
हरिद्वार के रोशनाबाद में जन्मी कटारिया का जन्म साधारण पृष्ठभूमि से हुआ था। उनके पिता भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) में तकनीशियन के रूप में काम करते थे। उन्होंने जाति-आधारित और लिंग-आधारित गालियों के साथ-साथ खराब स्वास्थ्य और अवसाद से जूझते हुए भारतीय हॉकी की दिग्गज खिलाड़ी बनने के लिए संघर्ष किया।
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प्रधानमंत्री ने कहा, 'एक साधारण पृष्ठभूमि से आगे आकर अपनी कड़ी मेहनत, समर्पण और प्रतिबद्धता से हॉकी जगत में एक विशेष पहचान बनाने तक की आपकी यात्रा उल्लेखनीय है। भारतीय महिला हॉकी इतिहास की सबसे अधिक मैच खेलने वाली खिलाड़ी बनना आपकी विशिष्ट क्षमताओं का परिचायक है। एक कप्तान के तौर पर आपकी नेतृत्व क्षमता व टीम भावना सराहनीय रही और हॉकी को नई ऊंचाईयों पर ले जाने में आपने अहम भूमिका निभायी।'
उन्होंने लिखा, 'देश का प्रतिनिधित्व करते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में आपके उत्साह और टीम की आवश्यकता के अनुरुप खेल में विविधता को सराहा जाता रहा है। जूनियर महिला विश्व कप में भारत को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाना हो या महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में सोने का तमगा जीतना या फिर एफआईएच महिला नेशंस कप में स्वर्ण, आपका करियर ऐसी अनेक सफलताओं से भरा हुआ है।'
कटारिया ओलंपिक में हैट्रिक बनाने वाली पहली और एकमात्र भारतीय महिला हैं। पीएम मोदी ने लिखा, 'आपके करियर में कई ऐसे मौके आए हैं जो प्रशंसकों के जेहन में हमेशा ताजा रहेंगे। इनमें से एक 2020 तोक्यो ओलंपिक में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आपकी हैट्रिक भी शामिल है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।'
उन्होंने लिखा, 'एक खिलाड़ी के रूप में करोड़ों खेल प्रेमियों की उम्मीदों पर खरा उतरना और स्वयं को निरंतर निखारते रहना एक बड़ी चुनौती होती है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास के बाद जब आप पीछे मुड़कर अपने करियर को देखेंगी तो निश्चय ही आपको यह अनुभूति होगी कि आपने अपने परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के मस्तक को ऊंचा करने कार्य किया है।'
उन्होंने कहा, 'भारत की सबसे बेहतरीन फॉरवर्ड खिलाड़ियों में से एक के रूप में आपके द्वारा स्थापित उच्च मानक युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा के समान हैं। मुझे विश्वास है कि संन्यास के बाद भी आप खेल से जुड़ी रहेंगी और अपने समृद्ध अनुभव और कुशल मार्गदर्शन से हमारी पीढ़ियों को लाभान्वित करते हुए भारतीय हॉकी को और मजबूती देंगी।'
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इस 32 वर्षीय स्ट्राइकर ने भारत के लिए 320 मैच में 158 गोल किए और वह उस राष्ट्रीय टीम का हिस्सा थीं जिसने 2021 में टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक चौथा स्थान हासिल किया। पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर साझा किए गए पत्र में लिखा, 'भारतीय महिला हॉकी टीम की एक बेहतरीन खिलाड़ी के तौर पर उपलब्धियों से भरे शानदार करियर की बधाई और जीवन की एक नई पारी शुरू करने के लिए आपको हार्दिक शुभकामनाएं। अपने खेल से देशवासियों को गर्व के अनेक अवसर देते हुए आपने विभिन्न प्रतियोगिताओं में देश के तिरंगे को ऊंचा रखने में बड़ा योगदान दिया।'
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हरिद्वार के रोशनाबाद में जन्मी कटारिया का जन्म साधारण पृष्ठभूमि से हुआ था। उनके पिता भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) में तकनीशियन के रूप में काम करते थे। उन्होंने जाति-आधारित और लिंग-आधारित गालियों के साथ-साथ खराब स्वास्थ्य और अवसाद से जूझते हुए भारतीय हॉकी की दिग्गज खिलाड़ी बनने के लिए संघर्ष किया।
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प्रधानमंत्री ने कहा, 'एक साधारण पृष्ठभूमि से आगे आकर अपनी कड़ी मेहनत, समर्पण और प्रतिबद्धता से हॉकी जगत में एक विशेष पहचान बनाने तक की आपकी यात्रा उल्लेखनीय है। भारतीय महिला हॉकी इतिहास की सबसे अधिक मैच खेलने वाली खिलाड़ी बनना आपकी विशिष्ट क्षमताओं का परिचायक है। एक कप्तान के तौर पर आपकी नेतृत्व क्षमता व टीम भावना सराहनीय रही और हॉकी को नई ऊंचाईयों पर ले जाने में आपने अहम भूमिका निभायी।'
उन्होंने लिखा, 'देश का प्रतिनिधित्व करते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में आपके उत्साह और टीम की आवश्यकता के अनुरुप खेल में विविधता को सराहा जाता रहा है। जूनियर महिला विश्व कप में भारत को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाना हो या महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में सोने का तमगा जीतना या फिर एफआईएच महिला नेशंस कप में स्वर्ण, आपका करियर ऐसी अनेक सफलताओं से भरा हुआ है।'
कटारिया ओलंपिक में हैट्रिक बनाने वाली पहली और एकमात्र भारतीय महिला हैं। पीएम मोदी ने लिखा, 'आपके करियर में कई ऐसे मौके आए हैं जो प्रशंसकों के जेहन में हमेशा ताजा रहेंगे। इनमें से एक 2020 तोक्यो ओलंपिक में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आपकी हैट्रिक भी शामिल है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।'
उन्होंने लिखा, 'एक खिलाड़ी के रूप में करोड़ों खेल प्रेमियों की उम्मीदों पर खरा उतरना और स्वयं को निरंतर निखारते रहना एक बड़ी चुनौती होती है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास के बाद जब आप पीछे मुड़कर अपने करियर को देखेंगी तो निश्चय ही आपको यह अनुभूति होगी कि आपने अपने परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के मस्तक को ऊंचा करने कार्य किया है।'
उन्होंने कहा, 'भारत की सबसे बेहतरीन फॉरवर्ड खिलाड़ियों में से एक के रूप में आपके द्वारा स्थापित उच्च मानक युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा के समान हैं। मुझे विश्वास है कि संन्यास के बाद भी आप खेल से जुड़ी रहेंगी और अपने समृद्ध अनुभव और कुशल मार्गदर्शन से हमारी पीढ़ियों को लाभान्वित करते हुए भारतीय हॉकी को और मजबूती देंगी।'