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सुशील के समर्थन में दाखिल किया गलत हलफनामा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 20 May 2016 08:54 PM IST
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सुशील कुमार के समर्थन में हलफनामा दाखिल करने वाले अपने ही उपाध्यक्ष को भारतीय कुश्ती संघ दिल्ली हाईकोर्ट में गलत ठहराने जा रही है। कुश्ती संघ का दावा है कि जिस हलफनामे को उनके उपाध्यक्ष ने हाईकोर्ट में दाखिल किया है वह गलत और तथ्यहीन है। अगर अदालत में यह साबित हो जाता है कि हलफनामा गलत है तो उपाध्यक्ष मुश्किल में घिर सकते हैं।
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सुशील कुमार ने ट्रायल के लिए हाईकोर्ट में जो केस दाखिल किया है उसका बड़ा आधार उपाध्यक्ष राज सिंह का उनके समर्थन में दाखिल किया गया हलफनामा है। जिसमें कहा गया है कि कुश्ती संघ ने 1996 के अटलांटा ओलंपिक में पहलवान भेजने के लिए जो ट्रायल कराए थे। वह उन्हीं की निगरानी में हुए थे और उस दौरान वह टीम के हेड कोच थे। ऐसे में रियो ओलंपिक के लिए भी सुशील का ट्रायल कराया जाना चाहिए।
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कुश्ती संघ ने अपना रिकार्ड खंगाल कर निकाला है कि ट्रायल के दौरान राज सिंह न तो हेड कोच थे और न ही उनकी निगरानी में यह ट्रायल हुए थे। कोटा नहीं बल्कि वाइल्ड कार्ड दिए जाने की स्थिति में हुए ट्रायल तत्कालीन अध्यक्ष जीएस मंडेर और चीफ कोच पीआर सोंधी की निगरानी में हुए। जिसमें सरकारी पर्यवेक्षक पहलवान करतार सिंह थे और साई पर्यवेक्षक अश्वनी कुमार थे। संघ अपने इस रिकार्ड को कोर्ट में पेश करने जा रहा है।
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