{"_id":"6ad198c4375aa6858d00f8eb","slug":"para-athlete-simran-sharma-aims-to-make-amends-for-last-year-s-shattered-dreams-at-para-asian-games-2026-10-16","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पैरा एशियन गेम्स: पिछले साल जो सपना टूटा उसे स्वर्ण से भुलाना चाहेंगी पैरा एथलीट सिमरन, किस तरह ढूंढा रनर?","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
पैरा एशियन गेम्स: पिछले साल जो सपना टूटा उसे स्वर्ण से भुलाना चाहेंगी पैरा एथलीट सिमरन, किस तरह ढूंढा रनर?
Fri, 16 Oct 2026 08:53 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Fri, 16 Oct 2026 08:53 AM IST
सार
पैरा एशियन गेम्स का आयोजन अगले दो दिनों में होने जा रहा है। भारत को इस दौरान पैरा एथलीट सिमरन शर्मा से पदक लाने की उम्मीद होगी। सिमरन की नजरें स्वर्ण पदक पर होंगी।
विज्ञापन
सिमरन शर्मा
- फोटो : Photo: X/@ParalympicIndia
विस्तार
जापान में 18 से 24 अक्तूबर तक होने वाले एशियाई पैरा खेलों की तैयारी कर रहीं भारतीय पैरा एथलीट सिमरन शर्मा के लिए यह टूर्नामेंट केवल स्वर्ण जीतने तक सीमित नहीं है, उनके लिए यह पिछले साल मिले धोखे और सपना टूटने वाली यादों को भुलाने का एक मौका भी है।
विज्ञापन
Trending Videos
पल भर में गायब हुई थी खुशी
26 वर्षीय टी 12 श्रेणी की धाविका सिमरन पिछले साल नई दिल्ली में हुए विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर की चैंपियन थीं। उन्होंने 200 मीटर में रजत जीता था। लेकिन खुशी कुछ क्षण में ही गायब हो गई जब उनके पूर्व गाइड रनर उमर सैफी पर प्रतिबंधित पदार्थ के इस्तेमाल का आरोप लगा। पिछले खेलों में रजत जीतने वाली सिमरन ने साफ कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी। वह कहती हैं, कभी-कभी मैं बैठकर रोती हूं। अगर रिपोर्ट दो दिन पहले आ जाती तो मैं उनके साथ दौड़ती ही नहीं। राष्ट्रगान बजने का अनुभव अद्भुत था, लेकिन फिर लगा जैसे किसी ने सपना तोड़ दिया हो। उन्होंने सैफी की आर्थिक मदद भी की थी।
26 वर्षीय टी 12 श्रेणी की धाविका सिमरन पिछले साल नई दिल्ली में हुए विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर की चैंपियन थीं। उन्होंने 200 मीटर में रजत जीता था। लेकिन खुशी कुछ क्षण में ही गायब हो गई जब उनके पूर्व गाइड रनर उमर सैफी पर प्रतिबंधित पदार्थ के इस्तेमाल का आरोप लगा। पिछले खेलों में रजत जीतने वाली सिमरन ने साफ कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी। वह कहती हैं, कभी-कभी मैं बैठकर रोती हूं। अगर रिपोर्ट दो दिन पहले आ जाती तो मैं उनके साथ दौड़ती ही नहीं। राष्ट्रगान बजने का अनुभव अद्भुत था, लेकिन फिर लगा जैसे किसी ने सपना तोड़ दिया हो। उन्होंने सैफी की आर्थिक मदद भी की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोशल मीडिया से ढूंढा रनर
इस घटना के बाद सिमरन ने करीब छह हफ्ते प्रशिक्षण से ब्रेक लिया। फिर उन्होंने नए गाइड रनर की तलाश शुरू की और इंस्टाग्राम के जरिए शिवम से संपर्क हुआ। सिमरन और उनके पति-कोच गज्जू ने शिवम के 100 और 200 मीटर के वीडियो देखे और प्रभावित हुए। 2026 की शुरुआत में दोनों ने साथ ट्रेनिंग शुरू की। सिमरन ने कहा, जो कुछ हुआ उसके बाद मुझे नहीं पता था कि किस पर भरोसा करूं। आखिरकार मैंने उन पर भरोसा करने का फैसला किया। एथलेटिक्स के अलावा सिमरन मां की जिम्मेदारियों को भी निभा रही हैं। प्रतियोगिताओं की तैयारी में वे सात से महीने बच्चों से दूर हैं।
इस घटना के बाद सिमरन ने करीब छह हफ्ते प्रशिक्षण से ब्रेक लिया। फिर उन्होंने नए गाइड रनर की तलाश शुरू की और इंस्टाग्राम के जरिए शिवम से संपर्क हुआ। सिमरन और उनके पति-कोच गज्जू ने शिवम के 100 और 200 मीटर के वीडियो देखे और प्रभावित हुए। 2026 की शुरुआत में दोनों ने साथ ट्रेनिंग शुरू की। सिमरन ने कहा, जो कुछ हुआ उसके बाद मुझे नहीं पता था कि किस पर भरोसा करूं। आखिरकार मैंने उन पर भरोसा करने का फैसला किया। एथलेटिक्स के अलावा सिमरन मां की जिम्मेदारियों को भी निभा रही हैं। प्रतियोगिताओं की तैयारी में वे सात से महीने बच्चों से दूर हैं।
चौथी बार दावेदारी पेश करेंगे निरंजन मुकुंद
बंगलूरू के पैरा तैराक निरंजन मुकुंद एशियाई पैरा खेलों में चौथी बार भारत का प्रतिनिधित्व करने को तैयार हैं। 18 साल की उम्र में पदार्पण करने के 12 साल बाद भी वे उत्साहित हैं। स्पाइना बिफिडा के साथ जन्मे मुकुंद ने 19 सर्जरी करवाई और एक्वा थेरेपी से तैराकी शुरू की थी। वे कहते हैं, देश के लिए तिरंगा पहनना गर्व की बात है। पैरालंपिक्स, कॉमनवेल्थ और विश्व चैंपियनशिप का अनुभव रखने वाले मुकुंद ने इस स्पर्धा के लिए मलयेशिया में ऑस्ट्रेलियाई कोच के साथ पांच सप्ताह प्रशिक्षण लिया है।
बंगलूरू के पैरा तैराक निरंजन मुकुंद एशियाई पैरा खेलों में चौथी बार भारत का प्रतिनिधित्व करने को तैयार हैं। 18 साल की उम्र में पदार्पण करने के 12 साल बाद भी वे उत्साहित हैं। स्पाइना बिफिडा के साथ जन्मे मुकुंद ने 19 सर्जरी करवाई और एक्वा थेरेपी से तैराकी शुरू की थी। वे कहते हैं, देश के लिए तिरंगा पहनना गर्व की बात है। पैरालंपिक्स, कॉमनवेल्थ और विश्व चैंपियनशिप का अनुभव रखने वाले मुकुंद ने इस स्पर्धा के लिए मलयेशिया में ऑस्ट्रेलियाई कोच के साथ पांच सप्ताह प्रशिक्षण लिया है।