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Bula Chowdhury: इस पूर्व तैराक के पदक चुरा कर ले गए चोर, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- पहले भी चोरी हो चुकी
Sat, 16 Aug 2025 03:32 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sat, 16 Aug 2025 03:32 PM IST
सार
पूर्व तैराक ने आरोप लगाया कि चोरों ने सभी स्मृति चिन्ह भी चुरा लिए, लेकिन अर्जुन पुरस्कार और तेनजिंग नोर्गे पदक छोड़ गए।
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बुला चौधरी
- फोटो : ANI
विस्तार
पद्मश्री पुरस्कार विजेता पूर्व तैराक बुला चौधरी के पश्चिम बंगाल स्थित पैतृक घर से पदक चोरी हो गए। इसकी पुष्टि उन्होंने खुद की है। बुला ने कहा कि चोरों ने हुगली जिले में स्थित उनके पैतृक घर से पदक के साथ-साथ कई स्मृति चिन्ह भी चुरा लिए।
चौधरी ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में जो कुछ भी कमाया था, वह सब खो दिया। उन्होंने बताया, 'चोरों ने मेरी पूरी जिंदगी की मेहनत और लगन से कमाई गई हर चीज छीन ली है। एसएएएफ खेलों में जीते गए छह स्वर्ण पदक और पद्मश्री ब्रोच समेत सभी पदक चोरी हो गए हैं।'
पूर्व तैराक ने आरोप लगाया कि चोरों ने सभी स्मृति चिन्ह भी चुरा लिए, लेकिन अर्जुन पुरस्कार और तेनजिंग नोर्गे पदक छोड़ गए। उन्होंने कहा, 'शायद उन्होंने अर्जुन पुरस्कार और तेनजिंग नोर्गे पदकों को नहीं पहचाना, क्योंकि वे आकार में छोटे थे।'
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चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके हिंदमोटर स्थित आवास पर यह तीसरी चोरी थी, जहां ताला लगा रहता था और वह समय-समय पर वहां जाती रहती थीं। मौजूदा समय में कोलकाता के कस्बा इलाके में अपने परिवार के साथ रह रही चौधरी के पैतृक घर की देखभाल उनके भाई मिलन चौधरी करते हैं, जो कुछ दूरी पर रहते हैं और कभी-कभी घर का जायजा लेने आते हैं।
पुलिस ने बताया, 'स्वतंत्रता दिवस पर, जो छुट्टी का दिन था, मिलन अपनी बहन के कहने पर घर की सफाई करने गए थे। अंदर घुसते ही उन्हें पिछला दरवाजा टूटा हुआ और कमरों में तोड़फोड़ देखकर सदमा लगा।' चौधरी, जो खबर मिलते ही कोलकाता से उत्तरपाड़ा पहुंंचीं, ने याद किया कि पहले भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं और आरोप लगाया कि पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बावजूद, कोई उचित जांच नहीं की गई।
उन्होंने कहा, 'वे पदक क्यों ले रहे हैं? उन्हें उनके बदले कोई पैसा नहीं मिलेगा। वे मेरे जीवन की अनमोल धरोहर हैं, मेरे करियर का फल हैं। मेरे घर को हर बार इसलिए निशाना बनाया जाता है क्योंकि वह खाली रहता है।' एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
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चौधरी ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में जो कुछ भी कमाया था, वह सब खो दिया। उन्होंने बताया, 'चोरों ने मेरी पूरी जिंदगी की मेहनत और लगन से कमाई गई हर चीज छीन ली है। एसएएएफ खेलों में जीते गए छह स्वर्ण पदक और पद्मश्री ब्रोच समेत सभी पदक चोरी हो गए हैं।'
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पूर्व तैराक ने आरोप लगाया कि चोरों ने सभी स्मृति चिन्ह भी चुरा लिए, लेकिन अर्जुन पुरस्कार और तेनजिंग नोर्गे पदक छोड़ गए। उन्होंने कहा, 'शायद उन्होंने अर्जुन पुरस्कार और तेनजिंग नोर्गे पदकों को नहीं पहचाना, क्योंकि वे आकार में छोटे थे।'
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चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके हिंदमोटर स्थित आवास पर यह तीसरी चोरी थी, जहां ताला लगा रहता था और वह समय-समय पर वहां जाती रहती थीं। मौजूदा समय में कोलकाता के कस्बा इलाके में अपने परिवार के साथ रह रही चौधरी के पैतृक घर की देखभाल उनके भाई मिलन चौधरी करते हैं, जो कुछ दूरी पर रहते हैं और कभी-कभी घर का जायजा लेने आते हैं।
पुलिस ने बताया, 'स्वतंत्रता दिवस पर, जो छुट्टी का दिन था, मिलन अपनी बहन के कहने पर घर की सफाई करने गए थे। अंदर घुसते ही उन्हें पिछला दरवाजा टूटा हुआ और कमरों में तोड़फोड़ देखकर सदमा लगा।' चौधरी, जो खबर मिलते ही कोलकाता से उत्तरपाड़ा पहुंंचीं, ने याद किया कि पहले भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं और आरोप लगाया कि पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बावजूद, कोई उचित जांच नहीं की गई।
उन्होंने कहा, 'वे पदक क्यों ले रहे हैं? उन्हें उनके बदले कोई पैसा नहीं मिलेगा। वे मेरे जीवन की अनमोल धरोहर हैं, मेरे करियर का फल हैं। मेरे घर को हर बार इसलिए निशाना बनाया जाता है क्योंकि वह खाली रहता है।' एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।