टोक्यो पैरालंपिक: डिस्कस थ्रोअर विनोद कुमार से छीना गया कांस्य पदक, जानें पूरा मामला
भारतीय डिस्कस थ्रोअर विनोद कुमार के कांस्य पदक को अमान्य घोषित कर दिया गया है। विनोद ने रविवार को ही पुरुषों की चक्का फेंक के एफ52 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था लेकिन कुछ देशों द्वारा विरोध जताने पर रिजल्ट को होल्ड पर रख दिया गया था।
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टोक्यो में जारी पैरालंपिक खेलों से भारत को लगातार खुशखबरी मिल रही है। भारतीय खिलाड़ी एक के बाद एक पदक अपने नाम कर रहे हैं। हालांकि इन सबके बीच देश को सोमवार को निराशा भी हाथ लगी है। देश की पदकों की झोली में से एक पदक कम हो गया है।
दरअसल भारतीय डिस्कस थ्रोअर विनोद कुमार के कांस्य पदक को विकार के क्लासीफिकेशन की वजह से अमान्य घोषित कर दिया गया है। विनोद ने रविवार को ही पुरुषों की चक्का फेंक के एफ52 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था लेकिन कुछ देशों द्वारा विरोध जताने पर रिजल्ट को होल्ड पर रख दिया गया था।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि एफ52 स्पर्धा में वो एथलीट हिस्सा लेते हैं जिनकी मांसपेशियों की क्षमता कमजोर होती है और उनके मूवमेंट सीमित होते हैं, हाथों में विकार होता है या पैर की लंबाई में अंतर होता है जिससे खिलाड़ी बैठकर प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेते हैं। आयोजकों ने 22 अगस्त को विनोद का क्लासिफिकेशन किया था।