Tokyo Olympics: ओलंपिक में सतीश कुमार ने जीत से किया आगाज, जमैका के बॉक्सर को हराकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह
भारत के बॉक्सर सतीश कुमार ने टोक्यो ओलंपिक में जीत के साथा शुरुआत की। उन्होेेनें प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जमैका के बॉक्सर रिकॉर्डो ब्राउन को मात दी। इस जीत के साथ वह क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए।
विस्तार
भारत के बॉक्सर सतीश कुमार 91 किग्रा की स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं। उन्होंने 91 किग्रा भार वर्ग के अंतिम 16 में जमैका के रिकॉर्डो ब्राउन को हराया। सतीश ने प्री क्वार्टर फाइनल में जमैका के बॉक्सर रिकॉर्डो ब्राउन को 4-1 से हराया। उन्होंने ब्राउन को पहले राउंड में 5-0 और दूसरे राउंड में 4-1 से शिकस्त दी। सतीश मेडल जीतने से बस एक कदम दूर हैं। अब क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला उज्बेकिस्तान के बॉक्सर से होगा।
सतीश कुमार ने राउंड ऑफ 16 में पहला राउंड 30-27 के अंतर से जीता। दूसरे राउंड में भी उन्होंने इतनी ही अंतर से जीत दर्ज की। इस दौरान तीसरे राउंड में जमैका के बॉक्सर रिकॉर्डो ब्राउन ने वापसी की और भारतीय मुक्केबाज के खिलाफ 29-28 से जीत हासिल की। फिर चौथे राउंड में सतीश ने ब्राउन को 30-27 से पटखनी दी। इसके बाद जमैका का मुक्ककेबाज सतीश के पंच बर्दाश्त नहीं कर सका। पांचवें राउंड में सतीश 30-26 से आगे रहे। इस तरह उन्होंने पहले ओलंपिक में जीत के साथ शुरुआत की।
Satish ka Victory 👊
Satish Kumar advances to Quarter-Final. Wishing him the best for his next bout. Come on India, Lets #Cheer4India.#HumaraVictoryPunch #Olympics@PMOIndia @ianuragthakur @NisithPramanik @BFI_official @WeAreTeamIndia @IndiaSports @PIB_India @ddsportschannel pic.twitter.com/a5H8vTzdRwविज्ञापन विज्ञापन— SAIMedia (@Media_SAI) July 29, 2021
भारत के मुक्केबाजी इतिहास में यह पहली बार है जब कोई बॉक्सर हेवीवेट कैटेगरी में ओलंपिक स्पर्धा में भारत के लिए चुनौती पेश कर रहा है। सतीश कुमार ने जिस तरह से अपने डेब्यू मुकाबले में जमैका के मुक्केबाज रिकॉर्डो को धराशायी किया उसे देख उनसे पदक की उम्मीद जाग उठी है।
टोक्यो ओलंपिक में इस बार भारत को अपने मुक्केबाजों से पदक जीतने की बहुत उम्मीद है। मैरी कॉम, पूजा रानी, लवलीना बोरगोहेन, अमित पंघाल और सतीश कुमार अब तक देश की उम्मीदों पर खरे उतरे हैं। अब देखना होगा कि ओलंपिक में भारत के कितने बॉक्सर पदक जीतने में सफल होते हैं।