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Hindi News ›   Sports ›   Paris Olympics 2024: MP Shivanis story is more painful than Vinesh, she did not get chance to play in Olympics

Paris Olympics: विनेश से ज्यादा दर्दनाक है मध्य प्रदेश की शिवानी की कहानी, नहीं मिला ओलंपिक में खेलने का मौका

Thu, 08 Aug 2024 06:43 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस Published by: Mayank Tripathi Updated Thu, 08 Aug 2024 06:43 PM IST
सार

मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्र छिंदवाड़ा के गांव उमरेठ की शिवानी भी राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन हैं। एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने तीन बार की विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता पहलवान को पटखनी दी थी और पदक जीता था।

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Paris Olympics 2024: MP Shivanis story is more painful than Vinesh, she did not get chance to play in Olympics
शिवानी पवार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय स्टार पहलवान विनेश फोगाट बुधवार को महिलाओं की 50 किग्रा कुश्ती स्पर्धा के फाइनल से बाहर हो गईं। उन्हें कैटेगरी से 100 ग्राम ज्यादा वजन होने की वजह से अयोग्य घोषित कर दिया गया। वहीं, गुरुवार को विनेश ने संन्यास का एलान कर दिया। इस घटनाक्रम ने पूरे देश को हैरान कर दिया, लेकिन आज हम आपको मध्य प्रदेश की महिला पहलवान शिवानी पवार के विषय में बताएंगे जिन्हें ओलंपिक में जाने का मौका नहीं मिला।
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मध्य प्रदेश की बेटी को नहीं मिला मौका
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के गांव उमरेठ की शिवानी भी राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन हैं। एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने तीन बार की विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता पहलवान को पटखनी दी थी और पदक जीता था। इस धमाकेदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें ओलंपिक में जाने का मौका नहीं मिला। शिवानी भी 50 किग्रा वर्ग में ही खेलती हैं, लेकिन ओलंपिक में भारत के प्रतिनिधित्व का जिम्मा विनेश फोगाट को मिला। हालांकि, विनेश 100 ग्राम वजन ज्यादा होने की वजह से अयोग्य घोषित कर दी गईं। शिवानी बीते तीन साल से ओलंपिक की तैयार कर रही थीं। हालांकि, रुकावटों ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया। किर्गिस्तान के बिश्चेक में हुई एशियाई महिला कुश्ती चैंपियनशिप में उन्होंने 50 किग्रा वर्ग में भारत के लिए कांस्य पदक जीता था। 
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'पदक नहीं मिलने का मुझे भी दुख'
अमर उजाला से बात करते हुए शिवानी ने विनेश के फाइनल से पहले बाहर होने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा, विनेश फाइनल मुकाबला जीतने की योग्यता रखती थीं, लेकिन वजन के कारण वह नहीं खेल पाईं। इसका बड़ा दुख है। वहीं, ट्रायल्स की प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए शिवानी ने कहा, नियमों के हिसाब से ट्रायल्स के माध्यम से चयन होता तो कुश्ती में स्वर्ण पदक देश की झोली में होता।
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शिवानी ने आगे कहा, मैं किसी विवादों में पड़ना नहीं चाहती। मुझे अपने खेल पर फोकस करना है। विनेश के अयोग्य करार होने से भारत के मुकाबले से बाहर होने का दुख है। मैं तो बस इतना कहना चाहूंगी कि सिस्टम के हिसाब से चयन होना चाहिए, लेकिन फिर इस तरह की स्थिति न बने।


विनेश को मिली तरजीह
दरअसल, चयन मुकाबले के दौरान नियमों को दरकिनार करते हुए 50 किलोग्राम वजन के लिए मुकाबला चार घंटे रोक दिया गया था। तब शिवानी ने विरोध किया तो मुकाबला हुआ, लेकिन पांच अंक आगे रहने के बावजूद शिवानी को कम अंक दिए गए और विनेश को विजेता घोषित कर दिया। शिवानी ने इसके खिलाफ भारतीय कुश्ती संघ व भारतीय ओलंपिक संघ में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, अब तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
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