Olympics: क्या निशांत के साथ हुई बेईमानी? फैंस ने पूछा- देव ने विपक्षी मुक्केबाज को खूब धोया, फिर कैसे हार गए?
निशांत के हारने पर सोशल मीडिया पर खूब बवाल हो रहा है। फैंस इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं कि विपक्षी मुक्केबाज की जमकर धुनाई करने वाले निशांत को आखिरकार हार कैसे मिली। निशांत पूरे मैच के दौरान वेरडे पर हावी दिखे थे।
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विस्तार
पंचों से हारे निशांत देव
विजेंदर-रणदीप समेत लोगों की प्रतिक्रियाएं
Left Right & Centre first time everybody is United because everybody knows that Nishant Dev has won that #Boxing match but Judges robbed the medal from him due to unfair umpiring. #cheating #OlympicGames pic.twitter.com/9cpxeNdEEV pic.twitter.com/sKp31Lfr2A
— Ganesh (@me_ganesh14) August 3, 2024
When we Indians play in knockouts, we not only play against the opponent but also against the umpires/judges and the whole world.
— Vishal Mishra (@VishalIWF) August 4, 2024
Clear cheating; Nishant Dev was the clear winner. 💔
Ban this sport from the #OlympicGames.#Boxing #Olympics #NishantDev
pic.twitter.com/A73rcfjT2w
किस प्रकार चला मैच?
यानी निशांत को जज एक ने कुल 29 अंक दिए, जबकि जज- दो, तीन, चार और पांच ने कुल 28-28 अंक दिए। वहीं, वेरडे को जज एक ने 28 अंक दिए, जबकि जज-दो, तीन, चार और पांच ने कुल मिलाकर 29-29 अंक दिए। इस तरह वेरडे ने मैच 4-1 से अपने नाम किया, क्योंकि चार जज के फैसले में वेरडे को ज्यादा अंक थे। इस मुकाबले में रेफरी अजरबैजान के थे। वहीं, जज एक हंगरी के, जज दो अर्जेंटीना के, जज तीन जर्मनी के, जज चार कजाकिस्तान और जज पांच मोरक्को के रहे।
मैरीकॉम भी हो चुकी हैं शिकार
इस मैच में भी जज के फैसले पर सवाल खड़े हुए थे। पहले राउंड में वेलेंसिया के पक्ष में पांच में से चार जजों ने 10-10 का फैसला सुनाया। यही मैच का टर्निंग पॉइंट रहा। मैरीकॉम को इसी बढ़त की वजह से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद मेरीकॉम ने बाकी बचे दोनों राउंड जीते, पर वह वेलेंसिया को मिले टोटल पॉइंट को कवर नहीं कर पाईं। उस मैच से पहले तक 38 साल की मैरीकॉम ने 32 साल की वेलेंसिया को दो बार हराया था। जब रेफरी ने मुकाबले के अंत में वेलेंसिया का हाथ ऊपर उठाया, तो मेरीकॉम की आंखों में आंसू थे। मैरीकॉम ने बाद में खुद जजों के फैसले पर सवाल खड़े किए थे। पहले बॉक्सिंग में हर पंच पर पॉइंट दिए जाते थे और वह एक पारदर्शी स्कोरिंग सिस्टम था, जिसमें मुक्केबाजों को अंदाजा रहता था कि उनके एक पंच से अंक मिलेंगे, लेकिन अब जब से राउंड के आखिरी में जज के मत या यूं कहें स्कोर को अंतिम फैसला माना जाने लगा है, तब से इस इवेंट में कई बॉक्सर इस गलत स्कोरिंग सिस्टम का शिकार बने हैं।