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Paris Olympics: बचपन में माता-पिता को खोया, खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद अमन ने किया गौरवान्वित, जीता कांस्य

Sat, 10 Aug 2024 12:45 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस Published by: स्वप्निल शशांक Updated Sat, 10 Aug 2024 12:45 AM IST
सार

हरियाणा के झज्जर के अमन ने बचपन में ही अपने माता-पिता को खो दिया था। उनके जाने के बाद से घर की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ गई थी। इसके अलावा उनकी एक छोटी बहन भी है, जिनकी पढ़ाई के खर्च की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर है। उनके सामने आर्थिक संकट भी था, लेकिन इन तमाम चुनौतियों के बावजूद उनके कड़े हौसलों ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।

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Paris Olympics: Lost parents in childhood,  Aman Sehrawat struggle story poor financial condition, won bronze
अमन सहरावत ने पेरिस ओलंपिक में कांस्य जीता - फोटो : Twitter

विस्तार

युवा पहलवान अमन सहरावत ने एक बार फिर देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने शुक्रवार को पेरिस ओलंपिक में देश को कांस्य पदक दिलाया। पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती में 57 किलोग्राम भारवर्ग में अमन ने कांस्य के मुकाबले में पुअर्तो रिको के पहलवान डैरियन टोई क्रूज को हराया। हालांकि, यहां तक पहुंचने में उन्हें कड़ा संघर्ष करना पड़ा है। अमन पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाले एकमात्र पुरुष थे। हालांकि, उन्हें कोटा हासिल करने के बाद भी संघर्ष करना पड़ा था। आइए उनकी कहानी जानते हैं...
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Paris Olympics: Lost parents in childhood,  Aman Sehrawat struggle story poor financial condition, won bronze
अमन सहरावत - फोटो : PTI/UWW
हरियाणा के झज्जर के अमन ने बचपन में ही अपने माता-पिता को खो दिया था। उनके जाने के बाद से घर की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ गई थी। इसके अलावा उनकी एक छोटी बहन भी है, जिनकी पढ़ाई के खर्च की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर है। उनके सामने आर्थिक संकट भी था, लेकिन इन तमाम चुनौतियों के बावजूद उनके कड़े हौसलों ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।
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Paris Olympics: Lost parents in childhood,  Aman Sehrawat struggle story poor financial condition, won bronze
अमन सहरावत - फोटो : PTI/UWW
अमन दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में कोच प्रवीण दहिया के मार्गदर्शन में अभ्यास करते हैं। प्रवीण ने अमर उजाला को बताया कि अमन जब स्टेडियम में आए थे तो उनकी घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उनके माता-पिता का बचपन में ही देहांत हो गया था, लेकिन हमें पता था कि वह काफी प्रतिभाशाली पहलवान हैं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश को पदक दिला सकते हैं।
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अमन सहरावत - फोटो : PTI/UWW
प्रवीण ने कहा- करीब तीन महीने पहले उनकी रेलवे में नौकरी लगी थी जिसके बाद उनकी आर्थिक स्थिति थोड़ी ठीक हुई। वह लगातार दो साल से राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। हमारी अमन से बातचीत होती है कि तुम अपने लक्ष्य पर ध्यान दो। तुम्हें चैंपियन पहलवान बनना हैं। अमन ने मुझसे कई बार कहा है कि वह ओलंपिक में पदक जीतना चाहते हैं।' अब अमन ने अपनी कही हुई बात और ओलंपिक पदक जीतने के सपने को पूरा किया है।

Paris Olympics: Lost parents in childhood,  Aman Sehrawat struggle story poor financial condition, won bronze
अमन सहरावत - फोटो : PTI/UWW
अमन ने 2021 में अपना पहला राष्ट्रीय चैंपियनशिप खिताब जीता। तब वह कोच ललित कुमार के अधीन प्रशिक्षण लेते थे। साल 2022 में अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप में अपने स्वर्ण पदक के बाद, सहरावत अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने अप्रैल 2023 में उन्होंने अस्ताना में 2023 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद उन्होंने 2022 एशियाई खेलों में 57 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता।

Paris Olympics: Lost parents in childhood,  Aman Sehrawat struggle story poor financial condition, won bronze
पहलवान अमन सहरावत - फोटो : संवाद
जनवरी 2024 में उन्होंने जाग्रेब ओपन कुश्ती टूर्नामेंट में पुरुषों की 57 किग्रा स्पर्धा में अपने सभी विरोधियों को तकनीकी श्रेष्ठता से हराकर स्वर्ण पदक जीता। सहरावत ने इस्तांबुल में 2024 विश्व कुश्ती ओलंपिक क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट में भाग लिया और भारत को पेरिस में 2024 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के लिए कोटा स्थान दिलाया। WFI ने उन्हें 2024 ओलंपिक के लिए टोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता रवि कुमार दहिया के स्थान पर चुना। वह भारत की ओर से 2024 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले एकमात्र पुरुष पहलवान थे।

Paris Olympics: Lost parents in childhood,  Aman Sehrawat struggle story poor financial condition, won bronze
अमन सहरावत - फोटो : ANI
2024 ओलंपिक में पुरुषों की 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती स्पर्धा में उन्होंने सेमीफाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त री हिगुची से हारने से पहले तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर व्लादिमीर एगोरोव और जेलिमखान अबकारोव को हराया। अब कांस्य पदक मैच में क्रूज को हराकर ओलंपिक पदक के सपने को पूरा किया।

अमर सहरावत की उपलब्धियां
ओलंपिक
कांस्य 2024 पेरिस 57 किग्रा
एशियाई चैंपियनशिप
स्वर्ण 2023 अस्ताना 57 किग्रा
एशियाई खेल
कांस्य 2022 हांगझोई 57 किग्रा
ग्रांड प्रिक्स
स्वर्ण 2022 अल्माती 57 किग्रा
स्वर्ण 2024 जागरेब 57 किग्रा
रजत 2022 ट्यूनिस 61 किग्रा
रजत 2024 बुडापेस्ट 57 किग्रा
कांस्य 2023 जागरेब 57 किग्रा
यासर डोगू टूर्नामेंट
कांस्य 2022 इंस्ताबुल 57 किग्रा
डेन कोलोव-निकोला पेट्रोव टूर्नामेंट
रजत 2022 वेलिको टार्नोवो 57 किग्रा
विश्व अंडर 23 चैंपियनशिप
स्वर्ण 2022 पोंडेवेड्रा 57 किग्रा
एशियाई अंडर 23 चैंपियनशिप
स्वर्ण 2022 बिश्केक 57 किग्रा
एशियाई अंडर 20 चैंपियनशिप
कांस्य 2022 मनामा 57 किग्रा
विश्व कैडेट चैंपियनशिप
कांस्य 2019 सोफिया 55 किग्रा
कांस्य 2018 जागरेब 51 किग्रा
एशियाई कैडेट चैंपियनशिप
स्वर्ण 2019 नूर सुल्तान 55 किग्रा
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