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Wrestling Controversy: चुनाव के 24 घंटे बाद ही अध्यक्ष-महासचिव आमने-सामने, इस मामले को लेकर हुआ विवाद
Sat, 23 Dec 2023 01:16 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sat, 23 Dec 2023 01:16 PM IST
सार
लोचब के मुताबिक चैंपियनशिप आवंटित करने में नियमों का पालन नहीं किया गया। फैसला कार्यकारिणी ले सकती है और फैसले महासचिव के जरिए लिए जाने चाहिए।
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बृजभूषण शरण सिंह और संजय सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव के 24 घंटे बाद ही अध्यक्ष संजय सिंह और अनीता श्योराण गुट से चुने गए महासचिव प्रेमचंद लोचब आमने-सामने आ गए। लोचब ने शुक्रवार को अध्यक्ष को लिखे पत्र में अंडर-15 और अंडर-20 राष्ट्रीय चैंपियनशिप नंदिनी नगर में कराए जाने पर सवाल उठा दिए।
लोचब के मुताबिक चैंपियनशिप आवंटित करने में नियमों का पालन नहीं किया गया। फैसला कार्यकारिणी ले सकती है और फैसले महासचिव के जरिए लिए जाने चाहिए। लोचब चुनाव के तुरंत बाद हुई नए पदाधिकारियों की बैठक में शामिल नहीं हुए थे।
लोचब ने लिखा है कि कुछ राज्यों ने चैंपियनशिप के आवंटन पर आपत्ति जताई है। वहीं संजय सिंह का कहना है कि फैसले पहलवानों के हितों को ध्यान में रखकर लिए गए हैं। कोई नियम नहीं तोड़ा गया है। कुश्ती संघ के संविधान के अनुसार अध्यक्ष को फैसले लेने के अधिकार है और महासचिव इसे मानने के लिए बाध्य हैं।
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लोचब के मुताबिक चैंपियनशिप आवंटित करने में नियमों का पालन नहीं किया गया। फैसला कार्यकारिणी ले सकती है और फैसले महासचिव के जरिए लिए जाने चाहिए। लोचब चुनाव के तुरंत बाद हुई नए पदाधिकारियों की बैठक में शामिल नहीं हुए थे।
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लोचब ने लिखा है कि कुछ राज्यों ने चैंपियनशिप के आवंटन पर आपत्ति जताई है। वहीं संजय सिंह का कहना है कि फैसले पहलवानों के हितों को ध्यान में रखकर लिए गए हैं। कोई नियम नहीं तोड़ा गया है। कुश्ती संघ के संविधान के अनुसार अध्यक्ष को फैसले लेने के अधिकार है और महासचिव इसे मानने के लिए बाध्य हैं।
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