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Paris Olympics: खेल पंचाट में विनेश फोगाट की अपील पर सुनवाई पूरी, जानें कब तक आ सकता है फैसला
Fri, 09 Aug 2024 10:09 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Fri, 09 Aug 2024 10:09 PM IST
सार
विनेश को महिला 50 किग्रा वर्ग के फाइनल में पहुंचने के बाद वजन ज्यादा होने के कारण अयोग्य घोषित किया गया था जिस कारण वह पदक जीतने से चूक गई थीं। विनेश ने खेल पंचाट के सामने दो अपील की थी।
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विनेश फोगाट
- फोटो : ANI
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विस्तार
महिला पहलवान विनेश फोगाट की अपील पर खेल पंचाट (सीएएस) में सुनवाई पूरी हो गई है। उनकी अपील पर फैसला एक-दो दिन में आने की उम्मीद है। इससे पहले तदर्थ विभाग ने कहा था कि फैसला रविवार को पेरिस ओलंपिक के समापन से पहले आ सकता है। विनेश का पक्ष जाने माने सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे और विदुष्पत सिंघानिया ने रखा। सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई से पहले अपना विस्तृत कानूनी हलफनामा जमा करने का मौका दिया गया था। उसके बाद मौखिक बहस हुई।
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क्या है मामला?
विनेश को महिला 50 किग्रा वर्ग के फाइनल में पहुंचने के बाद वजन ज्यादा होने के कारण अयोग्य घोषित किया गया था जिस कारण वह पदक जीतने से चूक गई थीं। विनेश ने खेल पंचाट के सामने दो अपील की थी। पहली यह कि उन्हें स्वर्ण पदक मैच में खेलने का मौका दिया जाएगा। दूसरा यह कि उन्हें संयुक्त रूप से रजत पदक मिले। पहली अपील को खेल पंचाट ने खारिज कर दिया था और कहा था कि हम फाइनल को नहीं रोक सकते।
विनेश को महिला 50 किग्रा वर्ग के फाइनल में पहुंचने के बाद वजन ज्यादा होने के कारण अयोग्य घोषित किया गया था जिस कारण वह पदक जीतने से चूक गई थीं। विनेश ने खेल पंचाट के सामने दो अपील की थी। पहली यह कि उन्हें स्वर्ण पदक मैच में खेलने का मौका दिया जाएगा। दूसरा यह कि उन्हें संयुक्त रूप से रजत पदक मिले। पहली अपील को खेल पंचाट ने खारिज कर दिया था और कहा था कि हम फाइनल को नहीं रोक सकते।
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खेलों के दौरान विवाद समाधान के लिए विशेष रूप से स्थापित सीएएस के तदर्थ प्रभाग ने विनेश की अपील स्वीकार ली थी। विनेश ने स्वर्ण विजेता सारा एन हिल्डेब्रांट के खिलाफ फाइनल की सुबह 100 ग्राम अधिक वजन होने के कारण अयोग्य ठहराकर बाहर किए जाने के खिलाफ अपील की थी। विनेश की जगह फाइनल में क्यूबा की पहलवान युस्नेलिस गुजमान लोपेज उतरीं, जो सेमीफाइनल में उनसे हार गई थीं। भारतीय पहलवान ने अपनी अपील में लोपेज के साथ संयुक्त रजत पदक दिए जाने की मांग की है क्योंकि मंगलवार को अपने मुकाबलों के दौरान उनका वजन निर्धारित सीमा के अंदर था।
आईओए को सकारात्मक समाधान की उम्मीद
आईओए ने एक बयान में कहा, भारतीय ओलंपिक संघ को उम्मीद है कि पहलवान विनेश फोगाट द्वारा खेल पंचाट के तदर्थ प्रभाग के समक्ष उनके वजन में विफलता के खिलाफ दायर आवेदन का सकारात्मक समाधान होगा। चूंकि मामला अभी विचाराधीन है तो आईओए इतना ही कह सकता है कि एकमात्र पंच डॉक्टर अनाबेल बेनेट एसी (ऑस्ट्रेलिया) ने सभी पक्षों विनेश फोगाट, युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू), अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) और आईओए की बात करीब तीन घंटे तक सुनी। एकमात्र पंच ने संकेत दिया कि आदेश का कार्यकारी हिस्सा जल्दी ही आएगा जबकि विस्तृत फैसला बाद में सुनाया जाएगा।
आईओए ने एक बयान में कहा, भारतीय ओलंपिक संघ को उम्मीद है कि पहलवान विनेश फोगाट द्वारा खेल पंचाट के तदर्थ प्रभाग के समक्ष उनके वजन में विफलता के खिलाफ दायर आवेदन का सकारात्मक समाधान होगा। चूंकि मामला अभी विचाराधीन है तो आईओए इतना ही कह सकता है कि एकमात्र पंच डॉक्टर अनाबेल बेनेट एसी (ऑस्ट्रेलिया) ने सभी पक्षों विनेश फोगाट, युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू), अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) और आईओए की बात करीब तीन घंटे तक सुनी। एकमात्र पंच ने संकेत दिया कि आदेश का कार्यकारी हिस्सा जल्दी ही आएगा जबकि विस्तृत फैसला बाद में सुनाया जाएगा।
आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने सुनवाई के दौरान सहयोग और दलीलों के लिए साल्वे, सिंघानिया और क्रीडा कानूनी टीम को धन्यवाद दिया। उषा ने कहा, आईओए मानता है कि विनेश का साथ देना उसका फर्ज है और मामले का नतीजा चाहे जो हो, हम उसके साथ खड़े हैं। हमें उसकी उपलब्धियों पर गर्व है।