सुपरमॉम मैरी कॉम का जज्बा कायम, बोलीं- मैं 40 की उम्र तक खेल सकती हूं
छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरी कॉम (51 किग्रा) टोक्यो ओलंपिक से भले ही बाहर हो गईं हों लेकिन उनका जज्बा अब भी कायम है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह 40 साल की उम्र तक खेल सकती हैं। बता दें कि सुपरमॉम मैरी कॉम को प्री क्वार्टरफाइनल में कोलंबिया की तीसरी वरीयता प्राप्त इंग्रिट वालेंसिया से हार का सामना करना पड़ा था। मैरीकॉम से जब वापसी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'हां हां, क्यों नहीं? खेलने की मेरी उम्र अभी बची है। मैं 40 की उम्र तक खेल सकती हूं।'
#WATCH | Yes, yes. Why not? I still have the age. I can play till 40: Boxer Mary Kom when asked about making a comeback pic.twitter.com/UHbqiHlIBP
— ANI (@ANI) July 31, 2021विज्ञापन
जीत का जश्न मना चुकी थीं मैरीकॉम
मैच के बाद सुपरमॉम ने कहा था कि जब उन्हें पता चला कि वो ओलंपिक से बाहर हो गई हैं तो वह काफी हैरान और परेशान थीं क्योंकि उन्हें दुर्भाग्यपूर्ण हार का सामना करना पड़ा। मैच के दो घंटे बाद मीडिया से बातचीत में मैरीकॉम ने कहा, 'मुझे लगा कि मैं जीत गई हूं, लेकिन कुछ समय बाद मैंने किरेन रिजिजू का ट्वीट देखा, मैं उस समय यह जानकर हैरान और परेशान थी कि मैं मैच हार गई हूं।'
अभी खेल से संन्यास लेने की कोई इच्छा नहीं - सुपरमॉम
जब रैफरी ने मुकाबले के अंत में वालेंसिया का हाथ ऊपर उठाया तो मैरीकॉम की आंखों में आंसू थे और चेहरे पर मुस्कान थी। इस निराशा के बावजूद मैरीकॉम ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनकी अभी खेल से संन्यास लेने की कोई इच्छा नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं अब भी लड़ सकती हूं, मैं अब भी काफी ताकतवर हूं। अगर आप में जज्बा है तो आप लड़ सकते हो, निश्चित रूप से अनुशासन के साथ ट्रेनिंग भी बहुत महत्वपूर्ण है। मैं 20 साल से मुक्केबाजी कर रही हूं।'
जर्सी विवाद
प्री-क्वॉर्टर फाइनल मैच में अपने मुकाबले को 2-3 से गंवाने के बाद मैरी कॉम ने कहा था, 'यह थोड़ा परेशान करने वाला था कि उन्होंने मुझे बाउट से ठीक पांच मिनट पहले ड्रेस बदलने के लिए कहा। उस समय दरअसल, मेरे नाम की घोषणा हो चुकी थी।' उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि मुझे परेशान करने के लिए यह जानबूझकर की गई कार्रवाई थी। मैंने पहले राउंड के मैच को इसी तरह के कपड़े में जीत दर्ज की थी। वहां भी मेरा नाम मेरी कॉम और भारत लिखा था।'