वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप: सेमीफाइनल में हारकर भी इतिहास रच गईं 'सुपरमॉम' मैरीकॉम
रूस के उलान उदे शहर में चल रही वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शनिवार को छह बार की चैंपियन एमसी मैरीकॉम (51 किलो) सेमीफाइनल में हार गईं। इस तरह अब उन्हें कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ेगा।
सेमीफाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त तुर्की की बुसेनाज साकिरोग्लू से 1-4 के अंतर से हराते हुए मैरीकॉम विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपने सातवें गोल्ड मेडल से चूक गईं। हालांकि गोल्ड से ठीक एक कदम पहले मिली हार के बाद भारत ने मैच रेफरी के निर्णय के खिलाफ अपील दर्ज कराई है।
#UPDATE India has appealed against the referee's decision which stated that Busenaz Cakiroglu of Turkey defeated Mary Kom https://t.co/QwhXvhRYAB
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 12, 2019
48 किलोग्राम भारवर्ग में छह बार विश्व चैम्पियन रह चुकीं मैरी का यह 51 किलोग्राम भार वर्ग में विश्व चैम्पियनशिप में पहला पदक है। वह हालांकि, इस भारवर्ग में 2014-एशियाई खेलों में स्वर्ण और 2018 कॉमनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। साथ ही इसी भार वर्ग में मैरी ने लंदन ओलंपिक 2012 में कांस्य जीता था।
मैरीकॉम ने ओलंपिक कांस्य पदक (2012), पांच एशियाई खिताब, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण भी जीता है। इस साल उन्होंने गुवाहाटी में इंडिया ओपन और इंडोनेशिया में प्रेसिडेंट ओपन में स्वर्ण पदक जीता। वह राज्यसभा सदस्य भी है।
हारकर भी इतिहास रच गईं मैरी कॉम
महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में मैरीकॉम का यह 8वां पदक है। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में कोलंबिया की इंग्रीट वालेंसिया को 5-0 से हराकर पदक पक्का कर लिया था। पुरुष और महिला दोनों विश्व चैम्पियनशिप की बात करें, तो मैरीकॉम ने सर्वाधिक 8 पदक (6 गोल्ड+1 सिल्वर +1 ब्रॉन्ज) अपने नाम कर लिए हैं। यानी महिला या पुरुषों दोनों वर्गों ने सर्वाधिक विश्व चैम्पियनशिप पदक अब मैरीकॉम के नाम हैं, उन्होंने पुरुष मुक्केबाज क्यूबा के फेलिक्स सेवॉन (1986-1999) को पीछे छोड़ा, जिनके नाम विश्व चैम्पियनशिप में 7 पदक (6 गोल्ड+ 1 सिल्वर) थे।